सामान्य विज्ञान: भौतिक विज्ञान एवं यांत्रिकी (भौतिक विज्ञान प्रश्नोत्तरी)

परिचय (Introduction)

भौतिक विज्ञान के अंतर्गत ‘यांत्रिकी’ (Mechanics) वह महत्वपूर्ण शाखा है जिसमें वस्तुओं की गति, उन पर लगने वाले बल और उनके प्रभावों का अध्ययन किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यांत्रिकी के मूलभूत सिद्धांत जैसे—न्यूटन के गति के नियम, गुरुत्वाकर्षण, त्वरण, विस्थापन, और विभिन्न भौतिक राशियों के मात्रक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। परीक्षाओं के नवीनतम पैटर्न और उच्च गुणवत्ता वाली पाठ्य सामग्री (High-Value Content) की मांग को ध्यान में रखते हुए, आपकी सभी इमेजेस के प्रामाणिक प्रश्नों को नीचे बिना किसी ऑटो-फॉर्मेटिंग बाधा के संकलित किया गया है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1: एक पैराशूटधारी 5000 मीटर की ऊँचाई से कूदता है। वायु प्रतिरोध (Air Resistance) के प्रभाव के कारण, गिरने वाले व्यक्ति के ‘वेग’ (V) और ‘दूरी’ (d) के बीच संबंध का सही आरेखीय निरूपण (Graphical Representation) कौन सा है?
(A) एक सीधी रेखा जो ऊपर की ओर जाती है
(B) एक वक्र जो शुरू में तेजी से बढ़ता है और फिर स्थिर हो जाता है
(C) एक सीधी रेखा जो नीचे की ओर आती है
(D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (B)
वैज्ञानिक व्याख्या: ऊंचाई से गिरते समय शुरू में गुरुत्वाकर्षण के कारण वेग तेजी से बढ़ता है। लेकिन जैसे-जैसे वेग बढ़ता है, वायु का प्रतिरोध (Drag Force) भी बढ़ने लगता है। अंत में वायु का प्रतिरोध और व्यक्ति का भार बराबर हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति एक नियत वेग प्राप्त कर लेता है, जिसे सीमांत वेग (Terminal Velocity) कहते हैं।


प्रश्न 2: गुरुत्व के अधीन विरामावस्था से मुक्त रूप से गिरने वाली किसी वस्तु के मामले में, ‘समय’ (t) में विस्थापन (d) का विचरण किस आरेख द्वारा सही प्रदर्शित किया जाता है?
(A) एक सीधी रेखा जो मूल बिंदु से ऊपर की ओर जाती है
(B) एक परवलय (Parabola) जो मूल बिंदु से ऊपर की ओर खुलता है
(C) एक क्षैतिज सीधी रेखा
(D) एक परवलय जो नीचे की ओर खुलता है
उत्तर: (B)
वैज्ञानिक व्याख्या: गति के द्वितीय समीकरण (d = ut + \frac{1}{2}gt^2) के अनुसार, विरामावस्था से गिरने पर u = 0 होता है। अतः d = \frac{1}{2}gt^2 बनता है। यहाँ विस्थापन (d), समय के वर्ग (t^2) के समानुपाती है (d \propto t^2), जो कि एक परवलय (Parabolic) ग्राफ को दर्शाता है।


प्रश्न 3: दिए गए आरेख में कोई लड़का बिंदु O पर खड़ा है और वह एक गेंद को सामान्य बल से तीन बार फेंकता है, परंतु हर बार वह गेंद को भूमि के साथ विभिन्न आनत कोणों पर प्रक्षेपित करता है। ऊँचाई और दूरी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?
(A) प्रक्षेप्य कोण जितना अधिक होगा, क्षैतिज परास उतनी ही अधिक होगी
(B) प्रक्षेप्य कोण जितना अधिक होगा, गेंद द्वारा प्राप्त अधिकतम ऊँचाई उतनी ही अधिक होगी
(C) ऊँचाई और दूरी का प्रक्षेप्य कोण से कोई संबंध नहीं है
(D) अधिकतम ऊँचाई हमेशा 45^\circ पर प्राप्त होती है
उत्तर: (B)
वैज्ञानिक व्याख्या: प्रक्षेप्य गति में अधिकतम ऊँचाई का सूत्र Y_{\text{max}} = \frac{v^2 \sin^2\theta}{2g} होता है। चूंकि ऊँचाई कोण (\sin\theta) के समानुपाती है, इसलिए जैसे-जैसे प्रक्षेप्य कोण (\theta) का मान बढ़ेगा, गेंद द्वारा प्राप्त की गई अधिकतम ऊंचाई भी बढ़ती जाएगी।


प्रश्न 4: एक चिकना आनत तल, क्षैतिज के साथ \theta कोण पर आनत है। एक पिंड विरामावस्था से मुक्त रूप से शीर्ष से नीचे की ओर फिसलता है। तल के निचले सिरे तक पिंड को पहुँचने में लगा समय कितना होगा?
(A) \sqrt{\frac{2h}{g}}
(B) \frac{1}{\sin\theta}\sqrt{\frac{2h}{g}}
(C) \sin\theta\sqrt{\frac{2h}{g}}
(D) \sqrt{\frac{2h}{g \sin\theta}}
उत्तर: (B)
वैज्ञानिक व्याख्या: आनत तल पर त्वरण a = g \sin\theta और लंबाई l = \frac{h}{\sin\theta} होती है। गति के समीकरण l = \frac{1}{2}at^2 में मान रखने पर समय t = \frac{1}{\sin\theta}\sqrt{\frac{2h}{g}} प्राप्त होता है।


प्रश्न 5: एक ऊँची इमारत से गेंद 9.8 \text{ मी./से.}^2 के एक समान त्वरण के साथ गिराई जाती है। 3 सेकंड के बाद उसका वेग क्या होगा?
(A) 9.8 \text{ m/s}
(B) 19.6 \text{ m/s}
(C) 29.4 \text{ m/s}
(D) 39.2 \text{ m/s}
उत्तर: (C)
वैज्ञानिक व्याख्या: गति के प्रथम समीकरण v = u + gt से; प्रारंभिक वेग u = 0, g = 9.8 \text{ m/s}^2 और समय t = 3 सेकंड है। अतः v = 0 + (9.8 \times 3) = 29.4 \text{ m/s}।


प्रश्न 6: कथन (A): एक पूर्णतः घर्षणहीन पृष्ठ पर खड़ा एक व्यक्ति सीटी बजाने से अपने को गति में ला सकता है। कारण (R): यदि किसी तंत्र पर कोई बाह्य बल क्रियाशील नहीं है, तो इसका संवेग परिवर्तित नहीं हो सकता।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है
(B) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(C) A सही है, परंतु R गलत है
(D) A गलत है, परंतु R सही है
उत्तर: (B)
वैज्ञानिक व्याख्या: कथन (A) न्यूटन के गति के तीसरे नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया) के कारण सही है। कारण (R) संवेग संरक्षण के नियम के कारण सही है, लेकिन यह सीधे तौर पर कथन A की व्याख्या नहीं करता क्योंकि सीटी बजाना आंतरिक बल से संबंधित है।


प्रश्न 7: एक वस्तु का पृथ्वी पर द्रव्यमान (Mass) 100 किग्रा है। अगर चंद्रमा पर गुरुत्वजनित त्वरण g_e/6 है, तो चंद्रमा पर वस्तु का द्रव्यमान क्या होगा?
(A) 100/6 किग्रा
(B) 60 किग्रा
(C) 100 किग्रा
(D) 600 किग्रा
उत्तर: (C)
वैज्ञानिक व्याख्या: द्रव्यमान (Mass) ब्रह्मांड में हर जगह स्थिर (Constant) रहता है क्योंकि यह पदार्थ की वास्तविक मात्रा है। स्थान बदलने पर केवल भार (Weight) बदलता है, द्रव्यमान कभी नहीं बदलता।


प्रश्न 8: भौतिकी में गति के ग्राफीय निरूपण के अंतर्गत, निम्नलिखित दूरी-समय आलेख (x-t) में से कौन सा एक आयामी समगति (Uniform Motion) को सही रूप से निरूपित करता है?
(A) एक वक्राकार रेखा जो नीचे से ऊपर जाती है
(B) एक अर्धवृत्ताकार वक्र रेखा
(C) एक सीधी ढाल वाली रेखा जो मूल बिंदु से ऊपर की ओर बढ़ती है
(D) एक वक्र जो नीचे की ओर घटता है
उत्तर: (C)
वैज्ञानिक व्याख्या: समगति (Uniform Motion) का अर्थ है समान समय में समान दूरी तय करना। इस स्थिति में दूरी और समय का आलेख हमेशा एक सीधी सरल रेखा (Straight Line) के रूप में मिलता है।


प्रश्न 9: कथन (A): पृथ्वी पर एक स्थान से बढ़ते हुए अक्षांश वाले दूसरे स्थान पर किसी वस्तु का वजन घटता है। कारण (R): पृथ्वी एक पूर्णतः गोला नहीं है।
(A) A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है
(B) A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
(C) A सही है, परंतु R गलत है
(D) A गलत है, परंतु R सही है
उत्तर: (D)
वैज्ञानिक व्याख्या: पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी है जिससे ध्रुवों पर त्रिज्या कम होती है। त्रिज्या कम होने से भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर (बढ़ते अक्षांश पर) जाने पर ‘g’ का मान बढ़ता है, जिससे वजन बढ़ता है, घटता नहीं। इसलिए कथन A गलत है।


प्रश्न 10: निम्न कथनों पर विचार कीजिए— एक तीक्ष्ण वृत्ताकार पथ पर तीव्र गति से जाता हुआ 4 पहियों वाला वाहन:

  1. बाहरी पहियों पर उलटेगा।
  2. अंदर के पहियों पर उलटेगा।
  3. बाहर की तरफ फिसलेगा।
  4. अंदर की तरफ फिसलेगा।
    सही कूट चुनिए:
    (A) 1 और 3
    (B) 2 और 4
    (C) 2 और 3
    (D) 1 और 4
    उत्तर: (C)
    वैज्ञानिक व्याख्या: मोड़ पर गाड़ी पर बाहर की तरफ अपकेंद्रीय बल लगता है। यदि गति बहुत तेज हो, तो गाड़ी बाहर की तरफ फिसलती है और अंदर वाले पहियों पर जमीन का दबाव घटने से वह अंदर के पहियों के सापेक्ष पलट जाती है।

  5. प्रश्न 11: तेल से अंशतः भरा हुआ तेल का एक टैंकर समतल सड़क पर आगे की ओर एकसमान त्वरण से जा रहा है। तेल का मुक्त पृष्ठ कैसा होगा?
    (A) क्षैतिज बना रहेगा
    (B) क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर कम गहराई होगी
    (C) क्षैतिज से इस प्रकार आनत होगा कि पिछले सिरे पर अधिक गहराई होगी
    (D) परवलयी वक्र का आकार लेगा
    उत्तर: (C)
    वैज्ञानिक व्याख्या: आगे की तरफ त्वरित होने के कारण तेल पर पीछे की ओर एक छद्म बल (Pseudo Force) कार्य करता है। इस जड़त्व के कारण तेल पीछे की ओर जमा हो जाता है, जिससे पिछले सिरे पर गहराई बढ़ जाती है।
    प्रश्न 12: यदि पृथ्वी का द्रव्यमान वही रहे और त्रिज्या 1% कम हो जाए, तब पृथ्वी के तल पर ‘g’ (गुरुत्वीय त्वरण) का मान—
    (A) 0.5% बढ़ जाएगा
    (B) 2% बढ़ जाएगा
    (C) 0.5% कम हो जाएगा
    (D) 2% कम हो जाएगा
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: सूत्र g = \frac{GM}{R^2} के अनुसार, गुरुत्वीय त्वरण त्रिज्या के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। एरर कैलकुलेशन के नियम से, यदि त्रिज्या 1% घटेगी, तो g का मान 2 \times 1\% = 2\% बढ़ जाएगा।
    प्रश्न 13: सड़क पर एक कार 60 किमी प्रति घंटा की एकसमान चाल से दौड़ रही है। कार पर लगने वाला कुल परिणामी बल (Net Resultant Force) क्या होगा?
    (A) चालन बल है जो कार की गति की दिशा में है
    (B) प्रतिरोधक बल है जो कार की गति की विपरीत दिशा में है
    (C) एक आनत बल है
    (D) शून्य के बराबर है
    उत्तर: (D)
    वैज्ञानिक व्याख्या: न्यूटन के प्रथम नियम के अनुसार, यदि कोई वस्तु एकसमान चाल से सीधी रेखा में चल रही है, तो उसकी गति में कोई त्वरण नहीं होता (a = 0)। जब त्वरण शून्य है, तो F = ma के अनुसार कुल परिणामी बल भी शून्य होगा।
    प्रश्न 14: एक गोलाकार पिंड एक वृत्तीय पथ पर एकसमान कोणीय वेग (\omega) से गतिमान है। वृत्तीय पथ की त्रिज्या r है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?
    (A) पिंड का कोई त्वरण नहीं है
    (B) पिंड का त्वरण \omega^2r के बराबर है जो पथ के केंद्र की ओर क्रियात्मक अनुदिश दिशा में है
    (C) पिंड का त्वरण v^2/r के बराबर है जो पथ के केंद्र से विपरीत दिशा में है
    (D) पिंड का त्वरण \omega^2r के बराबर है जो पथ की स्पर्शरेखीय दिशा में है
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: एकसमान वृत्तीय गति में दिशा बदलने के कारण केंद्र की ओर एक truve पैदा होता है, जिसे अभिकेंद्र त्वरण (Centripetal Acceleration) कहते हैं। इसका परिमाण a = \omega^2r होता है और दिशा केंद्र की तरफ होती है।
    प्रश्न 15: बल (Force) का S.I. मात्रक क्या है, जिसका प्रतीक ‘N’ है?
    (A) पास्कल
    (B) न्यूटन
    (C) वाट
    (D) जूल
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: बल का अंतर्राष्ट्रीय मात्रक (S.I. Unit) न्यूटन है। पास्कल दाब का, वाट शक्ति का और जूल कार्य व ऊर्जा का मात्रक होता है।
    प्रश्न 16: गैलीलियो के गिरते वस्तु के नियम को और किस नाम से जाना जाता है?
    (A) गति का नियम
    (B) न्यूटन का पहला नियम
    (C) न्यूटन का दूसरा नियम
    (D) न्यूटन का तीसरा नियम
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: गैलीलियो ने ही सबसे पहले जड़त्व (Inertia) का सिद्धांत दिया था, जिसे बाद में न्यूटन ने अपने गति के प्रथम नियम के रूप में स्थापित किया। इसलिए इसे न्यूटन का पहला नियम भी कहते हैं।

  6. प्रश्न 17: सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए:
  • A. उच्च वेग -> 1. मैक (Mach)
  • B. तरंगदैर्ध्य -> 2. एंग्स्ट्रॉम
  • C. दाब -> 3. पास्कल
  • D. ऊर्जा -> 4. जूल
    सही कूट विकल्प कौन सा है?
    (A) A-2, B-1, C-3, D-4
    (B) A-1, B-2, C-3, D-4
    (C) A-1, B-2, C-4, D-3
    (D) A-2, B-1, C-4, D-3
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: अति तीव्र चाल को मैक में, प्रकाश की तरंगदैर्ध्य को एंग्स्ट्रॉम में, वायुमंडलीय या सामान्य दाब को पास्कल में और ऊर्जा/कार्य को जूल में मापा जाता है।

  • प्रश्न 18: प्रकृति के ज्ञात बलों को चार वर्गों में विभाजित किया जा सकता है जैसे कि गुरुत्व, विद्युत-चुम्बकीय, दुर्बल नाभिकीय बल और प्रबल नाभिकीय बल। इनके संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही नहीं है?
    (A) गुरुत्व, चारों में से सबसे प्रबल है
    (B) विद्युत-चुम्बकत्व सिर्फ विद्युत आवेश वाले कणों पर क्रिया करता है
    (C) दुर्बल नाभिकीय बल रेडियोऐक्टिवता का कारण है
    (D) प्रबल नाभिकीय बल परमाणु के केंद्रक में प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों को धारित किए रखता है
    उत्तर: (A)
    वैज्ञानिक व्याख्या: गुरुत्वाकर्षण बल ब्रह्मांड का सबसे कमजोर (Weakest) बल है, जबकि प्रबल नाभिकीय बल सबसे शक्तिशाली होता है। इसलिए कथन A पूरी तरह गलत है।

  • प्रश्न 19: जब किसी बॉडी का वेग दोगुना कर दिया जाता है, तो निम्नलिखित में से क्या दोगुना हो जाता है?
    (A) इसका त्वरण
    (B) इसका संवेग (Momentum)
    (C) इसकी गतिज ऊर्जा
    (D) इसकी स्थितिज ऊर्जा
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: संवेग का सूत्र P = m \times v होता है। यहाँ संवेग सीधे वेग के समानुपाशन में है। इसलिए वेग को दोगुना करने पर संवेग भी दोगुना हो जाएगा।

  • प्रश्न 20: वृत्ताकार पथ के चारों ओर पिंड की गति किसका उदाहरण है?
    (A) समान वेग, परिवर्तित त्वरण
    (B) समान चाल, परिवर्तित वेग
    (C) समान चाल, समान वेग
    (D) परिवर्तित चाल, समान त्वरण
    उत्तर: (B)
    वैज्ञानिक व्याख्या: जब कोई वस्तु गोल रास्ते पर घूमती है, तो उसकी चाल (Speed) एक समान रह सकती है, लेकिन हर मोड़ पर दिशा बदलने के कारण उसका वेग (Velocity) लगातार बदलता रहता है।