रसायन विज्ञान के अंतर्गत धातु (Metals), अधातु (Non-metals) और उनके मिश्रण से बनने वाली मिश्र धातुओं (Alloys) का अध्ययन प्रतियोगी परीक्षाओं और दैनिक जीवन को समझने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीचे इस विषय से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न, उनके उत्तर और उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को विस्तार से समझाया गया है।
1. इस्पात और औद्योगिक मिश्र धातुएं
इस खंड में लोहे, स्टील, स्टेनलेस स्टील की कठोरता और उनमें विभिन्न तत्वों को मिलाने के वैज्ञानिक प्रभावों को समझाया गया है।
इस्पात का निर्माण और कठोरता
- प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन सा तत्व लोहे के साथ मिश्रित होने पर इस्पात (Steel) बनाता है जो उच्च ताप का प्रतिरोध कर सकता है और जिसमें उच्च कठोरता तथा अपघर्षक प्रतिरोधकता होती है?
- (A) एल्युमीनियम
- (B) क्रोमियम
- (C) निकेल
- (D) टंगस्टन
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: लोहे में क्रोमियम ($\text{Cr}$) मिलाने पर उच्च कोटि का स्टील बनता है जो जंग का विरोध करता है और उच्च तापमान को सहन करने की क्षमता रखता है।
स्टील में कार्बन का प्रभाव
- प्रश्न 7: स्टील की कठोरता प्रदान करने के लिए निम्नलिखित में से किसकी मात्रा बढ़ाई जाती है?
- (A) कार्बन की मात्रा
- (B) मैंगनीज की मात्रा
- (C) सिलिकॉन की मात्रा
- (D) क्रोमियम की मात्रा
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: इस्पात के साथ उचित मात्रा में मिश्रण मिलाकर उसे आवश्यक कठोरता, तन्यता और सुघट्यता प्रदान की जाती है। लोहे में जितना अधिक कार्बन मिलाते हैं, इस्पात उतना ही कठोर बनता जाता है।
स्टेनलेस स्टील (जंग रहित लोहा)
- प्रश्न 8: धब्बा रहित या जंग रहित लोहा (Stainless Steel) बनाने में प्रयुक्त होने वाली महत्वपूर्ण धातु कौन सी है?
- (A) एल्युमीनियम
- (B) कार्बन
- (C) क्रोमियम
- (D) टिन
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जंग रहित लोहा बनाने के लिए क्रोमियम को लोहे में मिश्रित किया जाता है, जिससे एक मिश्र धातु स्टेनलेस स्टील बनती है जो जंग रहित होती है।
स्टेनलेस स्टील के घटक
- प्रश्न 9: स्टील में स्टेनलेस स्टील प्राप्त करने के लिए उसमें कुछ तत्वों को मिलाकर उसे अधिक संशोधित किया जाता है। निम्न में से कौन इस कार्य के लिए प्रयुक्त नहीं किया जाता?
- (A) कार्बन
- (B) सिलिकॉन
- (C) मैंगनीज
- (D) निकेल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: स्टेनलेस स्टील में मुख्य रूप से आयरन (89.4%), क्रोमियम (10.0%), मैंगनीज (0.35%), और कार्बन (0.25%) होता है। इसमें सिलिकॉन नहीं मिलाया जाता है, जबकि अल्प मात्रा में निकेल (0.8%) मिलाया जाता है।
2. धातुओं के विशिष्ट गुण और शुद्धता मापन
विभिन्न धातुओं के विशिष्ट रंग, उनके गलनांक और प्राचीन काल से शुद्धता मापने के सिद्धांतों का विवरण।
एल्युमीनियम का एनोडीकरण
- प्रश्न 2: एल्युमीनियम पृष्ठ प्रायः ‘एनोडीकृत’ (Anodized) होते हैं। इसका अर्थ है इस पर किस रासायनिक परत का निक्षेपण होना?
- (A) क्रोमियम ऑक्साइड की परत का
- (B) एल्युमीनियम ऑक्साइड की परत का
- (C) निकेल ऑक्साइड की परत का
- (D) जिंक ऑक्साइड की परत का
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: एल्युमीनियम पृष्ठ प्रायः एनोडीकृत होते हैं क्योंकि एल्युमीनियम ऑक्साइड की परत बना लेता है। यह प्रक्रिया धीमे गति से होती है। एनोडीकृत धातु का क्षरण बंद हो जाता है और प्रतिरोध क्षमता बढ़ जाती है।
विशिष्ट रंग वाली धातुएं
- प्रश्न 4: वे कौन-सी दो धातुएं हैं जो देखने में सिल्वर (चांदी) के रंग की तरह सफेद या चमकदार नहीं होती हैं?
- (A) तांबा और सोना
- (B) निकेल और जिंक
- (C) सोडियम और मैग्नीशियम
- (D) पैलेडियम और प्लेटिनम
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: तांबा (लाल-भूरा) और सोना (पीला) विशिष्ट रंग की धातुएं हैं, जबकि निकेल, जिंक, प्लेटिनम आदि चांदी जैसे सफेद रंग के दिखते हैं।
धातु शुद्धता का निर्धारण
- प्रश्न 5: किसी धातु की शुद्धता का निर्धारण प्राचीन काल से किस वैज्ञानिक सिद्धांत की सहायता से किया जा सकता है?
- (A) पास्कल नियम
- (B) ब्वॉयल नियम
- (C) आर्किमिडीज का सिद्धांत
- (D) द्रव्यमान संरक्षण का सिद्धांत
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: धातु की शुद्धता का निर्धारण आर्किमिडीज के सिद्धांत द्वारा किया जा सकता है क्योंकि किसी पदार्थ का उत्प्लावन बल उसके घनत्व पर निर्भर करता है।
न्यूनतम गलनांक वाली धातु
- प्रश्न 6: निम्नलिखित में से किस धातु का गलनांक (Melting Point) सबसे कम होता है जो कमरे के तापमान के पास भी द्रव अवस्था में आ सकती है?
- (A) स्वर्ण
- (B) चांदी
- (C) पारा (Mercury)
- (D) तांबा
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चांदी, सोना तथा तांबे की तुलना में पारे का गलनांक सबसे कम ($-38.89^\circ\text{C}$) होता है।
3. सिल्वर (चांदी) भ्रम और प्रमुख मिश्र धातुएं
जर्मन सिल्वर का भ्रम और परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले मिश्र धातुओं के घटकों का मिलान।
जर्मन सिल्वर का सच
- प्रश्न 3: निम्नलिखित में से किस एक में ‘रजत’ (Silver/चांदी) तत्व शामिल नहीं होता है?
- (A) हॉर्न सिल्वर
- (B) जर्मन सिल्वर
- (C) रूबी सिल्वर
- (D) लूनर कास्टिक
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जर्मन सिल्वर केवल चांदी (रजत) की तरह चमकदार होती है किंतु इसमें चांदी नहीं होती है। यह कॉपर, निकेल और जिंक की मिश्र धातु होती है।
- प्रश्न 16: ‘जर्मन सिल्वर’ का उपयोग बनावटी वस्तुओं, मुद्रा धातु, आभूषण आदि के बनाने में होता है। इसको यह नाम देने का मुख्य कारण क्या है?
- (A) यह तांबे की मिश्र धातु है और इसमें चांदी एक घटक के रूप में होती है
- (B) चांदी का उपयोग सर्वप्रथम जर्मन लोगों ने किया
- (C) यह देखने में चांदी जैसी होती है
- (D) यह चांदी की मिश्रधातु है
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जर्मन सिल्वर तांबा, जस्ता और निकेल की मिश्र धातु है। यह चांदी जैसी दिखती है किंतु इसमें चांदी नहीं होती। 19वीं शताब्दी में इसका विकास जर्मन धातुविदों ने किया था।
मिश्रधातु और उनके घटक (सूची मिलान)
- प्रश्न 10: सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सही कूट का चयन कीजिए:
- सूची-I (मिश्रधातु): A. सोल्डर, B. पीतल, C. कांसा, D. इस्पात
- सूची-II (घटक): 1. लोहा और कार्बन, 2. तांबा और जस्ता, 3. तांबा और टिन, 4. सीसा और टिन
- (A) A-1, B-2, C-3, D-4
- (B) A-4, B-2, C-3, D-1
- (C) A-1, B-3, C-2, D-4
- (D) A-4, B-3, C-2, D-1
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सही मिलान इस प्रकार है: सोल्डर = सीसा और टिन; पीतल = तांबा और जस्ता; कांसा = तांबा और टिन; इस्पात = लोहा और कार्बन।
4. दैनिक जीवन और आधुनिक तकनीक में धातुओं का अनुप्रयोग
जहाज निर्माण, मोबाइल बैटरी, विद्युत फिलामेंट और मानक प्रतिरोधकों में धातुओं का व्यावहारिक अनुप्रयोग।
नौका निर्माण में प्रयुक्त धातु
- प्रश्न 11: निम्नलिखित धातुओं में से कौन-सी एक, नौकाओं (Ships) के निर्माण में इस्तेमाल होती है, क्योंकि यह समुद्री जल से संक्षारित (जंग लगना) नहीं होती?
- (A) टंगस्टन
- (B) निकेल
- (C) एंटीमनी
- (D) टाइटेनियम
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: टाइटेनियम का उपयोग पानी के जहाजों (नौकाओं) के निर्माण में किया जाता है क्योंकि यह समुद्री जल द्वारा संक्षारित नहीं होती है।
खाद्य डिब्बों की कोटिंग
- प्रश्न 12: खाद्य डिब्बों को टिन से लेपित किया जाता है, किन्तु जस्ता (जिंक) से नहीं, क्योंकि:
- (A) जस्ता, टिन की अपेक्षा महंगा होता है
- (B) जस्ते का गलनांक टिन के गलनांक से अधिक होता है
- (C) जस्ता, टिन की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील होता है
- (D) टिन, जस्ते की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील होता है
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: खाद्य डिब्बों को टिन से पैक किया जाता है किंतु जस्ते से नहीं, क्योंकि जस्ता टिन की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील होता है और भोजन के साथ रसायनिक क्रिया कर सकता है।
मोबाइल फोन की बैटरी
- प्रश्न 13: मोबाइल फोन की बैटरी में निम्नलिखित में से कौन-सी एक धातु मुख्यतः उपयोग में लाई जाती है?
- (A) ताम्र (कॉपर)
- (B) जस्ता (जिंक)
- (C) निकेल
- (D) लिथियम
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मोबाइल फोन की बैटरी में लिथियम आयन बैटरी का प्रयोग किया जाता है। लिथियम आयन बैटरी कम स्थान में ज्यादा ऊर्जा को संचित करती है।
मानक प्रतिरोधक (Standard Resistors)
- प्रश्न 14: किसी तार परिषद मानक प्रतिरोधक में मैंगनीन या कान्सटेन्टन का उपयोग होता है। इसका मुख्य कारण क्या है?
- (A) ये मिश्रधातुएँ सस्ती और सुगमता से उपलब्ध हैं
- (B) इनकी उच्च प्रतिरोधकता होती है
- (C) इनकी अल्प प्रतिरोधकता होती है
- (D) इनकी प्रतिरोधकता ताप के साथ लगभग अपरिवर्तित बनी रहती है
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: किसी तार प्रतिरोध मानक प्रतिरोधक में मैंगनीन या कान्सटेन्टन का प्रयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि इसकी प्रतिरोधकता ताप के साथ लगभग अपरिवर्तित बनी रहती है।
बल्ब का फिलामेंट
- प्रश्न 19: घरेलू बिजली के बल्बों का फिलामेंट (Filament) किस धातु का बना होता है जिसका गलनांक अत्यधिक उच्च होता है?
- (A) लोहा
- (B) तांबा
- (C) टंगस्टन
- (D) सीसा
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: टंगस्टन के उच्च गलनांक ($\approx 3422^\circ\text{C}$) के कारण विद्युत बल्ब के फिलामेंट का निर्माण इसी धातु से किया जाता है।
5. अत्यधिक सक्रिय तत्वों का संग्रहण एवं सुरक्षा
वायु और जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करने वाले तत्वों (जैसे सोडियम और फॉस्फोरस) को सुरक्षित रखने की विधियाँ।
सोडियम का संग्रहण
- प्रश्न 15: अत्यधिक सक्रिय होने के कारण सोडियम धातु का संग्रहण (Storage) निम्नलिखित में से किसमें करना चाहिए?
- (A) अल्कोहल में
- (B) मिट्टी का तेल (केरोसिन ऑयल) में
- (C) जल में
- (D) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सोडियम सक्रिय धातु है जो वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से क्रिया करके सोडियम ऑक्साइड बनाती है और पानी से क्रिया करके आग पकड़ लेती है। इसलिए इसे केरोसिन तेल में डुबो कर सुरक्षित रखते हैं।
श्वेत फॉस्फोरस की सुरक्षा
- प्रश्न 17: श्वेत फॉस्फोरस सामान्यतः बहुत अधिक क्रियाशील और ज्वलनशील अधातु है। इसके अंतर्गत इसे कहाँ सुरक्षित रखा जाता है?
- (A) ग्लिसरीन में
- (B) मिट्टी का तेल में
- (C) अल्कोहल में
- (D) जल के अंदर
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: श्वेत फॉस्फोरस सामान्यतः हवा में स्वतः जलने लगता है। यह जल में अघुलनशील होता है, इसलिए इसे जल के अंदर डुबोकर सुरक्षित रखा जाता है।
6. धातुकर्म प्रक्रियाएं, अमलगम और लोहे के रूप
अयस्कों के प्रसंस्करण की विधियाँ, पारद मिश्र धातुएं (अमलगम) और लोहे के विभिन्न रूपों की शुद्धता।
निस्तापन (Calcination)
- प्रश्न 18: किसी अयस्क को, वायु की अनुपस्थिति में उसके गलन-बिंदु से कम ताप तक गर्म करने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
- (A) निस्तापन (Calcination)
- (B) भर्जन (Roasting)
- (C) प्रगलन
- (D) अधिशोषण
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: निस्तापन वह प्रक्रिया है जिसमें किसी अयस्क को वायु की अनुपस्थिति या सीमित मात्रा में उसके गलनांक से कम ताप तक गर्म किया जाता है।
अमलगम (Amalgam)
- प्रश्न 20: अमलगम (Amalgam) ऐसी मिश्रधातु है, जिसमें आधार धातु हमेशा कौन सी होती है?
- (A) एल्युमीनियम
- (B) पारा (Mercury)
- (C) जस्ता
- (D) तांबा
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: आधार धातु पारे ($\text{Hg}$) का उपयोग अमलगम बनाने के लिए किया जाता है। पारे के साथ किसी अन्य धातु के मिश्रण को अमलगम कहते हैं।
लोहे का जस्तीकरण (Galvanization)
- प्रश्न 21: आयरन (लोहे) को जंग लगने से रोकने के लिए कौन सी प्रक्रिया सबसे अधिक लाभकारी और व्यावहारिक है?
- (A) एनीलन
- (B) ग्रीस लगाना
- (C) जस्ता चढ़ाना (Galvanization)
- (D) पेन्ट करना
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: लोहे पर जस्ता की परत चढ़ाना (जस्तीकरण) जंग से बचाने की सबसे दीर्घकालिक और प्रभावी रासायनिक विधि है।
लोहे का शुद्धतम रूप
- प्रश्न 22: प्रकृति में शुद्ध रूप से मिलने वाले लोहे का सबसे शुद्धतम रूप कौन सा माना जाता है जिसमें कार्बन की मात्रा न्यूनतम होती है?
- (A) स्टील
- (B) ढलवां लोहा
- (C) कच्चा लोहा
- (D) पिटवा लोहा (Wrought Iron)
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: पिटवा लोहे में कार्बन की मात्रा अत्यंत अल्प (0.12 से 0.25%) होती है, अतः यह अन्य प्रकार के लोहे की तुलना में शुद्ध होता है।