सामान्य विज्ञान के अंतर्गत रसायन विज्ञान के सबसे महत्वपूर्ण अध्याय ‘अम्ल, क्षार और लवण’ (Acids, Bases & Salts), उनके pH मान, दैनिक जीवन में उपयोग और रासायनिक अभिक्रियाओं पर आधारित 25 चुनिंदा प्रश्न उत्तर सहित यहाँ पढ़ें।
1. विशिष्ट अम्लीय मिश्रण और उनके व्यावहारिक प्रभाव
इस खंड में हम अम्लों की विशेष रासायनिक क्रियाओं, अम्ल वर्षा और मानव शरीर पर उनके प्रभावों को समझेंगे।
एक्वा रेजिया (अम्लराज) का निर्माण
- प्रश्न 1: स्वर्णकारों (सुनारों) द्वारा आभूषण बनाने की प्रक्रिया में प्रयुक्त होने वाला ‘एक्वा रेजिया’ (अम्लराज) निम्नलिखित में से किसका मिश्रण होता है?
- (A) सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल
- (B) सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सांद्र नाइट्रिक अम्ल
- (C) टार्टरिक अम्ल और एसिटिक अम्ल
- (D) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और सल्फ्यूरिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: एक्वा रेजिया (अम्लराज) 3:1 के अनुपात में सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) का एक अत्यंत शक्तिशाली ताज़ा मिश्रण होता है। यह इतना सक्रिय होता है कि सोना और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी अपने अंदर घोल लेता है।
पर्यावरण पर अम्ल वर्षा का प्रभाव
- प्रश्न 2: वायुमंडल में मानवीय गतिविधियों के कारण भारी मात्रा में उत्सर्जित सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स वर्षा के जल में घुलकर पर्यावरण को कैसे प्रभावित करते हैं?
- (A) वे जल को पूरी तरह उदासीन बना देते हैं
- (B) वे अत्यधिक विनाशकारी अम्ल वर्षा (Acid Rain) का निर्माण करते हैं
- (C) वे जल के हिमांक को बढ़ा देते हैं
- (D) वे जल को पीने योग्य मीठा बनाते हैं
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: प्राकृतिक रूप से या प्रदूषण के कारण हवा में मौजूद सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड्स बादलों के पानी के साथ रासायनिक क्रिया करके सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$) और नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) बनाते हैं। यह मिश्रण जब जमीन पर गिरता है, तो इसे ‘अम्ल वर्षा’ कहा जाता है जो स्मारकों और मिट्टी को नुकसान पहुँचाती है।
अम्लीय वर्षा के लिए जिम्मेदार गैसें
- प्रश्न 10: अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के निर्माण के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार दो प्रमुख रासायनिक गैसें कौन सी हैं जो फैक्टरियों से निकलती हैं?
- (A) ऑक्सीजन और नाइट्रोजन
- (B) सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ( $SO_2$ और $NO_2$ )
- (C) मेथेन और ओजोन
- (D) carbon monoxide और हीलियम
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: कारखानों और वाहनों से निकलने वाली सल्फर डाइऑक्साइड ($SO_2$) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($NO_2$) गैसें वायुमंडलीय ऑक्सीजन और नमी के साथ मिलकर क्रमशः सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जो वर्षा को अम्लीय बनाते हैं।
अम्ल को तनु (Dilute) करने की सही विधि
- प्रश्न 24: विज्ञान प्रयोगशाला में सल्फ्यूरिक अम्ल को तनु (Dilute) करते समय हमेशा पानी में बूंद-बूंद करके अम्ल मिलाया जाता है, न कि अम्ल में पानी, क्यों?
- (A) क्योंकि अम्ल में पानी मिलाने पर कोई क्रिया नहीं होती
- (B) क्योंकि यह अभिक्रिया अत्यंत ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है और अम्ल छिटककर बाहर आ सकता है
- (C) क्योंकि पानी बहुत महंगा होता है
- (D) क्योंकि इससे अम्ल का रंग बदल जाता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल और जल का मिलना एक अत्यधिक तीव्र ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया है। यदि सांद्र अम्ल में पानी डाला जाएगा, तो अचानक अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होने के कारण पानी तुरंत वाष्प में बदलकर अम्ल को बाहर उछाल देगा, जिससे चेहरा या हाथ गंभीर रूप से जल सकते हैं।
2. निर्माण उद्योगों में कैल्शियम और जिप्सम यौगिक
प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) का रूपांतरण
- प्रश्न 3: जब जिप्सम को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया जाता है, तो वह प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) में बदल जाता है। यह प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी के संपर्क में आने पर पुनः किसमें परिवर्तित हो जाता है?
- (A) बुझा हुआ चूना
- (B) कड़ा और ठोस जिप्सम (Gypsum)
- (C) ब्लीचिंग पाउडर
- (D) सादा नमक
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: प्लास्टर ऑफ पेरिस ($CaSO_4\cdot\frac{1}{2}H_2O$) पानी के संपर्क में आते ही बहुत तेजी से जल को सोख लेता है और एक अत्यधिक कड़े ठोस पदार्थ ‘जिप्सम’ ($CaSO_4\cdot2H_2O$) में बदल जाता है। इसी गुण के कारण इसका उपयोग टूटी हड्डियों पर प्लास्टर चढ़ाने और मूर्तियां बनाने में होता है।
सीमेंट उद्योग में जिप्सम की भूमिका
- प्रश्न 4: सीमेंट के औद्योगिक निर्माण के समय उसमें अंतिम चरणों में जिप्सम ($CaSO_4\cdot2H_2O$) क्यों मिलाया जाता है?
- (A) सीमेंट की मजबूती को कई गुना बढ़ाने के लिए
- (B) सीमेंट के जमने (Settling) की दर को धीमा या कम करने के लिए
- (C) सीमेंट का रंग साफ करने के लिए
- (D) सीमेंट को जल्दी सुखाने के लिए
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जिप्सम सीमेंट के प्रारंभिक जमने के समय (Setting Time) को बढ़ा देता है। यदि सीमेंट में जिप्सम न मिलाया जाए, तो पानी मिलाते ही वह बहुत तेजी से जम जाएगा, जिससे राजमिस्त्रियों को निर्माण कार्य करने और दीवारों पर प्लास्टर लगाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा।
3. मानव जैविक तंत्र और दैनिक जीवन में pH का महत्व
मानव रक्त (Human Blood) का pH मान
- प्रश्न 5: एक स्वस्थ मानव के शरीर में परिसंचरण करने वाले रक्त (Human Blood) का pH मान साधारणतः कितना होता है?
- (A) 4.5 से 5.5
- (B) 5.5 से 6.5
- (C) 7.35 से 7.45 (हल्का क्षारीय)
- (D) 8.5 से 9.0
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मानव रक्त का औसत pH मान 7.4 होता है, जो कि प्रकृति में थोड़ा (हल्का) क्षारीय होता है। हमारे शरीर का जैविक तंत्र इस pH मान के बहुत छोटे दायरे में ही कुशलतापूर्वक कार्य कर सकता है।
जल में $CO_2$ घुलने का प्रभाव
- प्रश्न 6: सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जब कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) गैस शुद्ध जल में घुलती है, तो बनने वाले विलयन का pH मान हवा के प्रभाव से कैसा हो जाता है?
- (A) जल में घुलकर यह थोड़ा अम्लीय हो जाता है और pH घट जाता है
- (B) जल पूरी तरह से तीव्र क्षारीय हो जाता है
- (C) pH मान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता
- (D) जल वाष्पीकृत होकर उड़ जाता है
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड जल के साथ क्रिया करके ‘कार्बोनिक अम्ल’ ($H_2CO_3$) का निर्माण करती है। चूंकि यह एक कमजोर अम्ल है, इसलिए यह जल में मुक्त हाइड्रोजन आयन ($H^+$) छोड़ता है जिससे शुद्ध जल का pH मान 7 से थोड़ा कम (अम्लीय) हो जाता है।
शुद्ध आसुत जल (Distilled Water) का pH
- प्रश्न 16: पूर्ण रूप से शुद्ध और अशुद्धियों से मुक्त किए गए बहु-आसुत जल (Pure Distilled Water) के एक आदर्श नमूने का pH मान कमरे के तापमान पर कितना होता है?
- (A) शून्य (0)
- (B) ठीक सात (7 – उदासीन)
- (C) चौदह (14)
- (D) एक (1)
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: शुद्ध जल पूरी तरह से उदासीन (Neutral) होता है। इसमें हाइड्रोजन आयनों ($H^+$) और हाइड्रोक्साइड आयनों ($OH^-$) की सांद्रता बिल्कुल बराबर होती है, जिसके कारण इसका pH मान ठीक 7 होता है।
दाँतों की सुरक्षा और टूथपेस्ट का स्वभाव
- प्रश्न 19: हमारे दाँतों की सुरक्षा और मसूड़ों को साफ रखने के लिए प्रयुक्त होने वाले अच्छे टूथपेस्ट (Toothpaste) का रासायनिक स्वभाव कैसा होना चाहिए?
- (A) तीव्र अम्लीय
- (B) पूरी तरह उदासीन
- (C) हल्का क्षारीय (Basic)
- (D) अत्यधिक संक्षारक
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मुँह के भीतर भोजन के कणों के सड़ने से बैक्टीरिया अम्ल बनाते हैं, जो दाँतों के इनेमल (कैल्शियम फॉस्फेट) को नष्ट करने लगते हैं। टूथपेस्ट की प्रकृति हल्की क्षारीय होती है ताकि वह मुँह के इस हानिकारक अतिरिक्त अम्ल को उदासीन करके दाँतों की सड़न को रोक सके।
4. अम्लों और क्षारों के मूलभूत सिद्धांत एवं अपवाद
क्षारों की विलेयता का सत्य
- प्रश्न 7: अम्लों और क्षारों के संदर्भ में रासायनिक सिद्धांतों के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन पूरी तरह से असत्य (गलत) है?
- (A) अम्ल नीले लिटमस को लाल कर देते हैं
- (B) क्षार स्वाद में कड़वे या तीखे होते हैं
- (C) अम्ल और क्षार परस्पर क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं
- (D) सभी क्षार जल में पूरी तरह घुलनशील होते हैं
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सभी अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं और क्षार कड़वे होते हैं। यह कथन गलत है कि सभी क्षार जल में घुलनशील होते हैं; केवल वे क्षार जो जल में घुलनशील होते हैं, उन्हें विशेष रूप से ‘क्षारक’ (Alkali) कहा जाता है।
अम्लीय जल में साबुन का व्यवहार
- प्रश्न 8: साधारण साबुन (Soap) का उपयोग अत्यधिक अम्लीय जल (Acidic Water) या कठोर जल में कपड़े धोने के लिए क्यों नहीं किया जा सकता?
- (A) क्योंकि अम्ल साबुन को पूरी तरह वाष्पीकृत कर देता है
- (B) क्योंकि अम्लीय माध्यम में साबुन अघुलनशील मुक्त वसीय अम्लों में अवक्षेपित हो जाता है जिससे झाग नहीं बनता
- (C) क्योंकि साबुन जल को कड़ा बना देता है
- (D) क्योंकि साबुन का रंग बदल जाता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: साबुन उच्च वसीय अम्लों के सोडियम लवण होते हैं। जब इन्हें अम्लीय जल में डाला जाता है, तो अम्ल के $H^+$ आयन साबुन से क्रिया करके अघुलनशील उच्च वसीय अम्ल (जैसे स्टीयरिक अम्ल) बना देते हैं जो पानी के ऊपर तैरने लगते हैं और झाग नहीं बनने देते।
लिटमस पत्र पर घोलों का प्रभाव
- प्रश्न 11: यदि आपके पास तीन अलग-अलग घोल (अम्ल, क्षार और लवण) हैं, तो निम्नलिखित में से कौन सा घोल नीले लिटमस पत्र के रंग को बदलकर लाल नहीं करेगा?
- (A) नींबू का रस (अम्लीय घोल)
- (B) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
- (C) साधारण नमक का घोल या क्षारीय घोल
- (D) सिरका
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: अम्ल का मुख्य गुण यह है कि वह नीले लिटमस को लाल कर देता. साधारण नमक का घोल उदासीन होता है और क्षारीय घोल लाल लिटमस को नीला करते हैं, अतः वे नीले लिटमस पर कोई प्रभाव नहीं डालेंगे या उसे लाल नहीं करेंगे।
फेरिक क्लोराइड विलयन का pH मान
- प्रश्न 20: रासायनिक लवणों के जलीय विलयन के सिद्धांतों के आधार पर निम्नलिखित में से किस एक विलयन का pH मान 7 से कम (अम्लीय) होगा?
- (A) सोडियम क्लोराइड (NaCl) का विलयन
- (B) फेरिक क्लोराइड ($FeCl_3$) का विलयन
- (C) पोटैशियम क्लोराइड (KCl) का जलीय विलयन
- (D) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: फेरिक क्लोराइड ($FeCl_3$) एक दुर्बल क्षार और तीव्र अम्ल से बना लवण है। जल में घोले जाने पर इसका जलीय अपघटन (Hydrolysis) होता है जिससे हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनता है, जो विलयन को अम्लीय बना देता है और इसका pH 7 से कम हो जाता है।
5. कृषि विज्ञान में मृदा उपचार के सिद्धांत
लवणीय और अम्लीय मिट्टी का उपचार
- प्रश्न 9: भारत के कई हिस्सों में किसानों द्वारा अत्यधिक ‘नूना’ या लवणीय/अम्लीय हो चुकी मिट्टी में कृषि करने से पहले चूना (Lime) क्यों मिलाया जाता है?
- (A) मिट्टी की नमी को पूरी तरह सुखाने के लिए
- (B) मिट्टी की अत्यधिक अम्लता को उदासीन करने के लिए
- (C) मिट्टी के रंग को सफेद करने के लिए
- (D) कीड़ों को आकर्षित करने के लिए
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चूना (कैल्शियम कार्बोनेट या कैल्शियम हाइड्रोक्साइड) स्वभाव से एक क्षारीय पदार्थ है। जब इसे अम्लीय मिट्टी में मिलाया जाता है, तो यह मिट्टी के भीतर मौजूद अतिरिक्त अम्लों को उदासीन (Neutralize) करके फसलों के उगने के लिए मिट्टी को अनुकूल बना देता है।
डोलोमाइट चूर्ण (Dolomite Powder) का उपयोग
- प्रश्न 14: कृषि विज्ञान में मिट्टी के उपचार के दौरान कुछ विशेष भूमियों में ‘डोलोमाइट चूर्ण’ (Dolomite Powder) का छिड़काव करने का मुख्य वैज्ञानिक उद्देश्य क्या होता है?
- (A) मिट्टी के वाष्पीकरण को रोकना
- (B) मिट्टी की अत्यधिक अम्लता (कम pH) को बढ़ाकर संतुलित करना
- (C) मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा घटाना
- (D) फसलों को कड़ा बनाना
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: डोलोमाइट रासायनिक रूप से कैल्शियम मैग्नीशियम कार्बोनेट [$CaMg(CO_3)_2$] होता है। अपनी क्षारीय प्रकृति के कारण यह मिट्टी के pH मान को बढ़ाने (अम्लता को कम करने) में मदद करता है और पौधों को कैल्शियम व मैग्नीशियम पोषक तत्व भी देता है।
6. औषधियाँ और घरेलू एंटासिड रसायन
सौम्य क्षारीय लवण: बेकिंग सोडा
- प्रश्न 12: रसोईघर और औषधियों में प्रयुक्त होने वाले बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट – $NaHCO_3$) के रासायनिक स्वभाव के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?
- (A) यह पेट की अम्लता को दूर करने वाला एक बेहतरीन एंटासिड है
- (B) यह जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है
- (C) इसे गर्म करने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुक्त होती है
- (D) यह स्वभाव से एक अत्यंत तीव्र और संक्षारक (त्वचा जलाने वाला) अम्ल है
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: बेकिंग सोडा एक सौम्य क्षारीय लवण है, न कि कोई संक्षारक अम्ल। यह पेट की अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की मात्रा को सुरक्षित रूप से उदासीन करके एसिडिटी से राहत दिलाता है।
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया [Mg(OH)2]
- प्रश्न 13: अत्यधिक तला-भुना या मसालेदार खाना खाने के बाद पेट में होने वाली एसिडिटी और जलन (Indigestion) के उपचार के लिए डॉक्टरों द्वारा दिया जाने वाला ‘मिल्क ऑफ मैग्नीशिया’ रासायनिक रूप से क्या है?
- (A) मैग्नीशियम सल्फेट
- (B) मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड [ $Mg(OH)_2$ ]
- (C) कैल्शियम कार्बोनेट
- (D) सोडियम क्लोराइड
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया वास्तव में मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड [$Mg(OH)_2$] का एक जलीय निलंबन है। यह एक दुर्बल क्षारक है जो पेट में जाकर अत्यधिक मात्रा में बने हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) को उदासीन कर देता है।
7. प्रयोगशाला गणना और प्राकृतिक अम्ल
विलयन की नॉर्मलता (Normality) की गणना
- प्रश्न 15: रसायन विज्ञान प्रयोगशाला में यदि सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$, अणुभार = 98) का 1 लीटर विलयन बनाने के लिए शुद्ध जल में 49 ग्राम अम्ल घोला जाए, तो तैयार विलयन की नॉर्मलता (Normality) कितनी होगी?
- (A) 0.5 नॉर्मल
- (B) 1.0 नॉर्मल (1.0 N)
- (C) 2.0 नॉर्मल
- (D) 0.1 नॉर्मल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सल्फ्यूरिक अम्ल एक द्विक्षारकी अम्ल है, अतः इसका तुल्यांकी भार = अणुभार / 2 = 98 / 2 = 49 ग्राम होता है। चूंकि 49 ग्राम (1 तुल्यांक) अम्ल को 1 लीटर में घोला गया है, इसलिए विलयन की नॉर्मलता ठीक 1.0 N होगी।
कार्बोनिक एसिड और शीतल पेय
- प्रश्न 17: वायुमंडल में पाई जाने वाली निम्नलिखित गैसों में से कौन सी गैस पानी के संपर्क में आने पर बहुत आसानी से घुलकर ‘कार्बोनिक एसिड’ का निर्माण करती है?
- (A) ऑक्सीजन
- (B) कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$)
- (C) नाइट्रोजन
- (D) हाइड्रोजन
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) जल के साथ मिलकर $H_2CO_3$ (कार्बोनिक अम्ल) बनाती है। कोल्ड ड्रिंक्स और सोडा वाटर में इसी अभिक्रिया का उपयोग उच्च दाब पर गैस को घोलने के लिए किया जाता है।
नेटल पौधा (बिच्छू बूटी) और मेथेनॉइक अम्ल
- प्रश्न 18: जंगलों या ग्रामीण इलाकों में ‘बिच्छू बूटी’ (नेटल – Nettle) के पौधों की पत्तियों के अचानक त्वचा से छू जाने पर तेज जलन और सूजन आ जाती है। यह किस अम्ल की उपस्थिति के कारण होता है?
- (A) एसिटिक अम्ल
- (B) मेथेनॉइक अम्ल या फॉर्मिक अम्ल (Methanoic Acid)
- (C) साइट्रिक अम्ल
- (D) सल्फ्यूरिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: नेटल (बिच्छू बूटी) के पत्तों पर छोटे-छोटे डंकनुमा बाल होते हैं। त्वचा के संपर्क में आते ही ये डंक पौधे में मौजूद ‘मेथेनॉइक अम्ल’ (फॉर्मिक अम्ल) को त्वचा के भीतर छोड़ देते हैं, जिससे तीव्र जलन और दर्द का अनुभव होता है।
8. औद्योगिक अम्लों के अनुप्रयोग एवं सीमाएं
एसिटिक अम्ल (सिरका) के उपयोग
- प्रश्न 21: प्रयोगशाला और उद्योगों में किस कार्बनिक अम्ल का उपयोग विलायक के रूप में, एसीटोन बनाने में और खाद्य पदार्थों में खट्टा स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है?
- (A) ऑक्जेलिक अम्ल
- (B) एसिटिक अम्ल (Acetic Acid)
- (C) फॉर्मिक अम्ल
- (D) नाइट्रिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: एसिटिक अम्ल ($CH_3COOH$) का उपयोग विलायक के रूप में और कई औद्योगिक रसायनों जैसे एसीटोन के निर्माण में होता है। इसके 4-7% तनु घोल को सिरका (Vinegar) कहते हैं जो भोजन का स्वाद बढ़ाने और परिरक्षण में काम आता है।
सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) के औद्योगिक अपवाद
- प्रश्न 22: ‘अम्लों का राजा’ कहे जाने वाले सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$) का औद्योगिक उपयोग निम्नलिखित में से किस कार्य में नहीं किया जाता है?
- (A) रासायनिक उर्वरकों (जैसे सुपर फॉस्फेट) के निर्माण में
- (B) गाड़ियों की लेड-एसिड बैटरियों में
- (C) माचिस, पटाखों और दियासलाई के निर्माण में
- (D) पेट्रोलियम के शोधन और रंजकों के निर्माण में
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सल्फ्यूरिक अम्ल का उपयोग उर्वरक, बैटरी, पेट्रोलियम शोधन और दवाओं में व्यापक रूप से होता है। परंतु दियासलाई (माचिस) और पटाखों के निर्माण में सल्फ्यूरिक अम्ल का नहीं, बल्कि मुख्य रूप से लाल फॉस्फोरस, पोटैशियम क्लोरेट और गंधक (सल्फर) का उपयोग किया जाता है।
ब्लीचिंग पाउडर (रोगाणुनाशक) की क्रियाविधि
- प्रश्न 23: शहरों और कस्बों में पेयजल की टंकियों के पानी को कीटाणुमुक्त और शुद्ध करने के लिए मिलाया जाने वाला ब्लीचिंग पाउडर मुख्य रूप से किस एजेंट के रूप में कार्य करता है?
- (A) कैटालिटिक एजेंट
- (B) रिड्यूसिंग (अपचायक) एजेंट
- (C) स्टेरलाइजिंग (रोगाणुनाशक) एजेंट
- (D) केवल स्वाद बढ़ाने वाला रसायन
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ब्लीचिंग पाउडर (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड – $CaOCl_2$) जल में मिलने पर क्लोरीन गैस मुक्त करता है। यह क्लोरीन पानी में उपस्थित हानिकारक बैक्टीरिया और रोगाणुओं को पूरी तरह नष्ट कर देती है, जिससे यह एक बेहतरीन ‘स्टेरलाइजिंग एजेंट’ (रोगाणुनाशक) के रूप में कार्य करता है।
अग्निशामक यंत्रों में कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण
- प्रश्न 25: आधुनिक भवनों और सिनेमाघरों में प्रयुक्त होने वाले अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) में आग बुझाने के लिए किस गैस को तेजी से पैदा किया जाता है?
- (A) ऑक्सीजन गैस
- (B) नाइट्रोजन गैस
- (C) कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($CO_2$)
- (D) हाइड्रोजन गैस
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: अग्निशामक यंत्रों के भीतर सोडियम बाइकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) और सल्फ्यूरिक अम्ल का मिश्रण होता है। जब यंत्र का नॉब दबाया जाता है, तो ये दोनों आपस में क्रिया करके भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) गैस छोड़ते हैं। यह गैस हवा से भारी होने के कारण आग के चारों तरफ एक आवरण बना लेती है और ऑक्सीजन की सप्लाई काटकर आग बुझा देती है।