संरचना, गैसीय नियम और पदार्थ की अवस्थाएं महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न | Chemistry GK MCQs

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रसायन विज्ञान (Chemistry Notes) के अंतर्गत परमाणु मॉडल, रासायनिक बंध, तत्वों के आवर्ती गुणधर्म और गैसीय समीकरणों से संबंधित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न सटीक उत्तर व वैज्ञानिक व्याख्या के साथ यहाँ पढ़ें।

1. पदार्थ की अवस्थाएं, गतिक सिद्धांत और भौतिक परिवर्तन

इस खंड में परम शून्य ताप, कोलाइडल विलयन (पायस और जेल), शुष्क बर्फ और भौतिक परिवर्तनों के वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझाया गया है।

परम शून्य ताप (Absolute Zero)

  • प्रश्न 1: गैसों के गतिक सिद्धांत के अनुसार, परम शून्य (Absolute Zero Temperature) के ताप पर गैस के अणुओं की स्थिति क्या होती है?
    • (A) गति प्रारंभ करते हैं
    • (B) द्रव्यमान रहित हो जाते हैं
    • (C) प्रकाश उत्सर्जित करने लगते हैं
    • (D) गति रोक देते हैं
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: परम शून्य ताप ($-273.15^\circ\text{C}$ या $0\text{ K}$) वह न्यूनतम सैद्धांतिक तापमान है, जिस पर गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा पूरी तरह शून्य हो जाती है और उनकी आणविक गति रुक जाती है।

कोलाइडल अवस्था (जेल और पायस)

  • प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन सा एक जेल (Gel) का सबसे उपयुक्त उदाहरण माना जाता है?
    • (A) पनीर
    • (B) दूध
    • (C) चेहरे की क्रीम
    • (D) शेविंग क्रीम
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पनीर, मक्खन और जेली ‘जेल’ के प्रमुख उदाहरण हैं, जिसमें ठोस माध्यम के भीतर द्रव के कण प्रक्षिप्त अवस्था में वितरित रहते हैं।
  • प्रश्न 10: दूध वास्तव में किस प्रकार का एक कोलाइडल मिश्रण होता है?
    • (A) पायस (Emulsion)
    • (B) निलंबन
    • (C) फेन
    • (D) जेल
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: दूध एक प्राकृतिक पायस (Emulsion) है, जिसमें द्रव (वसा) के कण दूसरे द्रव (जल) के माध्यम में प्रक्षिप्त रहते हैं।
  • प्रश्न 42: जब दो आपस में न घुलने वाले द्रवों (Immiscible Liquids) को एक साथ मिलाकर एक स्थिर कोलाइडल घोल बनाया जाता है, तो उसे क्या कहा जाता है?
    • (A) जेल
    • (B) सॉल
    • (C) पायस या इमल्शन (Emulsion)
    • (D) एरोसोल
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: दो अघुलनशील द्रवों के मिश्रण से बने कोलाइड को पायस (Emulsion) कहते हैं। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण दूध और चेहरे पर लगाने वाली क्रीम है।

शुष्क बर्फ (Dry Ice)

  • प्रश्न 11: शुष्क बर्फ (Dry Ice) वास्तव में किसका ठोस रूप होती है?
    • (A) अमोनिया का
    • (B) कार्बन डाइऑक्साइड का
    • (C) नाइट्रोजन का
    • (D) ऑक्सीजन का
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: अत्यधिक उच्च दाब और कम तापमान पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस को सीधे ठोस रूप में बदला जाता है, जिसे शुष्क बर्फ ($\text{Solid CO}_2$) कहते हैं। यह बिना पिघले सीधे गैस में बदलती है।

भौतिक परिवर्तन के उदाहरण

  • प्रश्न 14: भौतिक परिवर्तन (Physical Change) का एक सटीक उदाहरण निम्नलिखित में से कौन सा है?
    • (A) हवा में चाँदी के बर्तनों का काला होना
    • (B) मोमबत्ती का जलना
    • (C) दूध से दही का बनना
    • (D) पानी में चीनी या नमक का घुलना
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पानी में चीनी का घुलना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि वाष्पीकरण द्वारा चीनी और पानी को उनके मूल रूप में वापस प्राप्त किया जा सकता है और कोई नया पदार्थ नहीं बनता।
  • प्रश्न 15: जल का वाष्प में बदलना किस प्रकार का परिवर्तन कहलाता है?
    • (A) प्राकृतिक
    • (B) भौतिक
    • (C) रासायनिक
    • (D) जैविक
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जल का वाष्प में बदलना एक भौतिक परिवर्तन है क्योंकि वाष्प को ठंडा (संघनन) करके पुनः जल प्राप्त किया जा सकता है, इसके रासायनिक गुणों में कोई अंतर नहीं आता।

पदार्थ की चौथी अवस्था: प्लाज्मा

  • प्रश्न 23: पदार्थ की चौथी अवस्था ‘प्लाज्मा’ (Plasma) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
    • 1. यह पदार्थ की एक अत्यधिक आयनीकृत गैसीय अवस्था है।
    • 2. ब्रह्मांड में अधिकांश तारे और सूर्य इसी अवस्था में पाए जाते हैं।
    • 3. पृथ्वी पर यह अवस्था सामान्यतः बहुत दुर्लभ है।
    • उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
    • (A) 1 और 2
    • (B) 2 और 3
    • (C) 1 और 3
    • (D) 1, 2 और 3
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: प्लाज्मा पदार्थ की चौथी अवस्था है जो अत्यंत उच्च तापमान पर परमाणुओं के आयनीकृत होने से बनती है। सूर्य और तारों की चमक का कारण यही प्लाज्मा अवस्था है और ब्रह्मांड का 99% हिस्सा इसी रूप में है।

2. जल के भौतिक-रासायनिक गुण एवं असंगत व्यवहार

बर्फ पिघलने, दाब के प्रभाव, आयतन परिवर्तन और साम्यावस्था से जुड़े जल के विशिष्ट गुणों का विवरण।

दाब और क्वथनांक का संबंध

  • प्रश्न 2: जब बर्फ पिघलती है, तो जल का क्वथनांक बिंदु (Boiling Point) किस प्रकार प्रभावित होता है?
    • (A) समान रहता है
    • (B) बनने वाले वाष्प की मात्रा पर निर्भर करता है
    • (C) कम हो जाता है
    • (D) बढ़ जाता है
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: दाब बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है और दाब घटने पर क्वथनांक कम होता है। वायुमंडलीय दाब में परिवर्तन के अनुसार ही द्रव के उबलने का बिंदु भी बदल जाता है।

बर्फ-जल साम्यावस्था पर उच्च दाब (ले-शातेलिए नियम)

  • प्रश्न 4: $0^\circ\text{C}$ पर जल और बर्फ क्रिस्टल साम्यावस्था में होते हैं। जब इस प्रणाली पर उच्च दाब प्रयुक्त किया जाता है, तो क्या होता है?
    • (A) जल वाष्प में बदल जाता है
    • (B) बर्फ अधिक मात्रा में बनती है
    • (C) बर्फ का अधिक भाग जल बन जाता है
    • (D) कोई प्रभावी परिवर्तन नहीं होता
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ले-शातेलिए नियम के अनुसार, दाब बढ़ाने पर प्रणाली उस दिशा में विस्थापित होती है जहाँ आयतन कम हो। चूंकि जल का घनत्व बर्फ से अधिक और आयतन कम होता है, इसलिए दाब बढ़ाने पर बर्फ पिघलकर जल में बदलने लगती है।

शून्य डिग्री सेल्सियस पर साम्यावस्था

  • प्रश्न 13: एक शून्य डिग्री सेल्सियस पर रखे बर्फ और पानी के मिश्रण में क्या भौतिक परिवर्तन आएंगे?
    • (A) सारी बर्फ पिघल जाएगी
    • (B) सारा पानी बर्फ बन जाएगा
    • (C) कोई परिवर्तन नहीं होगा
    • (D) तापमान $0^\circ\text{C}$ से नीचे गिर जाएगा
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: $0^\circ\text{C}$ जल का हिमांक और बर्फ का galनांक दोनों होता है। इस निश्चित ताप पर दोनों अवस्थाएं साम्यावस्था में रहती हैं, अतः बाहर से ऊष्मा दिए या निकाले बिना कोई परिवर्तन नहीं होगा।

बर्फ पिघलने पर आयतन में कमी

  • प्रश्न 38: जब बर्फ पिघलती है और पानी में परिवर्तित होती है, तो उसके आयतन (Volume) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
    • (A) आयतन पहले बढ़ता है फिर घटता है
    • (B) आयतन कम होता है (घटता है)
    • (C) आयतन लगातार बढ़ता है
    • (D) आयतन पूरी तरह अपरिवर्तित रहता है
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: बर्फ की पिंजरे जैसी खुली क्रिस्टलीय संरचना के कारण उसका आयतन पानी से अधिक होता है। जब बर्फ पिघलती है, तो यह संरचना टूट जाती है और पानी के अणु पास आ जाते हैं, जिससे आयतन घट जाता है।

3. पृथक्करण की विधियाँ और जल शुद्धिकरण तकनीक

मिश्रणों को अलग करने की विधियाँ (ऊर्ध्वपातन, क्रोमैटोग्राफी) और जल को पीने योग्य बनाने की विभिन्न तकनीकें।

वायु-मिश्रण (Aeration) द्वारा अशुद्धि निवारण

  • प्रश्न 6: पानी से लोहा (Iron) तथा मैंगनीज (Manganese) की अशुद्धियों को किस प्रक्रिया द्वारा कुशलतापूर्वक हटाया जाता है?
    • (A) वायु-मिश्रण (Aeration)
    • (B) क्लोरीनीकरण
    • (C) निस्पंदन
    • (D) चूना पत्थर उपचार
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पानी में वायु-मिश्रण (Aeration) करने से लोहा और मैंगनीज आक्सीकृत होकर अघुलनशील अवक्षेप बना लेते हैं, जिन्हें बाद में छानकर आसानी से अलग कर लिया जाता है।

सापेक्ष आर्द्रता और जल शुद्धिकरण

  • प्रश्न 7: जल का शुद्धिकरण नहीं होगा, यदि:
    • (A) तापमान $0^\circ\text{C}$ से कम हो
    • (B) आर्द्रता 0% हो
    • (C) आर्द्रता 100% हो
    • (D) तापमान $100^\circ\text{C}$ से ऊपर हो
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब वायुमंडल में सापेक्ष आर्द्रता शत-प्रतिशत (100%) होती है, तो हवा में जलवाष्प सोखने की क्षमता खत्म हो जाती है, जिससे वाष्पीकरण रुक जाता है और जल का शुद्धिकरण बाधित होता है।

ऊर्ध्वपातन (Sublimation)

  • प्रश्न 12: आयोडीन और पोटैशियम क्लोराइड के मिश्रण से आयोडीन को किस विधि द्वारा आसानी से अलग किया जा सकता है?
    • (A) अवसादन द्वारा
    • (B) फिल्ट्रेशन द्वारा
    • (C) ऊर्ध्वपातन (Sublimation) द्वारा
    • (D) आसवन द्वारा
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: आयोडीन एक ऊर्ध्वपातज पदार्थ है जो गर्म करने पर बिना द्रव में बदले सीधे वाष्प बन जाता है। इस विधि से इसे नमक या पोटैशियम क्लोराइड से अलग किया जाता है।
  • प्रश्न 24: निम्नलिखित में से कौन-कौन से पदार्थ सीधे ऊर्ध्वपातन (Sublimation) का गुण प्रदर्शित करते हैं?
    • 1. कपूर (Camphor), 2. आयोडीन, 3. एंथ्रासीन
    • (A) केवल 1
    • (B) केवल 1 और 2
    • (C) केवल 1 और 3
    • (D) 1, 2 और 3
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: कपूर, आयोडीन, नेफ्थलीन, अमोनियम क्लोराइड (नौसादर) और एंथ्रासीन ऐसे ठोस पदार्थ हैं जिन्हें गर्म करने पर ये द्रव में बदले बिना सीधे गैस बन जाते हैं।

क्रोमैटोग्राफी (वर्णलेखन)

  • प्रश्न 16: क्रोमैटोग्राफी (Chromatography) की आधुनिक तकनीक का प्रयोग मुख्य रूप से किस कार्य के लिए किया जाता है?
    • (A) रंगीन पदार्थों की पहचान करने में
    • (B) पदार्थों की संरचना निर्धारण में
    • (C) रंगीन रसायन के मिश्रण से घटकों को पृथक करने में
    • (D) एक मिश्रण से नए पदार्थों को बनाने में
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: क्रोमैटोग्राफी या वर्णलेखन एक ऐसी भौतिक विधि है जिसका उपयोग किसी जटिल मिश्रण में मौजूद विभिन्न घटकों या रंगों को उनकी सोखने की अलग-अलग क्षमता के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है।

निर्लवणीकरण और विपरीत परासरण (RO)

  • प्रश्न 17: अशुद्ध जल से बहुत बड़ी मात्रा में पेयजल (Drinking Water) तैयार करने के लिए किस मुख्य प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है?
    • (A) निर्लवणीकरण (Desalination) द्वारा
    • (B) आसवन द्वारा
    • (C) आयन आदान-प्रदान द्वारा
    • (D) निथारने द्वारा
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: समुद्री जल या भारी अशुद्ध जल को बड़े पैमाने पर पीने योग्य बनाने के लिए निर्लवणीकरण (Desalination) या रिवर्स ऑस्मोसिस (RO) तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाता है।
  • प्रश्न 18: समुद्री जल को शुद्ध जल में बदलने के लिए किस विशेष भौतिक प्रक्रिया का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) प्रस्वेदन
    • (B) उत्फुल्लन
    • (C) विपरित परासरण (Reverse Osmosis)
    • (D) स्कंदन
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: विपरीत परासरण (RO) प्रक्रिया में समुद्री जल पर अत्यधिक बाह्य दाब लगाया जाता है, जिससे अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से केवल शुद्ध जल के अणु ही बाहर आते हैं और लवण पीछे छूट जाते हैं।

फिटकरी द्वारा स्कंदन (Coagulation)

  • प्रश्न 19: गंदे पानी को साफ करने के लिए फिटकरी (Alum) का प्रयोग किस प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है?
    • (A) अवशोषण
    • (B) स्कंदन या अवसादन (Coagulation)
    • (C) सोखना
    • (D) अपोहन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: फिटकरी पानी में मौजूद मिट्टी के कोलाइडल कणों के आवेश को उदासीन कर देती है, जिससे वे आपस में जुड़कर भारी हो जाते हैं और नीचे बैठ जाते हैं। इस प्रक्रिया को स्कंदन (Coagulation) कहते हैं।

जल का शुद्धतम रूप

  • प्रश्न 21: प्रकृति में पाया जाने वाला जल का सबसे शुद्धतम रूप निम्नलिखित में से कौन सा माना जाता है?
    • (A) नल का पानी
    • (B) समुद्री जल
    • (C) वर्षा का जल (Rain Water)
    • (D) कुएं का जल
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: वाष्पीकरण के बाद बादलों से बरसने वाला वर्षा का जल प्राकृतिक रूप से सबसे शुद्ध माना जाता है क्योंकि इसमें लवण और अशुद्धियाँ नहीं होतीं, बशर्ते वह वायुमंडलीय प्रदूषण के संपर्क में न आया हो।

4. दुग्ध रसायन और जैविक प्रक्रियाएं

दूध से दही बनने की रासायनिक क्रिया, किण्वन और केसीन प्रोटीन को स्कंदित करने वाले एंजाइम का विवरण।

दही निर्माण (किण्वन)

  • प्रश्न 5: दूध को दही में परिवर्तित करने की जैविक प्रक्रिया को मुख्य रूप से क्या कहा जाता है?
    • (A) पाश्चुरीकरण
    • (B) मथना
    • (C) किण्वन (Fermentation)
    • (D) रेंटिंग
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: दूध से दही बनना एक रासायनिक परिवर्तन और किण्वन की प्रक्रिया है। इसमें लैक्टोबैसिलस जीवाणु दूध में मौजूद लैक्टोज शर्करा को लैक्टिक अम्ल में बदल देते हैं जिससे दूध जम जाता है।

रेनिन एंजाइम की भूमिका

  • प्रश्न 8: दूध को दही में स्कंदित (Clot) करने वाला प्रमुख एंजाइम कौन सा है?
    • (A) रेनिन (Rennin)
    • (B) पेप्सिन
    • (C) रेज़िन
    • (D) सिट्रिन
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: रेनिन एक पाचक एंजाइम है जो दूध के घुलनशील प्रोटीन (केसीन) को अघुलनशील पैराकेसीन में बदलकर उसे दही के रूप में स्कंदित या जमा देता है।

5. परमाणु संरचना, उप-परमाणु कण और क्वांटम संख्याएं

परमाणु के मूल कण, नाभिकीय बल, इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम (आफबाऊ नियम), और समस्थानिकों का विज्ञान।

आफबाऊ सिद्धांत (Aufbau Principle)

  • प्रश्न 25: परमाणु के भीतर विभिन्न कक्षाओं में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम किस वैज्ञानिक सिद्धांत द्वारा निर्धारित किया जाता है?
    • (A) आफबाऊ सिद्धांत (Aufbau Principle)
    • (B) हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत
    • (C) हुंड का नियम
    • (D) पाउली का अपवर्जन सिद्धांत
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: आफबाऊ (Aufbau) एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है ‘भवन निर्माण’ या ‘क्रमशः भरना’। इस नियम के अनुसार, इलेक्ट्रॉन हमेशा कम ऊर्जा वाले उपकोशों में पहले प्रवेश करते हैं और फिर बढ़ते क्रम में उच्च ऊर्जा स्तरों में जाते हैं।

कणों और उनकी विशेषताओं का मिलान

  • प्रश्न 26: निम्नलिखित कणों और उनकी विशेषताओं (विशेष गुणों) का सही मिलान चुनिए:
    • A. शून्य द्रव्यमान -> 1. न्यूट्रिनो
    • B. आंशिक आवेश -> 2. क्वार्क
    • C. आंशिक प्रचकण -> 3. पॉजिट्रॉन
    • D. पूर्णांक प्रचकण -> 4. फोटॉन
    • (A) A-1, B-2, C-3, D-4
    • (B) A-3, B-2, C-4, D-1
    • (C) A-2, B-3, C-4, D-1
    • (D) A-3, B-2, C-1, D-4
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: न्यूट्रिनो का विराम द्रव्यमान लगभग शून्य होता है। क्वार्क पर आंशिक या भिन्नात्मक आवेश होता है। पॉजिट्रॉन का प्रचकण आंशिक होता है और फोटॉन का प्रचकण पूर्णांक (1) होता है।

चुंबकीय क्वांटम संख्या

  • प्रश्न 27: परमाणु के रासायनिक व्यवहार और उपकोशों के त्रिविमीय विन्यास (Orientation) को निर्धारित करने वाली क्वांटम संख्या कौन सी है?
    • (A) मुख्य क्वांटम संख्या
    • (B) दिगंशी क्वांटम संख्या
    • (C) चुंबकीय क्वांटम संख्या (Magnetic Quantum Number)
    • (D) चक्रण क्वांटम संख्या
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: चुंबकीय क्वांटम संख्या ($m$) उपकोशों या कक्षकों के अंतरिक्ष में त्रिविमीय अभिविन्यास (Orientation) को दर्शाती है, जिससे कक्षकों की कुल संख्या का पता चलता है।

द्रव्यमान संख्या (Mass Number)

  • प्रश्न 28: किसी भी तत्व की द्रव्यमान संख्या (Mass Number) वास्तव में किसका योग होती है?
    • (A) केवल प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉनों का
    • (B) केवल न्यूट्रॉनों का
    • (C) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन तीनों का
    • (D) केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉनों का
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: परमाणु के नाभिक (Nucleus) में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या के योग को उसकी द्रव्यमान संख्या ($A = P + N$) कहा जाता है। इन्हें सामूहिक रूप से न्यूक्लिऑन भी कहते हैं।

प्रबल नाभिकीय बल

  • प्रश्न 29: परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को आपस में बांधकर रखने वाले अत्यंत तीव्र बल को क्या कहा जाता है?
    • (A) गुरुत्वाकर्षण बल
    • (B) नाभिकीय बल (Nuclear Force)
    • (C) स्थिर-वैद्युत बल
    • (D) चुंबकीय बल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: नाभिकीय बल प्रकृति का सबसे प्रबलतम आकर्षण बल है, जो बहुत कम दूरी ($10^{-15}\text{ m}$) पर कार्य करता है और नाभिक के भीतर प्रोटॉन व न्यूट्रॉन को मजबूती से बांधकर रखता है।

बोर-बरी नियम ($2n^2$ सूत्र)

  • प्रश्न 30: किसी तत्व के परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है जो उसके M-शेल (तीसरे ऊर्जा स्तर) में रह सकती है?
    • (A) 2
    • (B) 8
    • (C) 18
    • (D) 32
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: बोर-बरी नियम के अनुसार, किसी भी कक्षा में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या $2n^2$ सूत्र से निकाली जाती है। तीसरे ऊर्जा स्तर यानी M-शेल ($n=3$) के लिए: $2 \times (3)^2 = 2 \times 9 = 18$ इलेक्ट्रॉन होंगे।

परमाणु के मूल अवयव

  • प्रश्न 31: एक परमाणु के तीन सबसे प्रमुख और मूल आधारभूत अवयव (Subatomic Particles) कौन-कौन से हैं?
    • (A) प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और आयन
    • (B) इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन
    • (C) ड्यूटिरियम, ट्रिटियम और प्रोटॉन
    • (D) प्रोटॉन, पॉजिट्रॉन और न्यूट्रॉन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: किसी भी सामान्य परमाणु के तीन स्थायी मूल कण इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं, जिनसे मिलकर परमाणु की पूरी संरचना तैयार होती है।

समस्थानिक (Isotopes)

  • प्रश्न 32: रासायनिक रूप से दो समस्थानिकों (Isotopes) के गुणधर्म समान होते हैं, लेकिन उनके नाभिकों में किसकी संख्या भिन्न (अलग) होती है?
    • (A) प्रोटॉनों की
    • (B) न्यूट्रॉनों की
    • (C) इलेक्ट्रॉनों की
    • (D) पॉजिट्रॉनों की
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: समस्थानिकों के परमाणु क्रमांक (प्रोटॉन की संख्या) समान होते हैं, इसलिए उनके रासायनिक गुण समान होते हैं। परंतु उनकी द्रव्यमान संख्या अलग होने का मुख्य कारण उनके नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या का भिन्न होना है।

नाभिक की संरचना

  • प्रश्न 33: किसी परमाणु का नाभिक (Nucleus) मुख्य रूप से किन कणों से मिलकर बना होता है जो उसके केंद्र में स्थित होते हैं?
    • (A) इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन से
    • (B) इलेक्ट्रॉन और न्यूट्रॉन से
    • (C) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से
    • (D) केवल न्यूट्रॉनों से
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: परमाणु का समस्त धन आवेश और द्रव्यमान उसके केंद्र में एक छोटे से भाग में संचित रहता है जिसे नाभिक कहते हैं। नाभिक के भीतर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन स्थिर रहते हैं जबकि इलेक्ट्रॉन बाहर चक्कर लगाते हैं।

फोटॉन और ड्यूट्रॉन की प्रकृति

  • प्रश्न 34: निम्नलिखित में से कौन सा एक कण पूर्ण रूप से ‘अणु’ (Molecule) या परमाणु का भाग नहीं माना जाता क्योंकि यह ऊर्जा का पैकेट है?
    • (A) इलेक्ट्रॉन
    • (B) प्रोटॉन
    • (C) न्यूट्रॉन
    • (D) फोटॉन (Photon)
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन द्रव्य के मूल कण हैं जिससे अणु बनते हैं। फोटॉन ऊर्जा का एक बंडल या पैकेट होता है जो प्रकाश की गति से चलता है और यह पदार्थ का कण नहीं है।
  • प्रश्न 35: निम्नलिखित में से कौन सा एक कण ‘अणु-परमाणुक’ (Subatomic Particle) के अंतर्गत एक स्थायी कण नहीं है?
    • (A) न्यूट्रॉन
    • (B) प्रोटॉन
    • (C) ड्यूट्रॉन
    • (D) इलेक्ट्रॉन
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ड्यूट्रॉन हाइड्रोजन के समस्थानिक ड्यूटिरियम का नाभिक होता है, जिसमें एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन होते हैं। यह अपने आप में एक स्वतंत्र प्राथमिक उप-परमाणु कण नहीं है।

कण-प्रतिकण युग्म

  • प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन सा एक सही रूप से कण-प्रतिकण (Particle-Antiparticle) का जोड़ा है?
    • (A) इलेक्ट्रॉन – पॉजिट्रॉन
    • (B) प्रोटॉन – न्यूट्रॉन
    • (C) फोटॉन – इलेक्ट्रॉन
    • (D) न्यूट्रॉन – न्यूट्रिनो
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पॉजिट्रॉन का द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन के बिल्कुल बराबर होता है, परंतु इस पर आवेश धनात्मक होता है। इसलिए पॉजिट्रॉन को इलेक्ट्रॉन का प्रतिकण (Antiparticle) कहा जाता है।

रेडियोधर्मी विकिरणों का आवेश

  • प्रश्न 37: रेडियोधर्मी विकिरणों के अंतर्गत निम्नलिखित में से किसमें ऋणात्मक (Negative) आवेश होता है?
    • (A) अल्फा किरणें ($\alpha$-Rays)
    • (B) बीटा किरणें ($\beta$-Rays)
    • (C) गामा किरणें
    • (D) एक्स-किरणें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: अल्फा कणों पर दो इकाई का धन आवेश होता है। बीटा किरणें तीव्र गति से चलने वाले ऋणावेशित इलेक्ट्रॉनों से बनी होती हैं, इसलिए इन पर ऋण आवेश होता है। गामा किरणें आवेशहीन उदासीन तरंगें होती हैं।

6. गैसीय नियम, विसरण और दैनिक जीवन के रसायन

गैसों के प्रसार के नियम (आवोगाद्रो, विसरण), मिश्रण के सामान्य गुण और आर्द्रताग्राही पदार्थों की भूमिका।

मिश्रण के सामान्य गुण

  • प्रश्न 3: सही कथन का चयन कीजिए:
    • (A) मिश्रण संभोगी होते हैं
    • (B) एक मिश्रण में घटक निश्चित अनुपात में उपस्थित होते हैं
    • (C) किसी मिश्रण के घटकों को पृथक नहीं किया जा सकता
    • (D) एक मिश्रण के गुणधर्म उसके घटकों के समान होते हैं
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: मिश्रण एक भौतिक प्रक्रिया द्वारा बनता है जिसमें भाग लेने वाले अवयवों के रासायनिक गुण नष्ट नहीं होते। मिश्रण के गुण उसके अवयवी घटकों के समान ही रहते हैं।

काँच (अक्रिस्टलीय ठोस) की प्रकृति

  • प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन सा एक पदार्थ सामान्य कमरे के तापमान पर क्रिस्टल (ठोस) रूप में नहीं पाया जाता?
    • (A) हीरा
    • (B) क्वार्ट्ज
    • (C) गंधक
    • (D) काँच (Glass)
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: काँच एक अक्रिस्टलीय (Amorphous) ठोस है, जिसे ‘अतिशीतित द्रव’ (Supercooled Liquid) भी कहा जाता है, क्योंकि इसमें द्रवों की तरह बहने का मंद गुण होता है और इसकी कोई निश्चित ज्यामितीय क्रिस्टल संरचना नहीं होती।

आवोगाद्रो का नियम (Avogadro’s Law)

  • प्रश्न 22: ‘उरुक्रमणीय तापमान और दाब पर विभिन्न गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है’— यह महत्वपूर्ण नियम क्या कहलाता है?
    • (A) आवोगाद्रो की परिकल्पना (Avogadro’s Law)
    • (B) गे-लुसैक नियम
    • (C) बॉयल का नियम
    • (D) चार्ल्स का नियम
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: आवोगाद्रो के नियमानुसार, समान ताप और दाब पर विभिन्न गैसों के समान आयतन में मौजूद अणुओं या कणों की संख्या हमेशा समान होती है। 1 मोल में यह संख्या $6.022 \times 10^{23}$ होती है।

धुआँ (एरोसोल कोलाइड)

  • प्रश्न 39: धुआँ (Smoke) निम्नलिखित में से किस प्रकार के कोलाइडल मिश्रण या विलयन का सटीक उदाहरण है?
    • (A) गैस में ठोस का मिश्रण (Aerosol)
    • (B) गैस में द्रव का मिश्रण
    • (C) द्रव में ठोस का मिश्रण
    • (D) द्रव में गैस का मिश्रण
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: धुआँ एक ऐसा एरोसोल (Aerosol) कोलाइड है जिसमें ठोस carbon के महीन कण गैसीय माध्यम (हवा) में चारों तरफ बिखरे या प्रक्षिप्त रहते हैं।

आर्द्रताग्राही रसायन (Desiccant)

  • प्रश्न 40: निम्नलिखित में से कौन सा एक रसायन या यौगिक हवा से नमी (Moisture) को बहुत तेजी से अवशोषित करने का गुण रखता है?
    • (A) सोडियम नाइट्रेट
    • (B) कैल्शियम क्लोराइड (Anhydrous $\text{CaCl}_2$)
    • (C) सोडियम कार्बोनेट
    • (D) कैल्शियम सल्फेट
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: निर्जल कैल्शियम क्लोराइड ($\text{CaCl}_2$) एक उत्कृष्ट आर्द्रताग्राही (Desiccant) पदार्थ है, जो वातावरण या प्रयोगशाला के जार में मौजूद नमी को बहुत तेजी से सोखकर शुष्क वातावरण बनाने का काम करता है।

गैसों का विसरण (Diffusion)

  • प्रश्न 41: जब किसी इत्र (Perfume) या सेंट की बोतल को कमरे के एक कोने में खोला जाता है, तो उसकी खुशबू पूरे कमरे में फैल जाती है। गैसों के इस गुण को क्या कहते हैं?
    • (A) वाष्पीकरण
    • (B) विसरण (Diffusion)
    • (C) संघनन
    • (D) परासरण
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: गैसों या द्रवों के अणुओं का अधिक सांद्रता वाले क्षेत्र से कम सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर स्वतः गति करना विसरण (Diffusion) कहलाता है। इसी कारण इत्र की महक हवा में तेजी से फैलती है।