सामान्य विज्ञान के अंतर्गत लिटमस पत्र के व्यवहार, बेकिंग सोडा, एंटासिड, हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल के उपयोग और लवणों के जलीय अपघटन से संबंधित 20 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित यहाँ पढ़ें।
1. विशिष्ट अम्ल और उनके औद्योगिक एवं जैविक उपयोग
इस खंड में हम हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल के विशेष गुणों, मानव शरीर में बनने वाले अम्लों और उनके प्रभावों का अध्ययन करेंगे।
हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल (HF) और काँच की नक्काशी
- प्रश्न 1: हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल (HF) का मुख्य और सबसे विशिष्ट औद्योगिक उपयोग निम्नलिखित में से किस कार्य में किया जाता है?
- (A) शुद्ध पीने का पानी साफ करने में
- (B) काँच के नक्काशी या विलेखन (Etching of Glass) में
- (C) कपड़ों से स्याही के दाग हटाने में
- (D) खाद्य पदार्थों को सड़ने से बचाने में
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हाइड्रोफ्लोरिक अम्ल (HF) काँच को अपने भीतर घोलने की क्षमता रखता है। इसी कारण इसका उपयोग काँच पर लिखने, डिजाइन बनाने या काँच की नक्काशी (Etching) करने के लिए मुख्य रूप से किया जाता है। इसे काँच के बर्तनों में नहीं रखा जाता।
एक-प्रोटोनिक अम्ल (Monobasic Acid)
- प्रश्न 4: निम्नलिखित में से किस अम्ल को ‘एक-प्रोटोनिक अम्ल’ या एक-क्षारकी अम्ल (Monobasic Acid) कहा जाता है क्योंकि यह जल में केवल एक $H^+$ आयन देता है?
- (A) सल्फ्यूरिक अम्ल ($H_2SO_4$)
- (B) फॉस्फोरिक अम्ल ($H_3PO_4$)
- (C) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) या नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$)
- (D) कार्बोनिक अम्ल
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और नाइट्रिक अम्ल ($HNO_3$) जलीय विलयन में प्रति अणु केवल एक हाइड्रोजन आयन ($H^+$) मुक्त करते हैं, इसलिए इन्हें एक-क्षारकी या मोनोबेसिक अम्ल कहा जाता है।
आमाशय (Stomach) में प्राकृतिक अम्ल
- प्रश्न 16: मनुष्य के आमाशय (Stomach) की आंतरिक दीवारों पर स्थित ग्रंथियों द्वारा भोजन को पचाने के लिए प्राकृतिक रूप से कौन सा तीव्र अम्ल स्रावित किया जाता है?
- (A) सल्फ्यूरिक अम्ल
- (B) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
- (C) टार्टरिक अम्ल
- (D) साइट्रिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: आमाशय की जठर ग्रंथियों से हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) निकलता है। यह माध्यम को अत्यधिक अम्लीय (pH 1 से 2) बनाता है, जो पेप्सिन एंजाइम को सक्रिय करने और भोजन के साथ आए हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने के लिए आवश्यक है।
शीतल पेय (Cold Drinks) और कार्बोनिक अम्ल
- प्रश्न 19: शीतल पेयों (Cold Drinks) और सोडा वाटर को जब खोला जाता है, तो उसमें से तेज बुदबुदाहट के साथ झाग निकलता है, यह किस अम्ल की उपस्थिति के कारण होता है?
- (A) नाइट्रिक अम्ल
- (B) कार्बोनिक अम्ल ($H_2CO_3$)
- (C) फॉर्मिक अम्ल
- (D) सल्फ्यूरिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: कार्बन डाइऑक्साइड गैस को पानी में उच्च दाब पर घोलकर कार्बोनिक अम्ल ($H_2CO_3$) बनाया जाता है। जैसे ही बोतल का ढक्कन खुलता है, दाब कम होने से यह अम्ल तेजी से विघटित होकर दोबारा $CO_2$ गैस मुक्त करता है, जिससे बुदबुदाहट होती है।
2. पेयजल मानक और महत्वपूर्ण मिश्रण
सुरक्षित पेयजल का pH दायरा
- प्रश्न 2: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुसार, इंसानों के सुरक्षित पेयजल के लिए pH का वांछनीय (Desirable) दायरा कितना होना चाहिए?
- (A) 4.5 से 5.5
- (B) 6.5 से 8.5
- (C) 5.0 से 6.5
- (D) 9.0 से 10.5
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: पेयजल न तो अत्यधिक अम्लीय होना चाहिए और न ही अत्यधिक क्षारीय। डब्ल्यू.एच.ओ. के अनुसार, पीने के पानी का pH मान 6.5 से 8.5 के बीच होना आदर्श और स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित माना जाता है।
दूध का रासायनिक वर्गीकरण
- प्रश्न 3: दूध (Milk) को रासायनिक और भौतिक वर्गीकरण के सिद्धांतों के अनुसार निम्नलिखित में से किस श्रेणी के मिश्रण के अंतर्गत रखा जाता है?
- (A) एक समांगी (Homogeneous) मिश्रण
- (B) एक विषमांगी (Heterogeneous) मिश्रण या कलिलीय निलंबन (Emulsion)
- (C) एक शुद्ध तत्व
- (D) एक आदर्श जलीय लवण
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: दूध वास्तव में एक विषमांगी मिश्रण है जो इमल्शन (पायस) का उदाहरण है। इसमें वसा और प्रोटीन के छोटे-छोटे कण पानी के माध्यम में बिखरे होते हैं, जो नग्न आँखों से समांगी दिखते हैं परंतु सूक्ष्मदर्शी से देखने पर अलग दिखाई देते हैं।
3. लवणों के रासायनिक सूत्र और उनके जलीय गुण
उदासीन विलयन और लवण
- प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन सा लवण जब जल में घोला जाता है, तो बनने वाले विलयन का रासायनिक स्वभाव पूरी तरह से उदासीन (pH = 7) होता है?
- (A) सोडियम कार्बोनेट ($Na_2CO_3$)
- (B) सोडियम क्लोराइड (NaCl) या पोटैशियम क्लोराइड (KCl)
- (C) फेरिक क्लोराइड ($FeCl_3$)
- (D) अमोनियम सल्फेट
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सोडियम क्लोराइड (NaCl) एक प्रबल अम्ल (HCl) और एक प्रबल क्षार (NaOH) के आपसी मिलन (उदासीनीकरण) से बनता है। इसलिए जल में इसका अपघटन नहीं होता और यह पूरी तरह उदासीन विलयन बनाता है।
नीला थोथा (Blue Vitriol)
- प्रश्न 7: नीला थोथा या ब्लू विट्रिओल (Blue Vitriol) का सही रासायनिक नाम और उसका आणविक सूत्र निम्नलिखित में से कौन सा है?
- (A) फेरस सल्फेट ($FeSO_4\cdot7H_2O$)
- (B) कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट ($CuSO_4\cdot5H_2O$)
- (C) जिंक सल्फेट
- (D) सोडियम सल्फेट
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: नीला थोथा रासायनिक रूप से कॉपर सल्फेट पेंटाहाइड्रेट ($CuSO_4\cdot5H_2O$) है। इसके क्रिस्टल में पाँच अणु जल के जुड़े होते हैं, जिसके कारण इसका रंग गहरा चमकीला नीला दिखाई देता है।
एप्सम लवण (Epsom Salt)
- प्रश्न 8: एप्सम साल्ट या एप्सम लवण (Epsom Salt) का उपयोग मरोड़ और दर्द को दूर करने के लिए सिकाई में होता है, इसका सही रासायनिक सूत्र क्या है?
- (A) $CuSO_4\cdot5H_2O$
- (B) $MgSO_4\cdot7H_2O$ (मैग्नीशियम सल्फेट हेप्टाहाइड्रेट)
- (C) $ZnSO_4\cdot7H_2O$
- (D) $FeSO_4\cdot7H_2O$
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मैग्नीशियम सल्फेट के क्रिस्टलीय रूप ($MgSO_4\cdot7H_2O$) को एप्सम साल्ट कहा जाता है। यह खनिज पानी में घुलकर मांसपेशियों के दर्द और सूजन को कम करने में अत्यधिक लाभकारी होता है।
कॉपर सल्फेट और लिटमस व्यवहार
- प्रश्न 10: कॉपर सल्फेट ($CuSO_4$) का जलीय घोल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है। इस घटना से इसके किस रासायनिक गुण का पता चलता है?
- (A) इसका जलीय घोल पूरी तरह क्षारीय होता है
- (B) इसका जलीय घोल अम्लीय प्रकृति का होता है (Acidic due to Hydrolysis)
- (C) यह पूरी तरह उदासीन होता है
- (D) यह एक वाष्पशील गैस है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: कॉपर सल्फेट एक तीव्र अम्ल ($H_2SO_4$) और दुर्बल क्षार [$Cu(OH)_2$] से बना लवण है। जब इसे पानी में घोला जाता है, तो इसके जलीय अपघटन से मुक्त $H^+$ आयन बनते हैं, जिससे विलयन अम्लीय व्यवहार करता है और नीला लिटमस लाल हो जाता है।
फेरिक क्लोराइड और लिटमस पत्र
- प्रश्न 15: यदि किसी अज्ञात विलयन में फेरिक क्लोराइड ($FeCl_3$) घुला हुआ है, तो उस विलयन में लिटमस पत्र ले जाने पर हमें क्या परिवर्तन दिखाई देगा?
- (A) लाल लिटमस पत्र नीला हो जाएगा
- (B) नीला लिटमस पत्र लाल हो जाएगा
- (C) लिटमस पत्र का रंग उड़कर सफेद हो जाएगा
- (D) कोई परिवर्तन नहीं होगा
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चूंकि फेरिक क्लोराइड का जलीय घोल हाइड्रोलाइज होकर अम्लीय माध्यम बनाता है (क्योंकि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बनता है), इसलिए यह विलयन नीले लिटमस पत्र को लाल रंग में बदल देगा।
4. घरेलू और औद्योगिक सोडियम यौगिक
कास्टिक सोडा (Caustic Soda)
- प्रश्न 9: कास्टिक सोडा (Caustic Soda) का सही रासायनिक नाम क्या है जिसका उपयोग साबुन और डिटर्जेंट उद्योगों में भारी मात्रा में किया जाता है?
- (A) सोडियम बाइकार्बोनेट
- (B) सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH)
- (C) सोडियम कार्बोनेट
- (D) calcium hydroxide
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) को आम बोलचाल में कास्टिक सोडा कहा जाता है। यह एक अत्यंत तीव्र और संक्षारक क्षार है जो वसा या तेलों के साथ क्रिया करके साबुन का निर्माण करता है (साबुनीकरण)।
नमक के घोल (Brine) का विद्युत अपघटन
- प्रश्न 11: साधारण नमक के संतृप्त जलीय घोल (Brine Solution) का जब विद्युत अपघटन (Electrolysis) किया जाता है, तो एनोड और कैथोड पर क्रमशः कौन सी गैसें मुक्त होती हैं?
- (A) केवल ऑक्सीजन गैस
- (B) एनोड पर क्लोरीन और कैथोड पर हाइड्रोजन गैस ($Cl_2$ और $H_2$)
- (C) केवल नाइट्रोजन गैस
- (D) कार्बन डाइऑक्साइड गैस
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: नमक के जलीय घोल ($NaCl + $H_2O$) का विद्युत अपघटन करने पर रासायनिक बदलाव होते हैं, जिससे एनोड (धन ध्रुव) पर क्लोरीन गैस और कैथोड (ऋण ध्रुव) पर हाइड्रोजन गैस मुक्त होती है तथा विलयन में NaOH बचता है।
वाशिंग सोडा (Washing Soda)
- प्रश्न 14: कपड़े धोने वाले सोडे या वाशिंग सोडा (Washing Soda) का सही रासायनिक सूत्र निम्नलिखित में से कौन सा है जिसमें क्रिस्टलन जल के 10 अणु होते हैं?
- (A) $NaHCO_3$
- (B) $Na_2CO_3\cdot10H_2O$ (सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट)
- (C) NaOH
- (D) $CaSO_4\cdot2H_2O$
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: वाशिंग सोडा का रासायनिक नाम सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट है और इसका सूत्र $Na_2CO_3\cdot10H_2O$ होता है। यह जल की स्थायी कठोरता को दूर करने और सफाई कार्यों में प्रयुक्त होता है।
एंटासिड (Antacid) के रूप में बेकिंग सोडा
- प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन सा रसायन एक बहुत ही अच्छा ‘एंटासिड’ (Antacid) है जिसका उपयोग पेट की गैस और हाइपर-एसिडिटी को तुरंत शांत करने के लिए घरेलू स्तर पर किया जा सकता है?
- (A) सोडियम हाइड्रोक्साइड
- (B) सोडियम बाइकार्बोनेट ($NaHCO_3$ – बेकिंग सोडा)
- (C) कॉपर सल्फेट
- (D) सल्फ्यूरिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: बेकिंग सोडा ($NaHCO_3$) एक हल्का क्षारीय लवण है। पेट में जलन होने पर इसका पानी के साथ सेवन करने से यह अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को तुरंत उदासीन कर देता है और राहत पहुंचाता है।
5. अम्लों की तीव्रता और औद्योगिक निर्माण सिद्धांत
फॉर्मिक अम्ल बनाम एसिटिक अम्ल
- प्रश्न 12: अम्लों की तीव्रताओं की तुलना करने के सिद्धांतों के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा अम्ल एसिटिक अम्ल ($CH_3COOH$) से अधिक शक्तिशाली है?
- (A) फॉर्मिक अम्ल (HCOOH)
- (B) जल
- (C) एथिल अल्कोहल
- (D) मेथेन
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: फॉर्मिक अम्ल (HCOOH) का वियोजन स्थिरांक एसिटिक अम्ल से अधिक होता है। एसिटिक अम्ल में मौजूद मेथिल समूह ($-CH_3$) इलेक्ट्रॉन देने वाले (+I प्रभाव) स्वभाव का होता है, जो अम्ल की अम्लीय तीव्रता को फॉर्मिक अम्ल की तुलना में थोड़ा कम कर देता है।
औद्योगिक उपयोगों पर बहु-कथनीय प्रश्न
- प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) बेकिंग सोडा का उपयोग अग्निशामक में होता है, (2) बिना बुझा चूना शीशा उद्योग में लगता है, (3) जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस बनता है। इनमें से कौन से कथन सत्य हैं?
- (A) केवल 1 और 2
- (B) केवल 2 और 3
- (C) 1, 2 और 3 (सभी कथन सत्य हैं)
- (D) इनमें से कोई नहीं
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ये तीनों ही कथन वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सही हैं। बेकिंग सोडा आग बुझाने में $CO_2$ देता है, बिना बुझा चूना काँच का मुख्य घटक है, और जिप्सम को $150^\circ\text{C}$ पर गर्म करने से प्लास्टर ऑफ पेरिस प्राप्त होता है।
शीशा (Glass) निर्माण में चूना पत्थर
- प्रश्न 6: जब चूने के पत्थर या बिना बुझे चूने (CaO) का उपयोग शीशे (Glass) के औद्योगिक निर्माण में किया जाता है, तो यह वहां किस रूप में कार्य करता है?
- (A) एक उत्प्रेरक के रूप में
- (B) एक मुख्य बुनियादी कच्चे माल या गालक (Flux) के रूप में
- (C) केवल रंग प्रदान करने के लिए
- (D) गैस सोखने के लिए
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: काँच या शीशे के निर्माण में रेत (सिलिका), सोडियम कार्बोनेट और बिना बुझे चूने (CaO) को मिलाकर पिघलाया जाता है। यहाँ कैल्शियम ऑक्साइड काँच को स्थायित्व और मजबूती प्रदान करने के लिए एक आवश्यक घटक होता है।
जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP)
- प्रश्न 18: जिप्सम ($CaSO_4\cdot2H_2O$) को जब एक कारखाने में लगभग $100^\circ\text{C}$ से $150^\circ\text{C}$ के बीच सावधानीपूर्वक गर्म किया जाता है, तो आंशिक निर्जलीकरण के बाद कौन सा पदार्थ बनता है?
- (A) बुझा हुआ चूना
- (B) प्लास्टर ऑफ पेरिस [ $CaSO_4\cdot\frac{1}{2}H_2O$ ]
- (C) ब्लीचिंग पाउडर
- (D) चूना पत्थर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जब जिप्सम ($CaSO_4\cdot2H_2O$) को ऊंचे तापमान पर गर्म करते हैं, तो इसके क्रिस्टलन जल का तीन-चौथाई हिस्सा वाष्प बनकर उड़ जाता है और अंत में आधा अणु जल वाला कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट (प्लास्टर ऑफ पेरिस) बचता है।
हाँ, बिल्कुल! पिछले उत्तर में प्रश्न 19 तक के ही प्रश्न शामिल हो पाए थे। आपके मूल पाठ का आखिरी प्रश्न (प्रश्न 20) छूट गया था। उसे भी H2/H3 हेडिंग, बोल्ड प्रश्नों और वैज्ञानिक व्याख्या के साथ नीचे व्यवस्थित कर दिया गया है:
6. पूरक प्रश्न (अम्ल और गैस व्यवहार)
सोडा वाटर और गैसों का निष्कासन
- प्रश्न 20: शीतल पेयों (Cold Drinks) और सोडा वाटर को जब खोला जाता है, तो उसमें से तेज बुदबुदाहट के साथ झाग निकलता है, यह किस अम्ल की उपस्थिति के कारण होता है?
- (A) नाइट्रिक अम्ल
- (B) कार्बोनिक अम्ल ($H_2CO_3$)
- (C) फॉर्मिक अम्ल
- (D) सल्फ्यूरिक अम्ल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: कार्बन डाइऑक्साइड गैस को पानी में उच्च दाब पर घोलकर कार्बोनिक अम्ल ($H_2CO_3$) बनाया जाता है। जैसे ही बोतल का ढक्कन खुलता है, दाब कम होने से यह अम्ल तेजी से विघटित होकर दोबारा $CO_2$ गैस मुक्त करता है, जिससे बुदबुदाहट और झाग पैदा होता है।