विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भौतिक विज्ञान (Physics) के अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों जैसे श्यानता (Viscosity), बर्नौली प्रमेय, पृष्ठ तनाव और तरंग गति से संबंधित टॉप 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) विस्तृत उत्तर और वैज्ञानिक व्याख्या के साथ यहाँ पढ़ें।
1. पृष्ठ तनाव एवं अंतर-आणविक बल (Surface Tension & Intermolecular Forces)
इस खंड में द्रवों के मुक्त पृष्ठ, संसंजक (Cohesive) तथा आसंजक (Adhesive) बलों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन है।
- प्रश्न 1: निम्नलिखित में से किस कारण से पानी से निकालने पर शेविंग ब्रश के बाल आपस में चिपक जाते हैं?
- (A) श्यानता (Viscosity)
- (B) प्रत्यास्थता (Elasticity)
- (C) घर्षण
- (D) पृष्ठ तनाव (Surface Tension)
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जब ब्रश पानी के अंदर होता है, तो उसके बालों पर कोई अतिरिक्त बल काम नहीं करता। लेकिन पानी से बाहर निकालते ही बालों के बीच की पानी की परत का मुक्त पृष्ठ अपने क्षेत्रफल को न्यूनतम करने की कोशिश करता है। इस पृष्ठ तनाव के खिंचाव के कारण बाल आपस में चिपक जाते हैं।
- प्रश्न 2: जब किसी झील की तली से उठकर वायु का बुलबुला ऊपरी सतह तक आएगा, तो उसके आकार (Size) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- (A) उसका आकार बढ़ जाएगा
- (B) उसका आकार घट जाएगा
- (C) उसका आकार अपरिवर्तित रहेगा
- (D) वह चपटा होकर नीचे बैठ जाएगा
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: झील की तली में पानी की गहराई के कारण दबाव (Pressure) सबसे अधिक होता है। जैसे-जैसे बुलबुला ऊपर की ओर आता है, उस पर पानी का दबाव लगातार कम होने लगता है। बॉयल के नियम के अनुसार, दाब कम होने पर गैस का आयतन (आकार) बढ़ जाता है।
- प्रश्न 8: तेल की एक छोटी बूंद पानी की सतह पर फैल जाती है, जबकि पानी की बूंद तेल की सतह पर गोल बनी रहती है। इसका मुख्य कारण क्या है?
- (A) तेल का पृष्ठ तनाव पानी से बहुत अधिक होता है
- (B) तेल का पृष्ठ तनाव पानी के पृष्ठ तनाव से कम होता है
- (C) तेल की श्यानता पानी से अधिक होती है
- (D) पानी का घनत्व तेल से कम होता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: तेल का पृष्ठ तनाव पानी की तुलना में कम होता है। जब तेल की बूंद पानी पर गिरती है, तो पानी का अधिक पृष्ठ तनाव तेल की बूंद को चारों तरफ से खींचकर पूरी सतह पर फैला देता है।
- प्रश्न 9: काँच की एक साफ प्लेट पर पानी की बूंद डालने पर वह फैलकर एक पतली परत बना लेती है, जबकि पारे की बूंद गोल बनी रहती है। ऐसा क्यों होता है?
- (A) पारे का घनत्व पानी से अधिक होता है
- (B) काँच के साथ पानी का आसंजक बल (Adhesive Force), पानी के संसंजक बल से अधिक होता है
- (C) पारे का आसंजक बल बहुत कमजोर होता है
- (D) पानी का पृष्ठ तनाव पारे से अधिक होता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: पानी और काँच के अणुओं के बीच लगने वाला आसंजक बल (विभिन्न पदार्थों के बीच का आकर्षण) पानी के अपने अणुओं के बीच लगने वाले संसंजक बल से मजबूत होता है, इसलिए पानी काँच को गीला करके फैल जाता है। पारे में संसंजक बल बहुत मजबूत होता है, इसलिए वह गोल रहता है।
- प्रश्न 10: मिट्टी का तेल (Kerosene Oil) ठहरे हुए पानी पर छिड़कने से मलेरिया के मच्छर कम हो जाते हैं या उनके लारवा नष्ट हो जाते हैं। इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण है?
- (A) तेल मच्छरों के लिए जहरीला होता है
- (B) तेल पानी का पृष्ठ तनाव (Surface Tension) कम कर देता है जिससे लारवा पानी में डूबकर मर जाते हैं
- (C) तेल मच्छरों को भगा देता है
- (D) तेल से पानी का तापमान बढ़ जाता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मच्छरों के लारवा पानी की सतह पर पृष्ठ तनाव के सहारे टिके रहते हैं और सांस लेते हैं। जब पानी पर मिट्टी का तेल छिड़का जाता है, तो पानी का पृष्ठ तनाव अचानक घट जाता है, जिससे लारवा पानी की सतह पर टिक नहीं पाते और डूबकर सांस न मिलने के कारण मर जाते हैं।
2. बर्नौली प्रमेय एवं द्रव गतिकी (Bernoulli’s Principle & Fluid Dynamics)
इस खंड में आदर्श द्रवों के प्रवाह, ऊर्जा संरक्षण के नियम और इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों (जैसे हवाई जहाज का उड़ना, वेंचुरीमीटर) को समझाया गया है।
- प्रश्न 3: बर्नौली का सिद्धांत (Bernoulli’s Principle) निम्नलिखित में से किस एक के संरक्षण के नियम पर आधारित है?
- (A) द्रव्यमान संरक्षण
- (B) ऊर्जा संरक्षण (Energy Conservation)
- (C) संवेग संरक्षण
- (D) कोणीय संवेग
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: बर्नौली का प्रमेय आदर्श द्रवों के धारारेखीय प्रवाह के लिए ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत को दर्शाता है। इसके अनुसार, किसी बंद पाइप में बहने वाले द्रव की कुल ऊर्जा (दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा का योग) प्रत्येक बिंदु पर हमेशा स्थिर रहती हैं।
- प्रश्न 4: किसी हवाई जहाज के पंखों के ऊपर और नीचे हवा के वेग में अंतर होने के कारण पंखों पर एक ऊपर की ओर बल कार्य करता है, जिसे उत्थापक बल (Lift) कहते हैं। यह परिघटना किस सिद्धांत पर आधारित है?
- (A) आर्किमिडीज का सिद्धांत
- (B) पास्कल का नियम
- (C) बर्नौली का सिद्धांत
- (D) स्ट्रोक का नियम
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हवाई जहाज के पंखों का डिजाइन ऐसा होता है कि ऊपर से बहने वाली हवा का वेग नीचे की हवा से अधिक होता है। बर्नौली के सिद्धांत के अनुसार, जहाँ वेग अधिक होता है वहाँ दाब कम हो जाता है। पंखों के नीचे अधिक दाब होने के कारण ऊपर की तरफ एक धक्का (Lift) मिलता है जो विमान को हवा में उड़ाए रखता है।
- प्रश्न 11: बर्नौली प्रमेय के सिद्धांतों पर आधारित निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण कार्य करता है?
- (A) हाइड्रोमीटर
- (B) वेंचुरीमीटर (Venturimeter)
- (C) बैरोमीटर
- (D) लैक्टोमीटर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: वेंचुरीमीटर एक ऐसा यंत्र है जिसका उपयोग किसी पाइपलाइन में बहने वाले द्रव के प्रवाह की दर (Discharge) मापने के लिए किया जाता है। यह पूरी तरह से बर्नौली के सिद्धांत पर ही आधारित होता है।
3. श्यानता एवं सीमांत वेग (Viscosity & Terminal Velocity)
द्रव और गैसों की परतों के बीच लगने वाले आंतरिक घर्षण (श्यान बल), इसके मात्रक और तापमान के प्रभाव का विश्लेषण।
- प्रश्न 5: श्यानता (Viscosity) का मात्रक निम्नलिखित में से क्या है, जिसे प्रतीक ‘$\eta$’ द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?
- (A) पास्कल
- (B) प्वॉइज (Poise) या पास्कल-सेकंड
- (C) वाट
- (D) न्यूटन/मीटर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: द्रवों या गैसों की परतों के बीच होने वाली सापेक्ष गति का विरोध करने वाले गुण को श्यानता कहते हैं। इसका SI मात्रक पास्कल-सेकंड ($\text{Pa}\cdot\text{s}$) या किग्रा/(मीटर $\cdot$ सेकंड) होता है, और CGS पद्धति में इसे ‘प्वॉइज’ कहा जाता है।
- प्रश्न 6: तापमान में वृद्धि होने पर द्रवों की श्यानता (Viscosity of Liquids) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) द्रवों की श्यानता बढ़ जाती है
- (B) द्रवों की श्यानता घट जाती है
- (C) द्रवों की श्यानता अपरिवर्तित रहती है
- (D) पहले घटती है फिर अचानक बढ़ती है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: तापमान बढ़ने से द्रवों के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है और उनके बीच का अंतर-आणविक संसंजक बल कमजोर हो जाता है। इसके विपरीत, गैसों का तापमान बढ़ाने पर उनकी श्यानता बढ़ती है क्योंकि गैस के अणुओं में टक्करें बढ़ जाती हैं।
- प्रश्न 7: जब कोई वस्तु किसी श्यान द्रव (Viscous Fluid) में मुक्त रूप से गिरती है, तो अंत में वह एक नियत वेग प्राप्त कर लेती है। इस नियत वेग को क्या कहा जाता है?
- (A) प्रारंभिक वेग
- (B) सीमांत वेग (Terminal Velocity)
- (C) पलायन वेग
- (D) क्रांतिक वेग
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: गिरती हुई वस्तु पर नीचे की ओर गुरुत्व बल और ऊपर की ओर श्यान बल व उत्प्लावन बल कार्य करते हैं। जब ऊपर की ओर लगने वाले बल वस्तु के भार के बराबर हो जाते हैं, तो वस्तु पर परिणामी बल शून्य हो जाता है और वह एक अधिकतम नियत वेग से गिरने लगती है, जिसे सीमांत वेग कहते हैं।
4. तरंग गति एवं यांत्रिक तरंगें (Wave Motion & Mechanical Waves)
इस खंड में तरंगों के प्रकार (अनुदैर्ध्य, अनुप्रस्थ, विद्युत-चुंबकीय) और विभिन्न माध्यमों में उनके संचरण के नियमों से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।
- प्रश्न 15: समुद्र में उठने वाली तरंगें और भूकंप के समय पृथ्वी के भीतर से निकलने वाली तरंगें मुख्य रूप से किस प्रकार की तरंगों के उदाहरण हैं?
- (A) केवल अनुप्रस्थ तरंगें
- (B) यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves)
- (C) केवल अनुदैर्ध्य तरंगें
- (D) विद्युत-चुंबकीय तरंगें
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जिन तरंगों के संचरण के लिए किसी न किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता होती है, उन्हें यांत्रिक तरंगें कहते हैं। समुद्र की तरंगें (द्रव माध्यम) और भूकंपीय तरंगें (ठोस माध्यम) इसी श्रेणी में आती हैं।
- प्रश्न 16: अनुदैर्ध्य तरंगों (Longitudinal Waves) के संचरण के दौरान माध्यम के कण किस दिशा में कंपन करते हैं?
- (A) तरंग संचरण की दिशा के लंबवत
- (B) तरंग संचरण की दिशा के समानांतर (अनुदिश)
- (C) किसी भी दिशा में नहीं
- (D) एक वृत्ताकार पथ पर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: अनुदैर्ध्य तरंगों में माध्यम के कण तरंग के आगे बढ़ने की दिशा के समानांतर या उसी रेखा में आगे-पीछे कंपन करते हैं, जैसे ध्वनि तरंगें या स्प्रिंग में उत्पन्न तरंगें। इसमें संपीडन (Compression) और विरलन (Rarefaction) बनते हैं।
- प्रश्न 17: तालाब के शांत जल में पत्थर फेंकने पर जल की सतह पर उत्पन्न होने वाली लहरें किस प्रकार की तरंग का प्रतिनिधित्व करती हैं?
- (A) अनुदैर्ध्य तरंग
- (B) अनुप्रस्थ तरंग (Transverse Wave)
- (C) विद्युत-चुंबकीय तरंग
- (D) अप्रगामी तरंग
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: पानी की सतह पर उत्पन्न लहरों में जल के कण तरंग के आगे बढ़ने की दिशा के लंबवत ($90^\circ$ पर) ऊपर और नीचे गति करते हैं। इस प्रकार की तरंगों को अनुप्रस्थ तरंगें कहते हैं, जिनमें शृंग (Crest) और गर्त (Trough) बनते हैं।
- प्रश्न 18: निम्नलिखित में से कौन सी तरंग बिना किसी भौतिक माध्यम के भी निर्वात (Vacuum) में गति कर सकती है?
- (A) ध्वनि तरंग
- (B) प्रकाश तरंग (विद्युत-चुंबकीय तरंग)
- (C) जल की तरंग
- (D) स्प्रिंग की तरंग
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: विद्युत-चुंबकीय तरंगों (जैसे प्रकाश, एक्स-रे, रेडियो तरंगें) को संचरण के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। ये निर्वात में भी $3 \times 10^8 \text{ m/s}$ की तीव्र चाल से यात्रा कर सकती हैं।
- प्रश्न 19: ध्वनि तरंगों (Sound Waves) की प्रकृति किस प्रकार की होती है और वे किस माध्यम में सबसे तेज गति करती हैं?
- (A) अनुप्रस्थ और गैसों में तेज
- (B) अनुदैर्ध्य और ठोसों में सबसे तेज
- (C) विद्युत-चुंबकीय और निर्वात में तेज
- (D) अनुप्रस्थ और निर्वात में तेज
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य यांत्रिक तरंगें हैं। माध्यम का प्रत्यास्थता गुणांक और घनत्व अधिक होने के कारण ध्वनि की चाल निर्वात में शून्य होती है, जबकि ठोस पदार्थों (जैसे स्टील या लोहे) में इसकी चाल सबसे अधिक होती है।
- प्रश्न 20: चमगादड़ (Bats) रात के घने अंधेरे में भी बिना किसी बाधा या दीवार से टकराए आसानी से उड़ सकते हैं। वे इसके लिए किस प्रकार की तरंगों का उपयोग करते हैं?
- (A) इंफ्रासोनिक (अपश्रव्य) तरंगें
- (B) अल्ट्रासोनिक (पराश्रव्य) तरंगें
- (C) रेडियो तरंगें
- (D) प्रकाश तरंगें
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चमगादड़ उड़ते समय लगातार उच्च आवृत्ति वाली पराश्रव्य (Ultrasonic) तरंगें छोड़ते हैं, जिनकी आवृत्ति $20,000 \text{ Hz}$ से अधिक होती है। ये तरंगें सामने किसी बाधा से टकराकर जब वापस लौटती हैं (इको), तो चमगादड़ अपने कानों से उसे सुनकर रास्ते की दूरी और दिशा का सटीक अंदाजा लगा लेते हैं।