कार्बनिक रसायन विज्ञान विशेष: हाइड्रोकार्बन, बहुलक और व्यावहारिक रसायन 41 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न | Chemistry Notes

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए रसायन विज्ञान (General Science Chemistry) के अंतर्गत कार्बनिक यौगिक (Organic Compounds), ईंधनों के गुणधर्म, प्लास्टिक, बहुलक (Polymers) और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले रसायनों से संबंधित 41 महत्वपूर्ण प्रश्नों का पूरा संकलन पूरी वैज्ञानिक व्याख्या के साथ यहाँ पढ़ें।

1. कार्बनिक रसायन का परिचय एवं हाइड्रोकार्बन (Introduction & Hydrocarbons)

इस खंड में कार्बन की प्रकृति, प्रयोगशाला में निर्मित प्रथम यौगिक, मार्श गैस (मेथेन) और विभिन्न व्यावहारिक गैसों (CNG, LPG) से संबंधित बुनियादी प्रश्नों का संग्रह है।

कार्बन की प्रकृति और प्रथम कार्बनिक यौगिक

  • प्रश्न 1: सभी कार्बनिक यौगिकों (Organic Compounds) का सबसे मुख्य और अनिवार्य आधारभूत तत्व निम्नलिखित में से कौन सा होता है?
    • (A) नाइट्रोजन
    • (B) ऑक्सीजन
    • (C) कार्बन
    • (D) गंधक
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जीवन और कार्बनिक रसायन का मुख्य आधार कार्बन तत्व है। कार्बन में कैटनेशन (शृंखलन) का विशेष गुण पाया जाता है, जिसके कारण यह स्वयं के परमाणुओं के साथ मिलकर लाखों लंबी शृंखला वाले यौगिक बना सकता है।
  • प्रश्न 2: प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से तैयार किया जाने वाला दुनिया का सबसे पहला कार्बनिक यौगिक कौन सा था, जिसे व्होलर ने बनाया था?
    • (A) मेथेन
    • (B) यूरिया (Urea)
    • (C) एसिटिक अम्ल
    • (D) एथिलीन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सन 1828 में जर्मन वैज्ञानिक फ्रेड्रिक व्होलर ने प्रयोगशाला में अमोनियम सायनेट (अकार्बनिक पदार्थ) को गर्म करके ‘यूरिया’ ($\text{NH}_2\text{CONH}_2$) का निर्माण किया था। इससे जैव शक्ति सिद्धांत का अंत हुआ था।
  • प्रश्न 3: प्रकृति में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला कार्बनिक यौगिक (Organic Compound) निम्नलिखित में से कौन सा है जो पौधों की कोशिकाओं में मिलता है?
    • (A) ग्लूकोज
    • (B) सुक्रोज
    • (C) फ्रक्टोज
    • (D) सेल्युलोज (Cellulose)
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सेल्युलोज एक जटिल पॉलीसैकेराइड कार्बोहाइड्रेट है। पौधों की कोशिका भित्ति (Cell Wall) मुख्य रूप से सेल्युलोज से बनी होती है। कपास, सूत और कागज इसके शुद्ध रूप हैं, जो प्रकृति में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।

गैसीय हाइड्रोकार्बन (LPG, CNG, मार्श गैस)

  • प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन सा हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) गैस मुख्य रूप से ‘मार्क गैस’ (Marsh Gas) के नाम से जानी जाती है जो दलदली स्थानों से निकलती है?
    • (A) एथेन
    • (B) मेथेन (Methane – $\text{CH}_4$)
    • (C) प्रोपेन
    • (D) ब्यूटेन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: मेथेन ($\text{CH}_4$) को मार्श गैस भी कहा जाता है क्योंकि यह दलदली स्थानों (Marshes) में वनस्पतियों के सड़ने-गलने से और धान के खेतों से प्रचुर मात्रा में निकलती है।
  • प्रश्न 5: घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों में भरी जाने वाली एल.पी.जी. (LPG – Liquefied Petroleum Gas) का मुख्य घटक निम्नलिखित में से कौन सा होता है?
    • (A) मेथेन और एथेन
    • (B) प्रोपेन और ब्यूटेन (Propane & Butane)
    • (C) एथिलीन और एसीटिलीन
    • (D) Hydrogen और कार्बन मोनोऑक्साइड
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: रसोई गैस (LPG) मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन हाइड्रोकार्बन गैसों का उच्च दाब पर तैयार किया गया द्रवित मिश्रण है। इसमें मुख्य और सर्वाधिक भाग ब्यूटेन ($\text{C}_4\text{H}_{10}$) का होता है।
  • प्रश्न 6: एल.पी.जी. (LPG) गैस मूल रूप से गंधहीन होती. है। गैस सिलेंडरों में से रिसाव (Leakage) का तुरंत और स्पष्ट पता लगाने के लिए उसमें कौन सा तेज गंध वाला रसायन मिलाया जाता है?
    • (A) मेथिल आइसोसायनेट
    • (B) एथिल मरकैप्टन (Ethyl Mercaptan)
    • (C) एथिल अल्कोहल
    • (D) क्लोरोफॉर्म
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सुरक्षा की दृष्टि से LPG में रिसाव को तुरंत पहचानने के लिए सल्फर का एक यौगिक ‘एथिल मरकैप्टन’ ($\text{C}_2\text{H}_5\text{SH}$) मिलाया जाता है, जिसकी तीखी गंध दूर से ही पहचान में आ जाती है।
  • प्रश्न 7: वाहनों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होने वाली सी.एन.जी. (CNG – Compressed Natural Gas) का सबसे प्रमुख मुख्य घटक क्या है?
    • (A) मेथेन (Methane)
    • (B) प्रोपेन
    • (C) ब्यूटेन
    • (D) ईथर
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सीएनजी (CNG) में लगभग 80% से 90% तक मेथेन गैस होती है। यह पर्यावरण के अनुकूल होती है क्योंकि इसका दहन होने पर बहुत कम हानिकारक गैसें उत्सर्जित होती हैं।

औद्योगिक एवं फल पकाने वाली गैसें

  • प्रश्न 8: फलों को कृत्रिम रूप से (Artificial Ripening) समय से पहले पकाने और सुरक्षित रखने के लिए किस गैस का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) एथिलीन या एसिटिलीन (Ethylene / Acetylene)
    • (B) एथेन
    • (C) कार्बन डाइऑक्साइड
    • (D) नाइट्रोजन
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: एथिलीन एक प्राकृतिक पादप हार्मोन है जो फलों को पकाता है। व्यावसायिक रूप से कैल्शियम कार्बाइड से उत्पन्न एसिटिलीन गैस का उपयोग भी फलों को कृत्रिम रूप से पकाने में किया जाता है।
  • प्रश्न 9: वेल्डिंग करने वाले उद्योगों में धातुओं को आपस में जोड़ने के लिए ऑक्सीजन के साथ किस गैस को मिलाकर अत्यधिक उच्च तापमान वाली लौ (Flame) तैयार की जाती है?
    • (A) मेथेन
    • (B) एथेन
    • (C) एसीटिलीन (Acetylene)
    • (D) ब्यूटेन
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ऑक्सीजन और एसीटिलीन ($\text{C}_2\text{H}_2$) गैसों के मिश्रण को जलाने पर ‘ऑक्सी-एसीटिलीन लौ’ उत्पन्न होती है, जिसका तापमान लगभग $3000^\circ\text{C}$ से अधिक होता है। यह धातुओं को पिघलाकर वेल्डिंग करने के काम आती. है।

औद्योगिक दुर्घटना (भोपाल गैस त्रासदी)

  • प्रश्न 10: भोपाल गैस त्रासदी (1984) में यूनियन कार्बाइड कारखाने से किस अत्यधिक जहरीली गैस के रिसाव के कारण हजारों लोगों की मृत्यु हो गई थी?
    • (A) फॉसजीन
    • (B) मस्टर्ड गैस
    • (C) मेथिल आइसोसायनेट (Methyl Isocyanate – MIC)
    • (D) कार्बन मोनोऑक्साइड
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: 2-3 दिसंबर 1984 की रात भोपाल के कीटनाशक कारखाने से ‘मेथिल आइसोसायनेट’ ($\text{CH}_3\text{NCO}$) नामक अत्यंत विषैली गैस का रिसाव पानी के टैंक में मिल जाने के कारण हुआ था, जो इतिहास की सबसे भयानक औद्योगिक त्रासदियों में से एक है।

2. अल्कोहल एवं ईंधनों की रासायनिक गुणवत्ता (Alcohols & Fuels)

इस खंड में एथेनॉल, मेथेनॉल (काष्ठ स्प्रिट), ऑक्टेन/सीटेन संख्या और विमानन ईंधन (एविएशन फ्यूल) के मानकों पर आधारित महत्वपूर्ण प्रश्न हैं।

अल्कोहल के प्रकार एवं प्रभाव

  • प्रश्न 11: शराब या मदिरा (Alcoholic Beverages) का मुख्य नशीला और सक्रिय अवयव घटक निम्नलिखित में से कौन सा होता है?
    • (A) मेथिल अल्कोहल
    • (B) एथिल अल्कोहल (Ethyl Alcohol / Ethanol)
    • (C) ग्लिसरॉल
    • (D) मेन्शॉल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: एथिल अल्कोहल या एथेनॉल ($\text{C}_2\text{H}_5\text{OH}$) ही वह शराब है जिसका उपयोग पेय पदार्थों में किया जाता है। इसका निर्माण गन्ने के रस या अनाजों के किण्वन (Fermentation) द्वारा होता है।
  • प्रश्न 12: ‘ウッド スピリット’ या ‘काष्ठ स्प्रिट’ के नाम से जाना जाने वाला अत्यधिक विषैला अल्कोहल कौन सा है, जिसके पीने से अंधापन या मृत्यु हो सकती है?
    • (A) एथेनॉल
    • (B) मेथिल अल्कोहल या मेथेनॉल (Methyl Alcohol)
    • (C) प्रोपेनॉल
    • (D) ब्यूटेनॉल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: मेथिल अल्कोहल ($\text{CH}_3\text{OH}$) को लकड़ी के भंजक आसवन द्वारा बनाए जाने के कारण वुड स्प्रिट कहते हैं। यह बेहद जहरीला होता है; शरीर में जाने पर यह फॉर्मेल्डिहाइड में बदलकर आँखों की रोशनी नष्ट कर देता है और मृत्यु का कारण बनता है।

ईंधन मिश्रण एवं गुणवत्ता मानक

  • प्रश्न 13: पेट्रोल के साथ एथेनॉल को मिलाकर बनाए जाने वाले ईंधन को क्या कहा जाता है जो गाड़ियों में प्रदूषण कम करने के काम आता है?
    • (A) पावर अल्कोहल (Power Alcohol)
    • (B) रेक्टिफाइड स्प्रिट
    • (C) गैसोहोल
    • (D) बायो-डीजल
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब 90% पेट्रोल में 10% शुद्ध एथिल अल्कोहल (एथेनॉल) मिलाया जाता है, तो इस मिश्रण को ‘गैसोहोल’ (Gasohol) कहते हैं। यह कच्चे तेल पर निर्भरता और प्रदूषण दोनों को कम करता है।
  • प्रश्न 14: कच्चे तेल या पेट्रोल की गुणवत्ता और उसकी ‘एंटी-नॉक’ (अपस्फोटकरोधी) क्षमता को मापने के लिए किस संख्या का उपयोग किया जाता है?
    • (A) सीटेन संख्या
    • (B) ऑक्टेन संख्या (Octane Number)
    • (C) स्वर्ण संख्या
    • (D) मैक संख्या
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पेट्रोल (गैसोलीन) की गुणवत्ता का निर्धारण ऑक्टेन संख्या (Octane Number) से किया जाता है। ऑक्टेन संख्या जितनी अधिक होगी, ईंधन का इंजन में अपस्फोटन (Knocking) उतना ही कम होगा और ईंधन उतना ही बेहतर माना जाएगा।
  • प्रश्न 15: भारी वाहनों जैसे ट्रकों, बसों और रेल इंजनों में प्रयुक्त होने वाले डीजल ईंधन की प्रज्वलन गुणवत्ता को मापने के लिए किस रेटिंग का उपयोग होता है?
    • (A) ऑक्टेन संख्या
    • (B) सीटेन संख्या (Cetane Number)
    • (C) कैलोरी मान
    • (D) एम्पियर रेटिंग
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: डीजल ईंधन की गुणवत्ता और उसके जलने के समय के सटीक मापन के लिए सीटेन संख्या (Cetane Number) का उपयोग किया जाता है। उच्च सीटेन संख्या वाला डीजल इंजन को आसानी से शुरू करने में मदद करता है।
  • प्रश्न 16: हवाई जहाजों और विमानों के इंजनों में ईंधन के रूप में शुद्धता के साथ प्रयुक्त होने वाला ‘एविएशन फ्यूल’ वास्तव में क्या होता है?
    • (A) उच्च ऑक्टेन पेट्रोल
    • (B) शुद्ध मिट्टी का तेल या केरोसिन (Purified Kerosene)
    • (C) द्रवित हाइड्रोजन
    • (D) मेथेनॉल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: विमानन ईंधन (Aviation Turbine Fuel – ATF) अत्यधिक परिष्कृत और शुद्ध किया हुआ केरोसिन (मिट्टी का तेल) होता है। इसका हिमांक बिंदु बहुत कम होता है, जिससे यह ऊँचाइयों पर अत्यधिक ठंड में भी जमता नहीं है।

3. कार्बन के क्रिस्टलीय एवं अक्रिस्टलीय अपरूप (Allotropes of Carbon)

हीरा, ग्रेफाइट, बकमिनस्टर फुलरीन और उनके विशिष्ट भौतिक व रासायनिक लक्षणों की विवेचना।

हीरा और ग्रेफाइट के गुण

  • प्रश्न 17: कार्बन का वह कौन सा क्रिस्टलीय अपरूप (Allotrope) है जो प्राकृतिक रूप से दुनिया का सबसे कठोरतम पदार्थ माना जाता है?
    • (A) ग्रेफाइट
    • (B) हीरा (Diamond)
    • (C) फुलरीन
    • (D) कोयला
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: हीरा कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपरूप है जिसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु $sp^3$ संकरण द्वारा चार अन्य कार्बन परमाणुओं से मजबूत त्रिविमीय जाल के रूप में जुड़ा होता है। इसी दृढ़ संरचना के कारण यह प्राकृतिक रूप से सबसे कठोर होता है।
  • प्रश्न 18: कार्बन का वह कौन सा अपरूप है जो अधातु होते हुए भी अपनी मुक्त इलेक्ट्रॉन संरचना के कारण विद्युत और ऊष्मा का बहुत अच्छा सुचालक होता है?
    • (A) हीरा
    • (B) ग्रेफाइट (Graphite)
    • (C) चारकोल
    • (D) कोक
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ग्रेफाइट में कार्बन $sp^2$ संकरित अवस्था में परतों के रूप में होता है। इसकी संरचना में प्रत्येक कार्बन का एक इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र (मुक्त) रहता है, जो पूरी परत में गति कर सकता है। इसी कारण ग्रेफाइट विद्युत का सुचालक होता है।
  • प्रश्न 19: भारी मशीनों और कल-पुर्जों में जहाँ तेल या ग्रीस का उपयोग चिकनाई के लिए संभव नहीं होता, वहाँ सूखे स्नेहक (Dry Lubricant) के रूप में किसका पाउडर प्रयुक्त होता है?
    • (A) हीरे का चूर्ण
    • (B) ग्रेफाइट का चूर्ण (Graphite Powder)
    • (C) सिलिका
    • (D) गंधक
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ग्रेफाइट की परतें आपस में कमजोर वांडरवाल्स बलों द्वारा जुड़ी होती हैं, जिससे वे एक-दूसरे पर आसानी से फिसल सकती हैं। इस चिकने और नरम गुण के कारण इसका उपयोग भारी मशीनों में शुष्क स्नेहक के रूप में किया जाता है।

फुलरीन (Fullerene)

  • प्रश्न 20: कार्बन के 60 परमाणुओं से मिलकर बनी फुटबॉल जैसी गोल आणविक संरचना वाले अपरूप को किस नाम से जाना जाता है?
    • (A) नैनोट्यूब
    • (B) बकमिनस्टर फुलरीन (Buckminsterfullerene – $C_{60}$)
    • (C) ग्राफीन
    • (D) काठ कोयला
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: फुलरीन कार्बन का एक शुद्ध अपरूप है। इसके $C_{60}$ अणु की संरचना में 20 षटकोण और 12 पंचकोण होते हैं, जो प्रसिद्ध वास्तुकार बकमिनस्टर फुलर द्वारा डिजाइन किए गए जियोडेसिक गुंबद जैसे दिखते हैं, इसलिए इसे बकीबॉल भी कहते हैं।

4. प्लास्टिक, कृत्रिम रबर एवं बहुलक (Polymers & Plastics)

इस भाग में दैनिक उपयोग के प्लास्टिक (बेकेलाइट, PVC, टेफ्लॉन), रबर का वल्कनीकरण और कृत्रिम धागों (नायलॉन, केवलर) का समावेशन है।

थर्मोसेटिंग और थर्मोप्लास्टिक अनुप्रयोग

  • प्रश्न 21: घरेलू उपयोग में आने वाले बर्तनों के हैंडल और बिजली के स्विच बनाने में किस मजबूत थर्मोसेटिंग प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है जो ऊष्मा का कुचालक है?
    • (A) पॉलिथीन
    • (B) पी.वी.सी. (PVC)
    • (C) बेकेलाइट (Bakelite)
    • (D) नायलॉन
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: बेकेलाइट एक थर्मोसेटिंग बहुलक (प्लास्टिक) है जो फॉर्मेल्डिहाइड और फिनोल की क्रिया से बनता है। एक बार सांचे में ढलने के बाद यह गर्म करने पर पिघलता नहीं है और बिजली व ऊष्मा का कड़ा कुचालक होता है।
  • प्रश्न 22: नॉन-स्टिक (बिना चिपकने वाले) खाना पकाने के बर्तनों और तवों पर किस विशेष बहुलक (Polymer) की परत चढ़ाई जाती है?
    • (A) पी.वी.सी.
    • (B) टेफ्लॉन (Teflon – PTFE)
    • (C) पॉलीस्टाइरीन
    • (D) रेयान
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: टेफ्लॉन का रासायनिक नाम पॉलीटेट्राफ्लूरोएथिलीन (PTFE) है। यह रसायन और ऊष्मा के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी होता है और इसका घर्षण गुणांक बहुत कम होता है, जिससे इस पर भोजन या तेल चिपकता नहीं है।
  • प्रश्न 23: रेनकोट (बरसाती), पानी के पाइप, बिजली के तारों के बाहरी कवर और विनाइल फर्श बनाने में किस प्लास्टिक का सर्वाधिक उपयोग होता है?
    • (A) पॉलिथीन
    • (B) पी.वी.सी. (PVC – Polyvinyl Chloride)
    • (C) टेफ्लॉन
    • (D) पॉलीस्टाइरीन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पी.वी.सी. का पूरा नाम पॉलीविनाइल क्लोराइड है। यह एक बहुउपयोगी थर्मोप्लास्टिक है जो जल प्रतिरोधी और कड़ा होता है, इसलिए इसका उपयोग पाइप और बरसाती कपड़े बनाने में किया जाता है।

प्राकृतिक एवं कृत्रिम रबर (Rubber & Vulcanization)

  • प्रश्न 24: प्राकृतिक रबर (Natural Rubber) को अत्यधिक मजबूत, टिकाऊ और कम चिपचिपा बनाने के लिए उसे सल्फर (गंधक) के साथ गर्म करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
    • (A) गैल्वनीकरण
    • (B) वल्कनीकरण (Vulcanization)
    • (C) बहुलकीकरण
    • (D) भंजन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: प्राकृतिक रबर बहुत नरम और लचीला होता है। इसे सल्फर के साथ लगभग $140^\circ\text{C}$ पर गर्म करने से कार्बन शृंखलाओं के बीच सल्फर के क्रॉस-लिंक (बंध) बन जाते हैं, जिससे इसकी प्रत्यास्थता और शक्ति बढ़ जाती है। इसे वल्कनीकरण कहते हैं।
  • प्रश्न 25: प्राकृतिक रबर वास्तव में निम्नलिखित में से किस कार्बनिक यौगिक का एक प्राकृतिक बहुलक (Polymer) होता है?
    • (A) एथिलीन
    • (B) आइसोप्रीन (Isoprene)
    • (C) विनाइल क्लोराइड
    • (D) स्टाइरीन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: प्राकृतिक रबर पेड़ों से निकलने वाले लेटेक्स (दूधिया द्रव) से प्राप्त होता है। यह रासायनिक रूप से ‘आइसोप्रीन’ (2-Methyl-1,3-butadiene) का बहुलक होता है।

कृत्रिम रेशे (Synthetic Fibers)

  • प्रश्न 26: पूर्ण रूप से मानव द्वारा प्रयोगशाला में तैयार किया गया पहला पूर्ण सिंथेटिक (कृत्रिम) रेशा या फाइबर कौन सा था, जो बहुत मजबूत होता है?
    • (A) रेयान
    • (B) नायलॉन (Nylon)
    • (C) पॉलीएस्टर
    • (D) एक्रिलिक
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: नायलॉन पहला पूर्ण कृत्रिम रेशा है जिसे सन 1935 में कोयले, जल और वायु की सहायता से बनाया गया था। यह एक पॉलियामाइड बहुलक है जिसका उपयोग पैराशूट और रस्सियाँ बनाने में होता है।
  • प्रश्न 27: ‘कृत्रिम रेशम’ (Artificial Silk) के नाम से जाना जाने वाला रेशा कौन सा है जिसे सेल्युलोज के रासायनिक उपचार द्वारा तैयार किया जाता है?
    • (A) नायलॉन
    • (B) रेयान (Rayon)
    • (C) टेरिलिन
    • (D) डेक्रॉन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: रेयान को कृत्रिम रेशम कहा जाता है क्योंकि इसके गुण और चमक असली रेशम जैसे होते हैं, परंतु इसे लकड़ी की लुगदी (सेल्युलोज) के रासायनिक प्रकम द्वारा मानव निर्मित रूप में तैयार किया जाता है।
  • प्रश्न 28: बुलेट-प्रूफ जैकेट और सुरक्षात्मक हेलमेट बनाने में किस अत्यधिक मजबूत और उच्च शक्ति वाले सिंथेटिक फाइबर (बहुलक) का उपयोग किया जाता है?
    • (A) नायलॉन-6
    • (B) केवलर (Kevlar)
    • (C) डैक्रॉन
    • (D) रेयान
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: केवलर एक अत्यंत उच्च शक्ति वाला सिंथेटिक फाइबर है। इसकी आणविक संरचना में फेनिल समूह और एमाइड कड़ियाँ बहुत मजबूती से जुड़ी होती हैं, जो स्टील की तुलना में पांच गुना अधिक मजबूत होती हैं और गोलियों को रोकने में सक्षम हैं।

5. विस्फोटक, औद्योगिक एवं दैनिक विलायक (Explosives & Solvents)

TNT विस्फोटक, डायनामाइट का इतिहास, तारपीन का तेल और ड्राई क्लीनिंग के विलायकों पर आधारित प्रश्नों का समावेश।

  • प्रश्न 29: प्राकृतिक रूप से चीड़ और पाइन के पेड़ों से निकलने वाले राल (Resin) से कौन सा सुगंधित तेल प्राप्त किया जाता है जो पेंट उद्योगों में प्रयुक्त होता है?
    • (A) मिट्टी का तेल
    • (B) तारपीन का तेल (Turpentine Oil)
    • (C) जैतून का तेल
    • (D) सरसों का तेल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: तारपीन का तेल चीड़ के पेड़ों से प्राप्त राल (रेजिन) के आसवन से बनाया जाता है। यह एक कार्बनिक विलायक है जिसका मुख्य उपयोग पेंट और वार्निश को पतला करने के लिए थिनर के रूप में किया जाता है।
  • प्रश्न 30: विस्फोटक पदार्थ ‘टी.एन.टी.’ (TNT) का पूरा रासायनिक नाम क्या है जिसका उपयोग सेना द्वारा बमों और विस्फोटों में किया जाता है?
    • (A) ट्राईनाइट्रो टॉलूईन (Trinitrotoluene)
    • (B) ट्राईनाइट्रो फिनोल
    • (C) ट्राईनाइट्रो ग्लिसरीन
    • (D) टेट्रा नाइट्रो एमाइड
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: TNT का पूरा नाम ट्राईनाइट्रो टॉलूईन ($\text{C}_7\text{H}_5\text{N}_3\text{O}_6) है। यह टॉलूईन की सांद्र नाइट्रिक और सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ क्रिया कराकर बनाया जाने वाला एक अत्यंत शक्तिशाली पीला ठोस विस्फोटक पदार्थ है।
  • प्रश्न 31: डायनामाइट (Dynamite) नामक प्रसिद्ध विस्फोटक का आविष्कार किस महान वैज्ञानिक द्वारा किया गया था, जिनके नाम पर नोबेल पुरस्कार दिए जाते हैं?
    • (A) अल्फ्रेड नोबेल (Alfred Nobel)
    • (B) थॉमस एडिसन
    • (C) मैडम क्यूरी
    • (D) अल्बर्ट आइंस्टीन
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सन 1867 में स्वीडिश रसायनशास्त्री अल्फ्रेड नोबेल ने नाइट्रोग्लिसरीन को अक्रिय सोखने वाले पदार्थ (जैसे कीजलगुह्र) के साथ मिलाकर डायनामाइट का आविष्कार किया था, जो खदानों और पहाड़ों को तोड़ने में सुरक्षित रूप से काम आता है।
  • प्रश्न 41: कपड़ों की ‘ड्राई क्लीनिंग’ (शुष्क धुलाई) में पानी के स्थान पर किस कार्बनिक विलायक का उपयोग ग्रीस और तेल के दागों को आसानी से घोलने के लिए किया जाता है?
    • (A) एथिल अल्कोहल
    • (B) टेट्राक्लोरोएथिलीन या बेंजीन (Perchloroethylene / Benzene)
    • (C) सिरका
    • (D) जल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ड्राई क्लीनिंग में पानी का उपयोग नहीं होता क्योंकि कुछ नाजुक कपड़े पानी से सिकुड़ जाते हैं। इसके स्थान पर परक्लोरोएथिलीन (PERC) या बेंजीन और पेट्रोल जैसे विलायकों का उपयोग किया जाता है, जो कपड़ों के रेशों को नुकसान पहुँचाए बिना वसा और तेल को साफ कर देते हैं।

6. साबुन, अपमार्जक एवं घरेलू रसायन (Soaps, Detergents & Cleaners)

साबुन और डिटर्जेंट के बीच का रासायनिक अंतर तथा कठोर जल में उनकी कार्यप्रणाली के अति-महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन।

  • प्रश्न 32: चिकित्सा क्षेत्र में प्रयुक्त होने वाले डिटर्जेंट और जीवाणुनाशक ‘डेटॉल’ (Dettol) की मुख्य एंटीसेप्टिक (रोगाणुरोधक) विशेषता किस रसायन के कारण होती है?
    • (A) क्लोरोजाइलीनॉल (Chloroxylenol) और टरपिनियोल
    • (B) फिनोल
    • (C) आयोडीन
    • (D) फॉर्मेल्डिहाइड
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: डेटॉल का मुख्य रोगाणुरोधी घटक क्लोरोजाइलीनॉल ($\text{C}_8\text{H}_9\text{ClO}$) है, जिसे टरपिनियोल और अल्कोहल के मिश्रण के साथ मिलाकर एंटीसेप्टिक लिक्विड तैयार किया जाता है।
  • प्रश्न 33: साबुन (Soap) उच्च वसीय अम्लों (जैसे स्टीयरिक या पामिटिक अम्ल) के निम्नलिखित में से कौन से लवण होते हैं जो जल के साथ झाग बनाते हैं?
    • (A) सोडियम या पोटैशियम लवण (Sodium / Potassium Salts)
    • (B) कैल्शियम या मैग्नीशियम लवण
    • (C) अमोनियम लवण
    • (D) लोहे के लवण
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: साबुन लंबी शृंखला वाले उच्च वसीय अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं। सोडियम लवण वाले साबुन कड़े (कपड़े धोने के) होते हैं और पोटैशियम लवण वाले साबुन नरम (नहाने के) होते हैं।
  • प्रश्न 34: कठोर जल (Hard Water) के साथ भी आसानी से बहुत अधिक झाग देने वाले और कपड़ों की सफाई करने वाले आधुनिक ‘डिटर्जेंट’ या अपमार्जक रासायनिक रूप से क्या होते हैं?
    • (A) उच्च वसा अम्लों के सोडियम लवण
    • (B) लंबी शृंखला वाले ऐल्किल सल्फोनेट्स के सोडियम लवण (Sodium Alkyl Sulfonates)
    • (C) प्राकृतिक ग्लूकोसाइड्स
    • (D) अकार्बनिक नाइट्रेट्स
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: डिटर्जेंट सिंथेटिक अपमार्जक होते हैं जो लंबी हाइड्रोकार्बन शृंखला वाले ऐल्किल बेंजीन सल्फोनेट के सोडियम लवण होते हैं। ये कठोर जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अघुलनशील अवक्षेप नहीं बनाते, इसलिए कठोर जल में भी प्रभावी सफाई करते हैं।

7. औषधि एवं खाद्य रसायन विज्ञान (Pharmaceuticals & Food Chemistry)

दर्द निवारक दवाओं (एस्पिरिन), मलेरिया रोधी प्राकृतिक दवाओं (कुनैन), खाद्य परिरक्षकों (सोडियम बेंजोएट) और कृत्रिम सुगंध (एस्टर) के महत्वपूर्ण प्रश्न।

औषधीय रसायन (Medicinal Chemistry)

  • प्रश्न 35: औषधीय क्षेत्र में एस्पिरिन (Aspirin) का प्रयोग दर्द निवारक और ज्वरनाशक के रूप में किया जाता है। इसका रासायनिक नाम क्या है?
    • (A) मेथिल सैलिसिलेट
    • (B) एसिटाइल सैलिसिलिक अम्ल (Acetylsalicylic Acid)
    • (C) क्लोरोबेंजीन
    • (D) बेंजोइक अम्ल
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: एस्पिरिन का रासायनिक नाम एसिटाइल सैलिसिलिक अम्ल है। यह दर्द, सूजन और बुखार को कम करने के साथ-साथ खून को पतला करने (हार्ट अटैक के खतरों को टालने) में भी बेहद उपयोगी दवा है।
  • प्रश्न 36: मलेरिया रोग के उपचार के लिए सदियों से प्रयुक्त होने वाली प्राकृतिक दवा ‘कुनैन’ (Quinine) किस पेड़ की छाल से प्राप्त की जाती है?
    • (A) सिनकोना (Cinchona)
    • (B) यूकेलिप्टस
    • (C) नीम
    • (D) देवदार
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: कुनैन एक प्राकृतिक एल्केलाइड है जो सिनकोना नामक पौधे की छाल से निकाला जाता है। यह मलेरिया के परजीवी प्लाज्मोडियम को नष्ट करने की एक अत्यंत प्रभावी और पारंपरिक दवा है।

खाद्य परिरक्षण एवं कृत्रिम फ्लेवर

  • प्रश्न 37: खाद्य पदार्थों (जैसे जैम, सॉस और डिब्बाबंद भोजन) को लंबे समय तक सड़ने और खराब होने से बचाने के लिए किस रासायनिक परिरक्षक (Preservative) का उपयोग सर्वाधिक किया जाता है?
    • (A) सोडियम कार्बोनेट
    • (B) सोडियम बेंजोएट (Sodium Benzoate)
    • (C) सोडियम क्लोराइड
    • (D) कैल्शियम सल्फेट
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सोडियम बेंजोएट ($\text{C}_6\text{H}_5\text{COONa}$) खाद्य परिरक्षक के रूप में सबसे अधिक प्रयुक्त होता है। यह अम्लीय माध्यम में भोजन के भीतर ईस्ट, बैक्टीरिया और फफूंद की वृद्धि को पूरी तरह रोक देता है।
  • प्रश्न 38: फलों के रसों, आइसक्रीम और मिठाइयों में गुलाब, वैनिला या पक्के फलों जैसी कृत्रिम मनमोहक सुगंध (Artificial Flavor) पैदा करने के लिए किस कार्बनिक यौगिक वर्ग का उपयोग किया जाता है?
    • (A) अल्कोहल
    • (B) एस्टर (Ester)
    • (C) ईथर
    • (D) कवकनाशक (कीटोन)
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: एस्टर वर्ग के यौगिकों की गंध अत्यंत मीठी और फलों जैसी होती है। उदाहरण के लिए, आइसोऐमिल एसीटेट से केले जैसी और एथिल ब्यूटाइरेट से अनानास जैसी सुगंध आती है, इसलिए इनका उपयोग कृत्रिम फ्लेवर और इत्र बनाने में किया जाता है।

तैल चित्रों का पुनरुद्धार

  • प्रश्न 39: पुराने तैलीय चित्रों (Oil Paintings) के काले पड़ चुके रंगों को दोबारा उभारने और मूल रूप में चमकाने के लिए किस रसायन का उपयोग किया जाता है?
    • (A) सल्फ्यूरिक अम्ल
    • (B) हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($\text{H}_2\text{O}_2$)
    • (C) एथिल अल्कोहल
    • (D) अमोनिया
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पुराने तैल चित्रों में मौजूद सफेद लेड हवा की $\text{H}_2\text{S}$ गैस से क्रिया करके काले रंग का लेड सल्फाइड ($\text{PbS}$) बना लेता है। हाइड्रोजन पेरोक्साइड ($\text{H}_2\text{O}_2$) इसे आक्सीकृत करके पुनः सफेद लेड सल्फेट में बदल देता है, जिससे चित्र साफ हो जाता है।

चिकित्सा में निश्चेतक (Anesthesia)

  • प्रश्न 40: डॉक्टरों द्वारा शल्य चिकित्सा या ऑपरेशन के समय मरीज को कुछ समय के लिए बेहोश करने (Anesthesia) के लिए पारंपरिक रूप से किस गैस के मिश्रण का प्रयोग निश्चेतक के रूप में किया जाता है?
    • (A) कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन
    • (B) नाइट्रस ऑक्साइड और ऑक्सीजन (Nitrous Oxide + Oxygen)
    • (C) नाइट्रोजन और मेथेन
    • (D) केवल शुद्ध क्लोरोफॉर्म
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: आधुनिक चिकित्सा में नाइट्रस ऑक्साइड ($\text{N}_2\text{O}$ – हास्य गैस) को ऑक्सीजन के साथ निश्चित अनुपात में मिलाकर एक सुरक्षित निश्चेतक (Anesthetic) के रूप में मरीजों को सुँघाया जाता है।
  • प्रश्न 41: कपड़ों की ‘ड्राई क्लीनिंग’ (शुष्क धुलाई) में पानी के स्थान पर किस कार्बनिक विलायक का उपयोग ग्रीस और तेल के दागों को आसानी से घोलने के लिए किया जाता है?
  • (A) एथिल अल्कोहल
  • (B) टेट्राक्लोरोएथिलीन या बेंजीन (Perchloroethylene / Benzene)
  • (C) सिरका
  • (D) जल

उत्तर: (B)

वैज्ञानिक व्याख्या: ड्राई क्लीनिंग (Dry Cleaning) में पानी का उपयोग नहीं किया जाता है, क्योंकि रेशम, ऊन या अन्य नाजुक कपड़े पानी के संपर्क में आने से सिकुड़ सकते हैं या उनका आकार बिगड़ सकता है। इसके स्थान पर परक्लोरोएथिलीन (PERC – Tetrachloroethylene), बेंजीन या पेट्रोल जैसे शक्तिशाली कार्बनिक विलायकों का उपयोग किया जाता है। ये विलायक कपड़ों के रेशों (Fibers) को नुकसान पहुँचाए बिना उन पर लगे जिद्दी ग्रीस, तेल और वसा के दागों को अपने भीतर आसानी से घोलकर साफ कर देते हैं।