सामान्य विज्ञान विशेष: ध्वनि की चाल, आवृत्ति और तरंग गुणधर्म टॉप 45 बहुविकल्पीय प्रश्न | Physics Science Notes

प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाने वाले सामान्य विज्ञान के अंतर्गत ध्वनि की गति (Speed of Sound), विभिन्न माध्यमों का प्रभाव, विद्युत-चुंबकीय तरंगों के गुणधर्म और दोलन से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्नों का पूरा संकलन वैज्ञानिक व्याख्या के साथ यहाँ पढ़ें।

1. ध्वनि की चाल, तीव्रता एवं माध्यमों का प्रभाव

इस खंड में ध्वनि की चाल पर तापमान, माध्यम की अवस्था (ठोस, द्रव, गैस), और ध्वनि प्रदूषण के मानकों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों को शामिल किया गया है।

ध्वनि की तीव्रता और डेसिबल

  • प्रश्न 1: डेसिबल (Decibel) इकाई का प्रयोग निम्नलिखित में से किसे मापने के लिए किया जाता है?
    • (A) प्रकाश की गति मापने में
    • (B) ऊष्मा की तीव्रता मापने में
    • (C) ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता मापने में
    • (D) रेडियोधर्मी तरंगों की आवृत्ति मापने में
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता को मापने के लिए डेसिबल (dB) इकाई का प्रयोग किया जाता है। यह बैल (Bel) का दसवां भाग होता है। सामान्य फुसफुसाहट लगभग 15-20 dB और सामान्य बातचीत 30-40 dB की होती है।
  • प्रश्न 39: ध्वनि प्रदूषण या शोर के स्तर को मापने के लिए किस इकाई का उपयोग किया जाता है जो पर्यावरण मानकों के लिए आवश्यक है?
    • (A) पीपीएम (ppm)
    • (B) डेसिबल (dB)
    • (C) हर्ट्ज़
    • (D) वाट
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि प्रदूषण की तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है। रिहायशी इलाकों के लिए दिन के समय 55 dB और रात के समय 45 dB की सीमा तय की गई है।
  • प्रश्न 11: मनुष्यों के लिए शोर की सहने योग्य सीमा (Noise Tolerance Limit) सामान्यतः कितनी मानी गई है, जिसके ऊपर की ध्वनि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है?
    • (A) 45 dB
    • (B) 85 dB
    • (C) 120 dB
    • (D) 150 dB
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: 80 से 85 डेसिबल तक की ध्वनि को मनुष्य का कान बिना किसी गंभीर नुकसान के कुछ समय तक सह सकता है। 85 dB से अधिक की ध्वनि में लगातार लंबे समय तक रहने पर बहरेपन, तनाव और उच्च रक्तचाप जैसी शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।

माध्यम परिवर्तन और आवृत्ति की स्थिरता

  • प्रश्न 2: जब ध्वनि तरंगें एक माध्यम से दूसरे माध्यम (जैसे वायु से जल) में प्रवेश करती हैं, तो निम्नलिखित में से कौन सी राशि पूरी तरह अपरिवर्तित रहती है?
    • (A) ध्वनि की चाल
    • (B) तरंगदैर्ध्य (Wavelength)
    • (C) ध्वनि का आयाम
    • (D) ध्वनि की आवृत्ति (Frequency)
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब कोई भी तरंग (चाहे ध्वनि हो या प्रकाश) एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाती है, तो उसकी चाल और तरंगदैर्ध्य माध्यम के गुणों के अनुसार बदल जाते हैं, परंतु उसकी आवृत्ति (Frequency) हमेशा स्थिर या अपरिवर्तित रहती है क्योंकि आवृत्ति स्रोत पर निर्भर करती है।

तापमान का प्रभाव

  • प्रश्न 3: वायु में ध्वनि का वेग (Velocity of Sound in Air) तापमान के साथ किस प्रकार परिवर्तित होता है?
    • (A) तापमान बढ़ने पर घटता है
    • (B) तापमान घटने पर बढ़ता है
    • (C) तापमान के घटने से घटता है
    • (D) तापमान पर निर्भर नहीं करता है
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: माध्यम का तापमान बढ़ने पर वायु के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे ध्वनि का वेग भी बढ़ जाता है। इसके विपरीत, तापमान घटने पर ध्वनि का वेग घटता है। प्रति $1^\circ\text{C}$ तापमान बढ़ने पर वायु में ध्वनि की चाल 0.61 m/s बढ़ जाती है।

माध्यम की अवस्थाओं में ध्वनि की चाल (ठोस, द्रव, गैस)

  • प्रश्न 6: किसी माध्यम में ध्वनि की चाल सबसे कम किस अवस्था में होती है?
    • (A) ठोस अवस्था में
    • (B) द्रव अवस्था में
    • (C) गैसीय अवस्था में
    • (D) निर्वात में
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि की चाल माध्यम की प्रत्यास्थता और घनत्व पर निर्भर करती है। दिए गए माध्यमों में गैसों की प्रत्यास्थता सबसे कम होती है, इसलिए गैसों में ध्वनि की चाल सबसे कम होती है। ध्यान रहे, निर्वात में ध्वनि की चाल शून्य होती है क्योंकि वहाँ कोई माध्यम नहीं होता।
  • प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन सी तरंगें शुष्क वायु में 332 m/s की चाल से गति करती हैं?
    • (A) एक्स-किरणें
    • (B) रेडियो तरंगें
    • (C) ध्वनि तरंगें
    • (D) प्रकाश तरंगें
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: $0^\circ\text{C}$ तापमान और शुष्क वायु में ध्वनि तरंगों की औसत चाल लगभग 332 मीटर प्रति सेकंड होती है। एक्स-किरणें, रेडियो तरंगें और प्रकाश तरंगें विद्युत-चुंबकीय तरंगें हैं जो प्रकाश की चाल ($3 \times 10^8\text{ m/s}$) से चलती हैं।
  • प्रश्न 38: $0^\circ\text{C}$ तापमान पर निम्नलिखित में से किस माध्यम में ध्वनि की चाल सबसे अधिक होगी?
    • (A) शुष्क वायु
    • (B) जल
    • (C) लोहा
    • (D) एल्युमिनियम
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सामान्यतः लोहे में ध्वनि की चाल लगभग 5100 m/s होती है, लेकिन एल्युमिनियम में ध्वनि की चाल $0^\circ\text{C}$ पर लगभग 6420 m/s होती है, जो लोहे से भी अधिक है।
  • प्रश्न 41: समुद्र के पानी में ध्वनि की चाल साधारण या शुद्ध पानी की तुलना में कैसी होती है?
    • (A) कम होती है
    • (B) अधिक होती है
    • (C) बिल्कुल बराबर होती है
    • (D) शून्य होती है
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: समुद्री पानी में विभिन्न प्रकार के लवण (Salts) घुले होने के कारण उसका घनत्व और आयतन प्रत्यास्थता शुद्ध जल की तुलना में अधिक होती है, जिसके कारण समुद्री जल में ध्वनि की चाल अधिक होती है।

2. ध्वनि के विशिष्ट गुणधर्म (परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, गुणता)

इस खंड में ध्वनि के व्यावहारिक लक्षणों जैसे सिनेमा हॉल की बनावट, रात में दूर तक आवाज सुनाई देना और गूंज (अनुणरण) की व्याख्या की गई है।

ध्वनि की गुणता (Timbre)

  • प्रश्न 8: ध्वनि तरंगों का वह गुण जिसके कारण हम समान तीव्रताओं और समान तारत्व (Pitch) की दो अलग-अलग ध्वनियों (जैसे दो अलग-अलग गायकों की आवाज) में अंतर पहचान पाते हैं, क्या कहलाता है?
    • (A) तारत्व
    • (B) गुणता (Quality or Timbre)
    • (C) प्रबलता
    • (D) आयाम
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि की गुणता (Timbre) वह लक्षण है जो समान आवृत्ति और समान तीव्रता की ध्वनियों के बीच अंतर स्पष्ट करने में मदद करता है। यह ध्वनि तरंग के आकार और उसमें उपस्थित संनादियों (Overtones) की संख्या पर निर्भर करता है।

रात में ध्वनि का अपवर्तन

  • प्रश्न 9: रात के समय या बंद कमरे में दूर से आने वाली आवाजें साफ और स्पष्ट क्यों सुनाई देती हैं? इसके पीछे ध्वनि का कौन सा गुण कार्य करता है?
    • (A) ध्वनि का परावर्तन
    • (B) ध्वनि का अपवर्तन (Refraction)
    • (C) ध्वनि का विवर्तन
    • (D) ध्वनि का व्यतिकरण
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: रात के समय पृथ्वी की सतह के पास की हवा ठंडी (सघन) और ऊपर की हवा गर्म (विरल) होती है। ध्वनि तरंगें जब नीचे से ऊपर की ओर जाती हैं, तो अपवर्तन के कारण वे वापस नीचे पृथ्वी की ओर झुक जाती हैं, जिससे रात में आवाजें दूर तक और साफ सुनाई देती हैं।

सिनेमा हॉल की बनावट और स्टेथॉसकोप (परावर्तन)

  • प्रश्न 10: सिनेमा हॉल की छतों को वक्राकार (Curved) क्यों बनाया जाता है?
    • (A) हॉल को सुंदर दिखाने के लिए
    • (B) ताकि प्रकाश का परावर्तन सही हो
    • (C) ताकि ध्वनि परावर्तन के बाद हॉल के सभी कोनों तक समान रूप से पहुँच सके
    • (D) गूंज को पूरी तरह समाप्त करने के लिए
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: बड़े कॉन्सर्ट हॉल या सिनेमा हॉल की छतों को वक्राकार इसलिए बनाया जाता है ताकि मंच या स्पीकर से निकलने वाली ध्वनि छत से टकराने के बाद परावर्तित होकर पूरे हॉल में बैठे सभी दर्शकों तक समान रूप से और साफ-साफ पहुँच सके।
  • प्रश्न 40: डॉक्टरों द्वारा उपयोग किया जाने वाला ‘स्टेथॉसकोप’ (Stethoscope) मरीज के दिल की धड़कन को सुनने के लिए ध्वनि के किस सिद्धांत पर कार्य करता है?
    • (A) ध्वनि का अपवर्तन
    • (B) ध्वनि का विवर्तन
    • (C) ध्वनि का बार-बार परावर्तन (Multiple Reflection)
    • (D) अनुनाद
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: स्टेथॉसकोप की नली के भीतर मरीज के दिल की धड़कन की ध्वनि बार-बार परावर्तित (Multiple Reflection) होती हुई आगे बढ़ती है और बिना तीव्रता खोए डॉक्टर के कानों तक साफ पहुँचती है।

अनुरणन (Reverberation)

  • प्रश्न 20: बंद कमरों या हॉल में जब कोई ध्वनि स्रोत बंद हो जाता है, तो उसके बाद भी कुछ समय तक ध्वनि गूंजती रहती. है। इस बहु-परावर्तन की घटना को क्या कहते हैं?
    • (A) अनुनाद
    • (B) विवर्तन
    • (C) अनुरणन (Reverberation)
    • (D) अपवर्तन
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि स्रोत के बंद होने के बाद भी हॉल की दीवारों, फर्श और छत से ध्वनि के बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण आवाज का कुछ समय तक बने रहना अनुरणन (Reverberation) कहलाता है। इसे कम करने के लिए हॉल में ध्वनि-अवशोषक पदार्थों का उपयोग किया जाता है।

ध्वनि का विवर्तन (Diffraction)

  • प्रश्न 42: ध्वनि तरंगों के मार्ग में कोई छोटा अवरोध या तीखा किनारा आने पर तरंगों के किनारे से मुड़कर आगे बढ़ जाने की घटना को क्या कहते हैं?
    • (A) परावर्तन
    • (B) अपवर्तन
    • (C) विवर्तन (Diffraction)
    • (D) व्यतिकरण
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: तरंगों का किसी अवरोध के किनारों से आंशिक रूप से मुड़ जाना विवर्तन (Diffraction) कहलाता है। ध्वनि का तरंगदैर्ध्य अधिक होने के कारण इसका विवर्तन आसानी से होता है, यही कारण है कि बाहर खड़े व्यक्ति की आवाज कमरे के अंदर सुनाई दे जाती है।

3. तरंग सिद्धांत, आयाम एवं आवृत्ति के गणितीय संबंध

तरंगों की आवृत्ति बदलने पर तरंगदैर्ध्य पर प्रभाव तथा आयाम और तीव्रता के बीच के वर्गात्मक संबंधों के प्रश्न।

आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य का संबंध

  • प्रश्न 12: यदि किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति (Frequency) को दोगुना कर दिया जाए, तो उसके तरंगदैर्ध्य (Wavelength) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    • (A) तरंगदैर्ध्य दोगुना हो जाएगा
    • (B) तरंगदैर्ध्य आधा रह जाएगा
    • (C) तरंगदैर्ध्य चार गुना हो जाएगा
    • (D) तरंगदैर्ध्य अपरिवर्तित रहेगा
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: तरंग की चाल, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य के बीच संबंध का सूत्र$$v = n \times \lambda$$(वेग = आवृत्ति $\times$ तरंगदैर्ध्य) होता है। एक ही माध्यम में वेग ($v$) स्थिर रहता है, जिससे आवृत्ति तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होती है। अतः आवृत्ति दोगुनी करने पर तरंगदैर्ध्य आधा (1/2) हो जाएगा।

तीव्रता और आयाम का संबंध

  • प्रश्न 43: यदि दो तरंगों के आयामों (Amplitudes) का अनुपात 2:3 है, तो उनकी तीव्रताओं (Intensities) का अनुपात क्या होगा?
    • (A) 2:3
    • (B) 4:9
    • (C) 3:2
    • (D) 9:4
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: किसी तरंग की तीव्रता ($I$) उसके आयाम ($A$) के वर्ग के समानुपाती होती है ($I \propto A^2$)। अतः आयामों का अनुपात 2:3 होने पर तीव्रताओं का अनुपात $2^2 : 3^2 = 4:9$ हो जाएगा।

4. पराश्रव्य एवं अपश्रव्य तरंगें और उनके अनुप्रयोग (SONAR & Infrasonic)

मनुष्य के कानों की श्रव्य सीमा से बाहर की तरंगों (सोनार तकनीक, भूकंप की तरंगें, टंकियों की सफाई) का व्यावहारिक विज्ञान।

पराध्वनिक विमान (Supersonic)

  • प्रश्न 4: पराध्वनिक विमान (Supersonic Planes) वायुमंडल में किस गति से उड़ान भरते हैं?
    • (A) प्रकाश की चाल से
    • (B) ध्वनि की चाल से कम गति पर
    • (C) ध्वनि की चाल से अधिक गति पर
    • (D) उपग्रहों के समान कक्षीय वेग पर
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब किसी पिंड की चाल उस माध्यम में ध्वनि की चाल से अधिक हो जाती है, तो उसे पराध्वनिक चाल (Supersonic Speed) कहते हैं। इसे मैक संख्या (Mach Number) द्वारा मापा जाता है। पराध्वनिक विमानों के लिए मैक संख्या का मान 1 से अधिक होता है।

सोनार (SONAR) तकनीक

  • प्रश्न 5: समुद्र की गहराई मापने, पानी के भीतर छुपी वस्तुओं या पनडुब्बियों का पता लगाने के लिए किस तकनीक का प्रयोग किया जाता है जिसमें पराश्रव्य तरंगों का उपयोग होता है?
    • (A) रडार (RADAR)
    • (B) सोनार (SONAR)
    • (C) लेज़र
    • (D) स्कोबा
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सोनार का पूरा नाम Sound Navigation and Ranging है। इस यंत्र में पराश्रव्य (Ultrasonic) तरंगों को पानी के भीतर भेजा जाता है, जो वस्तुओं से टकराकर लौटती हैं। इनके आने-जाने के समय से पानी के अंदर की दूरी और गहराई का सटीक पता लगाया जाता है।

भूकंप की तरंगें (अपश्रव्य तरंगें)

  • प्रश्न 31: भूकंप के समय पृथ्वी के भीतर से उत्पन्न होने वाली तरंगें मुख्य रूप से किस आवृत्ति वर्ग की होती हैं जिन्हें मनुष्य सीधे नहीं सुन सकता?
    • (A) पराश्रव्य तरंगें
    • (B) अपश्रव्य तरंगें (Infrasonic Waves)
    • (C) श्रव्य तरंगें
    • (D) सूक्ष्म तरंगें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट या बड़े भूस्खलन के समय बहुत कम आवृत्ति (जैसे 20 Hz से कम) की तरंगें पैदा होती हैं, जिन्हें अपश्रव्य तरंगें (Infrasonic Waves) कहते हैं। कुछ जानवर (जैसे हाथी या गेंडा) इन तरंगों को महसूस कर सकते हैं।

औद्योगिक सफाई में पराश्रव्य तरंगें

  • प्रश्न 37: औद्योगिक या वैज्ञानिक क्षेत्रों में पानी की टंकियों के अंदर जमी गंदगी, बारीक कीड़ों या कीमती कपड़ों से धूल के कणों को हटाने के लिए किन तरंगों का उपयोग किया जाता है?
    • (A) अपश्रव्य तरंगें
    • (B) पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves)
    • (C) श्रव्य तरंगें
    • (D) सूक्ष्म तरंगें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पराश्रव्य तरंगों की उच्च आवृत्ति के कारण माध्यम में तीव्र कंपन उत्पन्न होते हैं, जिससे सतहों पर चिपकी हुई धूल, ग्रीस या गंदगी के कण ढीले होकर अलग हो जाते हैं।

5. विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम और दैनिक जीवन के उपकरण (X-Ray, FM, IR)

अवरक्त किरणों (रिमोट कंट्रोल), एक्स-रे (सीटी स्कैन, क्रिस्टलोग्राफी), रडार, मोबाइल नेटवर्क और एफएम रेडियो की तकनीक।

अवरक्त तरंगें (Infrared) और नाइट विजन

  • प्रश्न 13: टेलीविजन के रिमोट कंट्रोल (Remote Control) में किस प्रकार की तरंगों का उपयोग संकेतों को भेजने के लिए किया जाता है?
    • (A) पराश्रव्य तरंगें
    • (B) अवरक्त तरंगें (Infrared Waves)
    • (C) रेडियो तरंगें
    • (D) सूक्ष्म तरंगें (Microwaves)
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: टीवी या अन्य घरेलू उपकरणों के रिमोट कंट्रोल में अदृश्य अवरक्त किरणों या तरंगों (Infrared Waves) का उपयोग किया जाता है। ये कम दूरी के संचार के लिए बहुत प्रभावी होती हैं और रिमोट के आगे लगी LED से निकलकर टीवी के सेंसर तक संदेश पहुँचाती हैं।
  • प्रश्न 36: रात्रि दृष्टि उपकरणों (Night Vision Devices) में घने अंधेरे या कोहरे में देखने के लिए किस विद्युत-चुंबकीय तरंग का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) रेडियो तरंगें
    • (B) सूक्ष्म तरंगें
    • (C) अवरक्त तरंगें (Infrared Waves)
    • (D) पराबैंगनी तरंगें
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सभी गर्म वस्तुएं अदृश्य थर्मल या अवरक्त (Infrared) विकिरण छोड़ती हैं। नाइट विजन कैमरे या दूरबीन इन तरंगों को ग्रहण करके स्क्रीन पर एक स्पष्ट थर्मल इमेज बना देते हैं, जिससे अंधेरे में भी इंसान या गाड़ियां साफ दिखाई देती हैं।

एक्स-किरणों (X-Rays) के अनुप्रयोग

  • प्रश्न 14: सिटी स्कैन (CT Scan) करने में चिकित्सा क्षेत्र में निम्नलिखित में से किन तरंगों या किरणों का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) अवरक्त किरणें
    • (B) पराश्रव्य तरंगें
    • (C) एक्स-किरणें (X-Rays)
    • (D) चुंबकीय तरंगें
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सीटी स्कैन का पूरा नाम Computed Tomography Scan है। इस प्रक्रिया में मानव शरीर के आंतरिक अंगों के त्रि-आयामी (3D) चित्र प्राप्त करने के लिए अत्यधिक परिष्कृत और नियंत्रित एक्स-किरणों (X-Rays) का प्रयोग किया जाता है।
  • प्रश्न 15: क्रिस्टल या हीरों की आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में मुख्य रूप से किस किरण का उपयोग किया जाता है?
    • (A) दृश्य प्रकाश
    • (B) एक्स-किरणें (X-Rays)
    • (C) पराबैंगनी किरणें
    • (D) बीटा किरणें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: क्रिस्टल के परमाणुओं के बीच की दूरी बहुत कम (एंग्स्ट्रॉम के पैमाने पर) होती है। एक्स-किरणों का तरंगदैर्ध्य भी इसी कोटि का होने के कारण जब ये क्रिस्टल से गुजरती हैं, तो इनका विवर्तन (Diffraction) होता है, जिससे क्रिस्टल की आंतरिक बनावट का सटीक पता चलता है।

रडार, मोबाइल नेटवर्क एवं संचार

  • प्रश्न 16: रडार (RADAR) तकनीक का उपयोग हवाई जहाजों और मिसाइलों की स्थिति जानने में होता है। रडार में किस प्रकार की विद्युत-चुंबकीय तरंगों का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) ध्वनि तरंगें
    • (B) रेडियो तरंगें (Radio Waves) या सूक्ष्म तरंगें
    • (C) पराश्रव्य तरंगें
    • (D) इन्फ्रासोनिक तरंगें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: रडार का पूरा नाम Radio Detection and Ranging है। यह हवा में उड़ते हुए विमानों, हेलीकॉप्टरों या मिसाइलों की दूरी, दिशा और गति का पता लगाने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करता है।
  • प्रश्न 17: एफ.एम. रेडियो (FM Radio) प्रसारण में ‘FM’ का पूर्ण रूप क्या होता है जो ध्वनि की गुणवत्ता को बढ़ाता है?
    • (A) फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन (Frequency Modulation)
    • (B) फिक्स्ड मोबिलिटी
    • (C) फॉरवर्ड मॉड्यूलेशन
    • (D) फ्रीक्वेंसी मिक्सिंग
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: FM का अर्थ फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन (Frequency Modulation) होता है। इस तकनीक में ऑडियो संकेतों के अनुसार कैरियर रेडियो तरंग की आवृत्ति को बदला जाता है। इसके कारण प्रसारण में बाहरी शोर (Noise) बहुत कम आता है और आवाज की क्वालिटी बहुत साफ होती है।
  • प्रश्न 19: हमारे मोबाइल फोन, वाई-फाई (Wi-Fi) और ब्लूटूथ (Bluetooth) उपकरणों में डेटा ट्रांसफर करने के लिए मुख्य रूप से किस तरंग का उपयोग किया जाता है?
    • (A) अवरक्त तरंगें
    • (B) सूक्ष्म तरंगें या रेडियो तरंगें (Micro/Radio Waves)
    • (C) पराबैंगनी तरंगें
    • (D) ध्वनि तरंगें
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: मोबाइल नेटवर्क, वाई-फाई और ब्लूटूथ जैसे वायरलेस संचार उपकरण उच्च आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों और सूक्ष्म तरंगों (Microwaves) का उपयोग करते हैं, जो वायुमंडल में बिना किसी तार के डिजिटल डेटा को तेजी से ले जाने में सक्षम होती हैं।
  • प्रश्न 32: दूरदर्शन (Television) प्रसारण में वीडियो या चित्र संदेशों को भेजने के लिए किस प्रकार के मॉड्यूलेशन का प्रयोग किया जाता है?
    • (A) आवृत्ति मॉड्यूलेशन (FM)
    • (B) आयाम मॉड्यूलेशन (AM)
    • (C) कला मॉड्यूलेशन
    • (D) कोण मॉड्यूलेशन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: टेलीविजन प्रसारण में ऑडियो (आवाज) भेजने के लिए फ्रीक्वेंसी मॉड्यूलेशन (FM) का उपयोग होता है, जबकि वीडियो (चित्रों) के संकेतों को प्रसारित करने के लिए एम्पलीट्यूड मॉड्यूलेशन या आयाम मॉड्यूलेशन (AM) का उपयोग किया जाता है।

गामा किरणें (सर्वाधिक ऊर्जा)

  • प्रश्न 18: निम्नलिखित में से किस विद्युत-चुंबकीय तरंग का तरंगदैर्ध्य (Wavelength) सबसे कम और आवृत्ति व ऊर्जा सबसे अधिक होती है?
    • (A) गामा किरणें (Gamma Rays)
    • (B) एक्स-किरणें
    • (C) पराबैंगनी किरणें
    • (D) रेडियो तरंगें
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में गामा किरणों ($\gamma$-rays) का तरंगदैर्ध्य सबसे छोटा होता है। प्लैंक के नियम ($E=h\nu$) के अनुसार, तरंगदैर्ध्य जितना छोटा होगा, उसकी आवृत्ति ($\nu$) और ऊर्जा उतनी ही अधिक होगी। इसीलिए गामा किरणों की भेदन क्षमता सबसे अधिक होती है।

स्पेक्ट्रम और तरंगदैर्ध्य संबंध

  • प्रश्न 29: पराबैंगनी (UV), दृश्य प्रकाश (Visible) तथा अवरक्त (Infrared) विकिरणों के तरंगदैर्ध्य के बीच सही संबंध निम्नलिखित में से कौन सा है?
    • (A) $\lambda_{\text{UV}} < \lambda_{\text{Visible}} < \lambda_{\text{IR}}$
    • (B) $\lambda_{\text{IR}} < \lambda_{\text{Visible}} < \lambda_{\text{UV}}$
    • (C) $\lambda_{\text{Visible}} < \lambda_{\text{UV}} < \lambda_{\text{IR}}$
    • (D) $\lambda_{\text{UV}} < \lambda_{\text{IR}} < \lambda_{\text{Visible}}$
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: विद्युत-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में पराबैंगनी किरणों का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है, दृश्य प्रकाश का उससे अधिक (400-700 nm) और अवरक्त विकिरण का तरंगदैर्ध्य इन दोनों से अधिक होता है।
  • प्रश्न 30: किसी सतह पर गिरते हुए प्रकाश या विकिरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
    • (A) पराबैंगनी विकिरण की तुलना में अवरक्त का तरंगदैर्ध्य अधिक होता है
    • (B) दृश्य प्रकाश के फोटॉन की ऊर्जा अवरक्त से अधिक होती है
    • (C) पराबैंगनी की तुलना में दृश्य प्रकाश के फोटॉन की ऊर्जा अधिक होती है
    • (D) अवरक्त विकिरण की आवृत्ति पराबैंगनी से कम होती है
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: यह कथन गलत है क्योंकि पराबैंगनी किरणों की आवृत्ति दृश्य प्रकाश से अधिक होती है, इसलिए प्लैंक के नियम ($E=h\nu$) के अनुसार पराबैंगनी किरणों के फोटॉन की ऊर्जा दृश्य प्रकाश से अधिक होती है, कम नहीं।

6. दोलन, सरल आवर्त गति एवं तरंग रूप (Oscillations & SHM)

झूले के आवर्तकाल पर गुरुत्व केंद्र का प्रभाव, लोलक घड़ियाँ (चंद्रमा पर व्यवहार), विस्पंद (Beats), और इलेक्ट्रॉनिक तरंग पैटर्न (CRO)।

झूले का आवर्तकाल (लड़की के खड़े होने का प्रभाव)

  • प्रश्न 21: एक लड़की झूले पर बैठी स्थिति में झूला झूल रही है। यदि वह लड़की झूले पर अचानक खड़ी हो जाए, तो झूले के आवर्तकाल (Time Period) पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    • (A) आवर्तकाल कम हो जाएगा
    • (B) आवर्तकाल बढ़ जाएगा
    • (C) आवर्तकाल अपरिवर्तित रहेगा
    • (D) झूला रुक जाएगा
  • उत्तर: (A)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब लड़की खड़ी होती है, तो उसका गुरुत्व केंद्र (Center of Gravity) ऊपर उठ जाता है, जिससे झूले की प्रभावी लंबाई ($l$) घट जाती है। आवर्तकाल के सूत्र$$T = 2\pi \sqrt{\frac{l}{g}}$$के अनुसार लंबाई घटने से आवर्तकाल कम हो जाएगा और झूला तेज गति से चलने लगेगा।

पेंडुलम घड़ी का चंद्रमा पर व्यवहार

  • प्रश्न 22: यदि किसी पेंडुलम या लोलक घड़ी को पृथ्वी से उठाकर चंद्रमा पर ले जाया जाए, तो उसकी समय अवधि या आवर्तकाल पर क्या असर होगा?
    • (A) आवर्तकाल घट जाएगा
    • (B) आवर्तकाल बढ़ जाएगा (घड़ी सुस्त हो जाएगी)
    • (C) आवर्तकाल वही रहेगा
    • (D) पेंडुलम काम करना बंद कर देगा
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: चंद्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण ($g$) का मान पृथ्वी के मान का 1/6 भाग होता है। आवर्तकाल गुरुत्वीय त्वरण के व्युत्क्रमानुपाती ($T \propto \frac{1}{\sqrt{g}}$) होता है, इसलिए चंद्रमा पर $g$ का मान घटने से पेंडुलम का आवर्तकाल बढ़ जाएगा, जिससे घड़ी सुस्त हो जाएगी।

सरल आवर्त गति (SHM) और प्रत्यानयन बल

  • प्रश्न 23: सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion – SHM) करने वाले किसी कण पर कार्य करने वाला प्रत्यानयन बल (Restoring Force) हमेशा किसके समानुपाती होता है?
    • (A) कण के वेग के
    • (B) कण के विस्थापन (Displacement) के
    • (C) कण के त्वरण के वर्ग के
    • (D) माध्यम की श्यानता के
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सरल आवर्त गति में प्रत्यानयन बल ($F$) हमेशा कण के विस्थापन ($x$) के अनुक्रमानुपाती होता है ($F \propto -x$) और इसकी दिशा हमेशा माध्य स्थिति (Mean Position) की ओर होती है।

विस्पंद (Beats)

  • प्रश्न 24: यदि दो एकसमान तारों की मूल आवृत्ति समान है और उन्हें एक साथ कंपन कराया जाता है, लेकिन उनके तनाव में थोड़ा सा अंतर कर दिया जाए, तो क्या घटना घटित होगी?
    • (A) केवल तेज शोर सुनाई देगा
    • (B) विस्पंद (Beats) उत्पन्न होंगे
    • (C) अनुनाद की स्थिति बनेगी
    • (D) कोई ध्वनि सुनाई नहीं देगी
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब लगभग समान आवृत्ति की दो ध्वनि तरंगें एक साथ एक ही दिशा में चलती हैं, तो उनके व्यतिकरण के कारण ध्वनि की तीव्रता में क्रमिक उतार-चढ़ाव होता है। इस घटना को विस्पंद (Beats) कहते हैं।

यांत्रिक तरंगों का संचरण (अनुदैर्ध्य बनाम अनुप्रस्थ)

  • प्रश्न 25: ठोस, द्रव और गैस में से किस माध्यम में ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (Longitudinal) रूप में और किसमें केवल अनुप्रस्थ (Transverse) रूप में चल सकती हैं?
    • (A) केवल गैसों में अनुप्रस्थ रूप में
    • (B) तीनों माध्यमों में अनुदैर्ध्य रूप में तथा ठोसों की सतह पर अनुप्रस्थ रूप में
    • (C) केवल निर्वात में दोनों रूपों में
    • (D) द्रवों के भीतर अनुप्रस्थ रूप में
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: अनुदैर्ध्य तरंगें तीनों माध्यमों (ठोस, द्रव, गैस) में गति कर सकती हैं क्योंकि इनके लिए आयतन प्रत्यास्थता की आवश्यकता होती है। अनुप्रस्थ यांत्रिक तरंगें केवल ठोसों में और द्रवों की ऊपरी सतह पर ही बन सकती हैं क्योंकि इनके लिए दृढ़ता की आवश्यकता होती है।

दिष्टकारी (Rectifier) आउटपुट आवृत्ति

  • प्रश्न 26: किसी दिष्टकारी (Rectifier) परिपथ में यदि इनपुट तरंग की आवृत्ति $n$ है, तो पूर्ण तरंग दिष्टकारी (Full Wave Rectifier) से निकलने वाली आउटपुट तरंग की आवृत्ति क्या होगी?
    • (A) n/2
    • (B) n
    • (C) 2n
    • (D) 3n/2
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: पूर्ण तरंग दिष्टकारी (Full Wave Rectifier) इनपुट AC सिग्नल के दोनों चक्रों (धनात्मक और ऋणात्मक) को दिष्ट धारा (DC) में बदल देता है, जिससे आउटपुट पल्स की आवृत्ति इनपुट आवृत्ति की दोगुनी यानी $2n$ हो जाती है।

सी.आर.ओ. (CRO) और प्रावस्था आरेख

  • प्रश्न 27: निम्नलिखित में से किस यंत्र का उपयोग करके ध्वनि तरंगों के पैटर्न को एक स्क्रीन या दोलनदर्शी (Oscilloscope) पर देखा जा सकता है?
    • (A) अमीटर
    • (B) सी.आर.ओ. (Cathode Ray Oscilloscope)
    • (C) गैल्वेनोमीटर
    • (D) हाइड्रोमीटर
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: कैथोड रे ऑसिलोस्कोप (CRO) एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो ध्वनि या विद्युत संकेतों के आयाम और आवृत्ति को स्क्रीन पर तरंग (Wave) के रूप में प्रदर्शित करता है।
  • प्रश्न 28: किसी आदर्श यांत्रिक दोलक के लिए उसके संवेग ($p$) तथा विस्थापन ($q$) के मध्य खींचा गया ग्राफ या प्रावस्था आरेख (Phase Diagram) किस आकृति का होता है?
    • (A) एक सरल रेखा
    • (B) एक परवलय (Parabola)
    • (C) एक वृत्त
    • (D) एक दीर्घवृत्त (Ellipse)
  • उत्तर: (D)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: सरल आवर्त गति में ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार संवेग और विस्थापन का संबंध एक द्विघात समीकरण बनाता है, जिसका प्रावस्था आरेख हमेशा एक दीर्घवृत्त (Ellipse) के रूप में प्रदर्शित होता है।

एनीमोमीटर का कार्य

  • प्रश्न 33: स्वचालित वाहनों की गति या हवा के वेग को मापने के लिए प्रयुक्त होने वाले यंत्र ‘एनीमोमीटर’ (Anemometer) का मुख्य कार्य क्या है?
    • (A) ध्वनि की तीव्रता मापना
    • (B) वायु की गति और दाब मापना
    • (C) पानी की गहराई मापना
    • (D) समय का सटीक मापन
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: एनीमोमीटर एक वैज्ञानिक उपकरण है जिसका उपयोग मौसम विज्ञान में पवन या वायु के वेग (Speed of Wind)… और उसकी दिशा को मापने के लिए किया जाता है।

सेकंड लोलक (Seconds Pendulum) और लंबाई परिवर्तन का प्रभाव

  • प्रश्न 34: सेकंड लोलक (Seconds Pendulum) का आवर्तकाल (Time Period) कितना होता है जिसके उपयोग घड़ियों में समय मापन के लिए किया जाता है?
    • (A) 1 सेकंड
    • (B) 2 सेकंड
    • (C) 0.5 सेकंड
    • (D) 4 सेकंड
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: ऐसा लोलक जिसका आवर्तकाल ठीक 2 सेकंड होता है, उसे सेकंड लोलक कहते हैं। इसे माध्य स्थिति से एक तरफ जाने में 1 सेकंड और वापस आने में 1 सेकंड का समय लगता है।
  • प्रश्न 35: यदि किसी सरल लोलक की लंबाई को चार गुना ($4L$) कर दिया जाए, तो उसके आवर्तकाल पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
    • (A) आवर्तकाल अपरिवर्तित रहेगा
    • (B) आवर्तकाल चार गुना हो जाएगा
    • (C) आवर्तकाल दोगुना हो जाएगा
    • (D) आवर्तकाल आधा रह जाएगा
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: आवर्तकाल का नियम लंबाई के वर्गमूल के समानुपाती होता है ($T \propto \sqrt{l}$)। जब लंबाई को बढ़ाकर 4 गुना किया जाता है, तो $\sqrt{4} = 2$ होने के कारण आवर्तकाल पहले से ठीक दोगुना हो जाएगा।

आवर्ती गति का उदाहरण

  • प्रश्न 44: यांत्रिक घड़ी के संतुलन चक्र (Balance Wheel) या घड़ी के स्प्रिंग की गति निम्नलिखित में से किस गति का सटीक उदाहरण है?
    • (A) रैखिक गति
    • (B) आवर्ती गति (Periodic Motion)
    • (C) प्रक्षिप्त गति
    • (D) अनियमित गति
  • उत्तर: (B)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जो गति एक निश्चित समयांतराल के बाद खुद को बार-बार दोहराती है, उसे आवर्ती गति कहते हैं। घड़ी के पेंडुलम या बैलेंस व्हील की गति इसी नियम पर कार्य करती है।

अनुनाद (Resonance)

  • प्रश्न 45: जब किसी रेडियो ट्यूनर के नॉब को घुमाकर हम किसी विशेष स्टेशन (जैसे 93.5 FM) के साथ मैच करते हैं, तो रेडियो से साफ आवाज आने लगती है। यह परिघटना भौतिकी के किस सिद्धांत पर आधारित है?
    • (A) व्यतिकरण
    • (B) विवर्तन
    • (C) अनुनाद (Resonance)
    • (D) ध्रुवण
  • उत्तर: (C)
  • वैज्ञानिक व्याख्या: जब रेडियो के आंतरिक परिपथ की स्वाभाविक आवृत्ति बाहर से आने वाली किसी स्टेशन की विद्युत-चुंबकीय तरंग की आवृत्ति के बिल्कुल बराबर हो जाती है, तो आयाम अधिकतम हो जाता है। इस घटना को अनुनाद (Resonance) कहते हैं।