प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सामान्य विज्ञान के अंतर्गत भौतिक विज्ञान (Physics Study Material) के महत्वपूर्ण विषयों जैसे ध्वनि तरंगें, ध्वनि की तीव्रता, और विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल से संबंधित टॉप 20 बहुविकल्पीय प्रश्न पूरी वैज्ञानिक व्याख्या के साथ यहाँ पढ़ें।
1. ध्वनि तरंगों के प्रकार एवं श्रव्यता सीमा (Types of Sound Waves & Audible Range)
इस खंड में तरंगों के वर्गीकरण (अपश्रव्य, श्रव्य, पराश्रव्य) और मानव कान की सुनने की क्षमताओं से संबंधित प्रश्नों का संकलन है।
श्रव्यता सीमा और पराश्रव्य तरंगें
- प्रश्न 1: चमगादड़ अंधेरी रातों में उड़ सकते हैं और अपना शिकार भी कर सकते हैं। इसका मुख्य वैज्ञानिक कारण क्या है?
- (A) उनकी आँखों के तारे बहुत बड़े होते हैं
- (B) उनकी रात्रि दृष्टि (Night Vision) बहुत उत्तम होती है
- (C) वे पराश्रव्य तरंगें (Ultrasonic Waves) उत्पन्न करते हैं और उन्हीं के द्वारा निर्देशित होते हैं
- (D) उनके पंखों से एक विशेष प्रकार की रोशनी निकलती है
- उत्तर: (C)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चमगादड़ उड़ते समय लगातार 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति वाली पराश्रव्य तरंगें छोड़ते हैं। जब ये तरंगें सामने किसी दीवार या शिकार से टकराकर वापस लौटती हैं, तो चमगादड़ उनके परावर्तन (Echo) को सुनकर अपनी दिशा और दूरी का सटीक निर्धारण कर लेते हैं।
- प्रश्न 2: पराश्रव्य तरंगों (Ultrasonic Waves) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- ये कीड़ों को नष्ट कर सकती हैं।
- ये कपड़ों से धूल हटाकर उन्हें साफ कर सकती हैं।
- इनका उपयोग बीमारियों के उपचार (जैसे सोनोग्राफी) के लिए किया जा सकता है।
- ये स्वचालित दरवाजों को नियंत्रित कर सकती हैं।
- उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
- (A) 1 और 2
- (B) 3 और 4
- (C) 1, 2 और 3
- (D) 1, 2, 3 और 4
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: पराश्रव्य तरंगों की आवृत्ति और ऊर्जा बहुत उच्च होती है। इसके कारण ये कीड़ों को नष्ट करने, चिमनियों की कालिथ साफ करने, चिकित्सा क्षेत्र में ट्यूमर का पता लगाने, सोनोग्राफी करने तथा रिमोट कंट्रोल और स्वचालित दरवाजों को संचालित करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
- प्रश्न 3: मनुष्य की श्रव्यता की सीमा (Audible Range) सामान्यतः कितनी होती है?
- (A) 20 Hz से 20,000 Hz तक
- (B) 80 Hz से 100 Hz तक
- (C) 200,000 Hz से ऊपर
- (D) 0 Hz से 20 Hz तक
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मानव कान केवल उन्हीं यांत्रिक तरंगों को सुन सकते हैं जिनकी आवृत्ति 20 हर्ट्ज़ से 20,000 हर्ट्ज़ के बीच होती है। 20 Hz से कम की तरंगों को अपश्रव्य (Infrasonic) और 20,000 Hz से अधिक की तरंगों को पराश्रव्य (Ultrasonic) कहते हैं, जिन्हें मनुष्य नहीं सुन सकता।
चिकित्सा में उपयोग
- प्रश्न 4: एक जैव पद्धति जिसमें पराश्रव्य ध्वनि (Ultrasonic Sound) का व्यापक उपयोग किया जाता है, वह कौन सी है?
- (A) सोनोग्राफी (Sonography)
- (B) ई.सी.जी. (ECG)
- (C) ई.ई.जी. (EEG)
- (D) एक्स-रे (X-Ray)
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: चिकित्सा विज्ञान में सोनोग्राफी या अल्ट्रासाउंड तकनीक के अंतर्गत पराश्रव्य ध्वनियों का उपयोग किया जाता है। ये तरंगें शरीर के आंतरिक अंगों से टकराकर लौटती हैं, जिससे कंप्यूटर पर उन अंगों का वास्तविक चित्र (Image) तैयार किया जाता है।
2. विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की चाल (Speed of Sound in Different Media)
इस खंड में माध्यम (ठोस, द्रव, गैस), निर्वात, तापमान और आर्द्रता का ध्वनि की गति पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण है।
संचरण के नियम
- प्रश्न 5: ध्वनि तरंगों (Sound Waves) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन पूरी तरह सत्य है?
- (A) ये केवल निर्वात में चल सकती हैं
- (B) ये केवल ठोस माध्यम में चल सकती हैं
- (C) इन्हें चलने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती
- (D) ये तिरछी और सीधी दोनों रूपों में चल सकती हैं तथा निर्वात में नहीं चल सकतीं
- उत्तर: (D)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि तरंगें यांत्रिक अनुदैर्ध्य तरंगें हैं, जिन्हें संचरण के लिए किसी न किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की अनिवार्य आवश्यकता होती है। कणों की अनुपस्थिति के कारण ध्वनि निर्वात (Vacuum) में यात्रा नहीं कर सकती।
- प्रश्न 6: वायु में ध्वनि की चाल (Speed of Sound in Air) सामान्य तापमान और दबाव पर लगभग कितनी होती है?
- (A) 10 किमी/सेकंड
- (B) 332 मीटर/सेकंड
- (C) $3 \times 10^8$ मीटर/सेकंड
- (D) 332 किमी/सेकंड
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: $0^\circ\text{C}$ शुष्क वायु में ध्वनि की गति लगभग 332 मीटर प्रति सेकंड ($\approx 1195$ किमी/घंटा) होती है। तापमान बढ़ने पर वायु में ध्वनि की चाल थोड़ी बढ़ जाती है (प्रति $1^\circ\text{C}$ बढ़ने पर 0.61 m/s की वृद्धि)।
- प्रश्न 7: जब कोई तीव्र प्रकाश वाली बिजली चमकती है, तो कड़कने की आवाज बिजली की चमक दिखाई देने के कुछ समय बाद सुनाई देती है। इसका क्या कारण है?
- (A) ध्वनि तरंगें बाद में पैदा होती हैं
- (B) प्रकाश की चाल ध्वनि की चाल से बहुत अधिक होती है
- (C) ध्वनि की चाल प्रकाश से अधिक होती है
- (D) बादल ध्वनि को रोक लेते हैं
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हवा में प्रकाश की चाल अत्यंत तीव्र यानी $3 \times 10^8$ m/s (3 लाख किमी/सेकंड) होती है, जबकि ध्वनि की चाल केवल 332 m/s होती है। यही कारण है कि चमक हमारे पास तुरंत पहुँच जाती है, पर आवाज को पहुँचने में कुछ सेकंड का समय लगता है।
माध्यम एवं वातावरणीय प्रभाव
- प्रश्न 8: निम्नलिखित माध्यमों— 1. लोहा (ठोस), 2. जल (द्रव), 3. वायु (गैस) में ध्वनि की चाल का सही आरोही क्रम (बढ़ता हुआ क्रम) क्या होगा?
- (A) 1 < 2 < 3
- (B) 3 < 2 < 1
- (C) 2 < 1 < 3
- (D) 3 < 1 < 2
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि की चाल माध्यम के प्रत्यास्थता गुणांक और घनत्व पर निर्भर करती है। ध्वनि की चाल सबसे कम गैसों में (वायु में $\approx 332$ m/s), उससे अधिक द्रवों में (जल में $\approx 1400-1500$ m/s), और सबसे अधिक ठोस पदार्थों में (लोहे में $\approx 5000$ m/s) होती है।
- प्रश्न 9: वायु में ध्वनि का वेग किस पर निर्भर नहीं करता है?
- (A) वायु के तापमान पर
- (B) वायु के दबाव (Pressure) पर
- (C) वायु की आर्द्रता (Humidity) पर
- (D) हवा के बहाव की दिशा पर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: आदर्श गैस समीकरण के अनुसार, यदि तापमान स्थिर रहे, तो दाब बदलने पर भी माध्यम के घनत्व का अनुपात इस तरह बदलता है कि ध्वनि का वेग पूरी तरह अपरिवर्तित रहता है। तापमान और आर्द्रता बढ़ने पर ध्वनि का वेग बढ़ता है।
- प्रश्न 10: वायु में आर्द्रता (Moisture / Humidity) के बढ़ने पर ध्वनि के वेग पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- (A) ध्वनि का वेग घट जाता है
- (B) ध्वनि का वेग बढ़ जाता है
- (C) ध्वनि का वेग स्थिर रहता है
- (D) ध्वनि का वेग शून्य हो जाता है
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: नम वायु (आर्द्र हवा) का घनत्व शुष्क वायु की तुलना में कम होता है। चूंकि ध्वनि का वेग माध्यम के घनत्व के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए हवा में नमी या आर्द्रता बढ़ने से ध्वनि की चाल बढ़ जाती है। यही कारण है कि बरसात के दिनों में दूर की आवाजें भी साफ सुनाई देती हैं।
3. प्रतिध्वनि, गूंज एवं अनुरणन (Echo & Reverberation)
ध्वनि के परावर्तन के नियम, स्पष्ट प्रतिध्वनि के मानक और ऑडिटोरियम में गूंज नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियाँ।
- प्रश्न 11: जब हम किसी ऊँची इमारत या पहाड़ के सामने जोर से चिल्लाते हैं, तो हमें अपनी ही आवाज कुछ सेकंड बाद दोबारा सुनाई देती है। इस घटना को क्या कहते हैं?
- (A) ध्वनि का अपवर्तन
- (B) प्रतिध्वनि या गूंज (Echo)
- (C) ध्वनि का विवर्तन
- (D) अनुनाद
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जब ध्वनि तरंगें किसी दूर स्थित बड़े अवरोध (जैसे पहाड़ या दीवार) से टकराकर परावर्तित होकर वापस हमारे कानों तक आती हैं, तो उसे प्रतिध्वनि (Echo) कहते हैं।
- प्रश्न 12: स्पष्ट प्रतिध्वनि (Clear Echo) सुनने के लिए मूल ध्वनि और परावर्तित ध्वनि के बीच कम से कम कितना समयांतराल होना आवश्यक है?
- (A) 1 सेकंड
- (B) 0.1 सेकंड
- (C) 0.01 सेकंड
- (D) 10 सेकंड
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: मानव मस्तिष्क और कानों पर किसी भी ध्वनि का प्रभाव लगभग 1/10 सेकंड (0.1 सेकंड) तक बना रहता है, जिसे श्रवण स्थायित्व (Persistence of Hearing) कहते हैं। यदि परावर्तित ध्वनि 0.1 सेकंड के बाद आएगी, तभी हमारा मस्तिष्क उसे मूल ध्वनि से अलग पहचान पाएगा।
- प्रश्न 13: सामान्य ताप पर हवा में स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए परावर्तक सतह (दीवार या पहाड़) की श्रोता से न्यूनतम दूरी कम से कम कितनी होनी चाहिए?
- (A) 34 मीटर
- (B) 17 मीटर
- (C) 100 मीटर
- (D) 5 मीटर
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: हवा में ध्वनि का वेग $\approx 340$ m/s मानने पर, 0.1 सेकंड में ध्वनि द्वारा तय की गई कुल दूरी 34 मीटर होगी। चूंकि ध्वनि को जाने और वापस आने में यह दूरी तय करनी है, इसलिए न्यूनतम दूरी 34/2 = 17 मीटर (सटीक मान 16.6-17.2 m) होनी चाहिए।
- प्रश्न 14: सिनेमा हॉल, बड़े ऑडिटोरियम या संगीत कक्षों की दीवारों और छतों पर फाइबर ग्लास, थर्माकोल या सोखने वाले खुरदरे पदार्थों का उपयोग क्यों किया जाता है?
- (A) हॉल की सुंदरता बढ़ाने के लिए
- (B) ध्वनि के बहु-परावर्तन के कारण होने वाली गूंज (Reverberation) को रोकने के लिए
- (C) हॉल को पूरी तरह वातानुकूलित रखने के लिए
- (D) बाहरी शोर को अंदर आने से रोकने के लिए
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: बड़े हॉलों में ध्वनि दीवारों से बार-बार टकराकर आपस में मिल जाती है, जिससे आवाज स्पष्ट नहीं सुनाई देती। इसे अनुरणन या गूंज (Reverberation) कहते हैं। नरम और छिद्रयुक्त पदार्थ ध्वनि तरंगों को सोख लेते हैं और परावर्तन को रोकते हैं।
4. ध्वनि के लक्षण: तारत्व एवं तीव्रता (Pitch & Intensity)
ध्वनि की प्रबलता (डेसिबल स्तर), पुरुषों-महिलाओं की आवाज में अंतर और WHO के सुरक्षा मानक।
- प्रश्न 15: ध्वनि के किस गुण के कारण पुरुषों की तुलना में महिलाओं और बच्चों की आवाज अधिक तीखी, पतली और सुरीली सुनाई देती है?
- (A) ध्वनि की तीव्रता (Intensity)
- (B) ध्वनि का तारत्व (Pitch)
- (C) ध्वनि की गुणता (Quality)
- (D) ध्वनि का आयाम
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि का पतला या मोटा होना उसके तारत्व (Pitch) पर निर्भर करता है, जो सीधे ध्वनि की आवृत्ति (Frequency) से जुड़ा है। महिलाओं के वोकल कॉर्ड छोटे होने के कारण उनकी आवाज की आवृत्ति और तारत्व अधिक होता है, जिससे उनकी आवाज पतली और तीखी होती है।
- प्रश्न 16: ध्वनि की तीव्रता (Loudness) को मापने का प्रामाणिक व्यावसायिक मात्रक निम्नलिखित में से कौन सा है?
- (A) हर्ट्ज़
- (B) डेसिबल (Decibel – dB)
- (C) मीटर/सेकंड
- (D) पास्कल
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: ध्वनि की प्रबलता या तीव्रता को डेसिबल (dB) में मापा जाता है। अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के सम्मान में बड़े मात्रक को ‘बेल’ और उसके दसवें हिस्से को ‘डेसिबल’ कहा जाता है। हर्ट्ज़ आवृत्ति का मात्रक है।
- प्रश्न 17: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मानव स्वास्थ्य के लिए सबसे सुरक्षित और उत्तम ध्वनि तीव्रता स्तर कितना माना गया है?
- (A) 45 dB
- (B) 75 dB
- (C) 90 dB
- (D) 120 dB
- उत्तर: (A)
- वैज्ञानिक व्याख्या: WHO के मानकों के अनुसार, इंसानी कानों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए 45 डेसिबल तक की ध्वनि को सर्वोत्तम और सुरक्षित माना गया है। 80 dB से अधिक की ध्वनि लगातार सुनने पर बहरेपन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
- प्रश्न 18: जब दो लोग आपस में सामान्य बातचीत (Normal Conversation) करते हैं, तो उस समय उत्पन्न ध्वनि का स्तर लगभग कितने डेसिबल होता है?
- (A) 10 से 15 dB
- (B) 30 से 40 dB
- (C) 60 से 70 dB
- (D) 90 से 100 dB
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: बहुत धीमी फुसफुसाहट लगभग 15-20 dB की होती है। दो व्यक्तियों के बीच होने वाली सामान्य बातचीत का स्तर 30 से 40 डेसिबल के बीच होता है। तेज चिल्लाने या भारी ट्रैफिक की आवाज 70-80 dB तक पहुँच जाती है।
5. पराध्वनिक चाल एवं प्रघाती तरंगें (Supersonic Speed & Shock Waves)
मैक संख्या (Mach Number) और सुपरसोनिक जेट विमानों से उत्पन्न होने वाले सोनिक बूम का वैज्ञानिक कारण।
- प्रश्न 19: जब कोई जेट विमान हवा में ध्वनि की चाल से भी अधिक तीव्र गति से उड़ता है, तो उसकी चाल को किस संख्या में मापा जाता है?
- (A) डेसिबल संख्या
- (B) मैक संख्या (Mach Number)
- (C) प्रकाश संख्या
- (D) नॉट संख्या
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जब किसी वस्तु की चाल माध्यम में ध्वनि की चाल से अधिक होती है, तो पिंड की चाल और ध्वनि की चाल के अनुपात को मैक संख्या कहते हैं। यदि मैक संख्या 1 से अधिक हो, तो गति को सुपरसोनिक (पराध्वनिक) कहा जाता है।
- प्रश्न 20: पराध्वनिक विमानों (Supersonic Jets) के हवा में तीव्र गति से निकलने के कारण वायुमंडल में एक बहुत तीव्र दबाव वाली तरंग पैदा होती है, जिससे खिड़कियों के काँच तक टूट सकते हैं। इन तरंगों को क्या कहते हैं?
- (A) पराश्रव्य तरंगें
- (B) प्रघाती तरंगें (Shock Waves / Sonic Boom)
- (C) अनुनादी तरंगें
- (D) स्थिर तरंगें
- उत्तर: (B)
- वैज्ञानिक व्याख्या: जब कोई विमान ध्वनि की गति से तेज चलता है, तो वह अपने पीछे शंकु के आकार की विक्षोभ तरंगें छोड़ता है, जिन्हें प्रघाती तरंगें (Shock Waves) कहते हैं। इनके पृथ्वी की सतह पर पहुँचने पर एक बहुत तेज धमाका सुनाई देता है जिसे ‘सोनिक बूम’ कहते हैं।